चंदौली जिले की दूसरी महिला डीएम होंगी ईशा दुहन:बिना फोर्स के माफियाओं पर की थी छापेमारी, संजीव सिंह को नहीं मिली अभी तैनाती

चंदौली7 दिन पहले
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चंदौली की नई डीएम बनकर आ रहीं ईशा दुहन की गिनती तेज-तर्रार आईएएस अधिकारियों में होती है। ईशा 2014 बैच की आईएएस अफसर के रूप में बतौर डीएम पहली पोस्टिंग है। इसके पूर्व वाराणसी विकास प्राधिकरण उपाध्यक्ष, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट वाराणसी, सीडीओ बुलंदशहर और मेरठ में अपनी सेवाएं दे चुकी हैं।

ईशा दुहन मूलरूप से हरियाणा के पंचकूला की रहने वाली हैं। इन्होंने बीटेक बायोटेक्नोलाजी से करने के बाद पहले ही प्रयास में यूपीएससी की परीक्षा पास कर ली। आल इंडिया 59वीं रैंक हासिल की थी। वाराणसी में लेडी सिंघम के नाम से मशहूर ईशा दुहन का नाम भू माफियाओं के लिए बुरे सपने से कम नहीं है।

ईशा दुहन एक कार्यक्रम के दौरान।
ईशा दुहन एक कार्यक्रम के दौरान।

भू माफियाओं पर नकेल कस दी थी
बतौर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट वाराणसी के राजातालाब की एसडीएम रहने के दौरान भू माफियाओं पर नकेल कस दी थी। 2017 में रोहनिया में बगैर फोर्स के एक डंडा लेकर खनन माफियाओं के ठिकाने पर छापेमारी कर दी थी। ग्रामीणों की मदद से उन्हें पकड़ भी लिया। पान खाकर एक व्यक्ति उनके दफ्तर में घुसा तो उसपर पांच सौ का जुर्माना लगा दिया था।

निर्माणों पर बुल्डोजर चलवा चुकी हैं
वीडीए उपाध्यक्ष रहने के दौरान कई अवैध निर्माणों पर बुल्डोजर चलवा चुकी हैं। ये कड़े फैसले लेने के लिए जानी जाती हैं। लेकिन दबंग लेडी अफसर ईशा दुहन की जनता में छवि जनप्रिय अधिकारी के रूप में है। ईशा दुहन अपने पिता से काफी प्रभावित रहीं हैं। इनके पिता ईश्वर दुहन आईटीबीपी में डीआईजी रह चुके हैं।

ईशा दुहन को लेडी सिंघम के नाम से भी जाना जाता है।
ईशा दुहन को लेडी सिंघम के नाम से भी जाना जाता है।

आईएस संजीव सिंह किए गए प्रतिक्षारत
चंदौली के डीएम रहे आईएस संजीव सिंह की जगह शासन ने अब ईशा दुहन को तैनात किया है। हालांकि संजीव सिंह का तबादला होने के बाद उन्हे नई तैनाती नहीं मिली है। सूत्रों की माने तो शनिवार की देर शाम से ही संजीव सिंह लखनऊ में जमे हुए है। उनके प्रतिक्षारत किए जाने के पीछे सदर ब्लाक में हुए सामूहिक विवाह के दौरान भ्रष्टाचार उजागर होने को भी प्रमुख वजह मानते हुए लोग चर्चा कर रहे है।

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