चंदौली के सरकारी गोदाम में पहुंचा धान का उन्नत बीज:किसानों को मिलेगी सब्सिडी, नाटी मंसूरी की अधिक डिमांड

चंदौली8 दिन पहले

चंदौली में धान का कटोरा कहे जाने वाले जिले में खरीफ की खेती के लिए नर्सरी डालने को लेकर धीरे-धीरे तैयारी शुरू हो गई है। ऐसे में कृषि विभाग के गोदाम में भी उन्नतशील धान के बीज पहुंच गया है। शनिवार को ट्रक की एक खेप में धान की महीन प्रजाति की बीज को उतारा गया। इसमें विशेष रूप से सम्भा सब वन, सी आर्ट फोर, एचयूआर 917 प्रजाति के बीज शामिल है।

धान के कटोरा के रूप पहचान
चंदौली जिले में लगभग सवा लाख हेक्टेयर में धान की खेती होती है। चंदौली को धान के कटोरा के रूप में भी पूरे भारत में पहचान मिली है। खासकर के जिले का नरवन और करइल का इलाका नाटी मंसूरी और महीन प्रजाति के धान के उत्पादन के लिए जाना जाता है। ऐसी में खरीफ के सीजन शुरू होने से पहले ही किसानों को उन्नत प्रजाति के बीज उपलब्ध कराने के लिए कृषि विभाग के अफसर सक्रिय दिख रहे हैं।

बीज गोदाम पर भेजा जाएगा
सोमवार को जिला मुख्यालय स्थित कृषि विभाग के केंद्रीय बीज गोदाम में धान की तीन महीन और उन्नत प्रजाति के बीज को ट्रक से अनलोडिंग की गई। इसमें लगभग 400 क्विंटल से अधिक धान के बीज शामिल है। केंद्रीय गोदाम प्रभारी सुरेश चंद्रशेखर ने बताया कि ट्रक से लगभग 400 कुंतल धान की महीन प्रजातियों को उतारा गया है। इसके बाद इसे बिक्री के लिए जिले के राजकीय बीज गोदाम पर भेजा जाएगा। किसान केवल सरकारी गोदाम से बीज खरीदे। इससे उनके उत्पादन को बढ़ाने में मदद मिलती है।

नाटी मंसूरी की अधिक डिमांड
चंदौली जिले में नाटी मंसूरी (MTU 2970) की अधिक है। किसानों में इसको लेकर अभी भी ज्यादा मांग रहती है। उनका मानना है कि जिले की जलवायु और अधिक उत्पादन से मुनाफा होता है। वही क्रय केंद्रों पर नाटी मंसूरी को बेचने में आसानी रहती है।

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