चंदौली में पुलिस का अजब कारनामा:सिकटिया कांड में CO ने गवाही के लिए मृतक को भेज दिया नोटिस, एक दर्जन अन्य को भी बुलाया

चंदौली8 महीने पहले
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सीओ सदर अनिल राय और उनके द्वारा भेजा गया नोटिस। - Dainik Bhaskar
सीओ सदर अनिल राय और उनके द्वारा भेजा गया नोटिस।

चंदौली के सिकटिया गांव में बीते 13 नवंबर को एक युवक विशाल पासवान की पीट पीट कर हत्या कर दी गई थी। अब इस मामले में पुलिस ने एक दर्जन लोगों को गवाही देने का नोटिस जारी किया है। हालांकि, सवाल इसलिए उठ रहे हैं कि नोटिस मृतक विशाल पासवान को भी भेजा गया है। सीओ सदर अनिल राय ने घटना से जुड़े पासवान बस्ती के लोगों को नोटिस जारी करते हुए दो दिन के भीतर कार्यालय में उपस्थित होकर अपना बयान दर्ज कराने को कहा है। नोटिस में विशाल पासवान का भी नाम है, जो कि सिकटिया कांड की घटना में मर चुका है।

क्या है सिकटिया कांड ?

चंदौली जनपद के अलीनगर थाना क्षेत्र के सिकटिया गांव के तिराहे पर 13 नवंबर की सुबह सुबह युवक विशाल पासवान की गांव के ही कुछ लोगों द्वारा लाठी डंडे से पीट-पीट कर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में पुलिस ने आरोपी पक्ष के 10 लोगों के ऊपर नामजद मुकदमा दर्ज किया था। मामला इतना तूल पकड़ा की मुगलसराय विधायक इस साधना सिंह ने सदर सीओ अनिल राय और पुलिसकर्मियों के कार्यशैली को पर सवाल उठाया था। आनन-फानन में 3 दिनों तक कार्रवाई करते हुए पुलिस ने मामले में नामजद नौ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। हालांकि, इस मामले में पूर्व विधायक बब्बन सिंह चौहान के करीबी अमर जायसवाल उर्फ मोनू की गिरफ्तारी अभी नहीं हो सकी है।

मृतक विशाल पासवान।
मृतक विशाल पासवान।

घटना के लिए सीओ को दोषी ठहरा चुकी हैं विधायक

सिकटिया मामले में पुलिस की खूब किरकिरी हुई। सिकटिया घटना के मुख्य आरोपी कमला यादव की पत्नी सरस्वती देवी की ओर से दिए गए प्रार्थना पत्र की जांच सीओ सदर अनिल राय कर रहे हैं। उन्होंने नोटिस जारी करते हुए आवेदिका सरस्वती देवी सहित विशाल पासवान, अजय पासवान, विक्की पासवान आदि एक दर्जन लोगों को दो दिन के भीतर कार्यालय में उपस्थित होकर बयान दर्ज कराने को कहा है। नोटिस तामील कराने की जिम्मेदारी अलीनगर थाना प्रभारी को दी गई है। बहरहाल इस लापरवाही ने एक बार फिर महकमे की किरकिरी करा दी है। पुलिस की जांच और अधिकारियों की सक्रियता भी सवालों के घेरे में आ गई है। पुलिस अधीक्षक अंकुर अग्रवाल ने बताया कि मामला गंभीर है। इस गलती को ठीक कराया जाएगा। नोटिस जारी करने में लापरवाही बरती गई है।