चंदौली से 21 बंधुआ मजदूरों को कराया मुक्त:भागकर पहुंचे थे स्टेशन, आरपीएफ ने बचपन बचाओ संस्था को सौंपा

चंदौली10 दिन पहले
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चंदौली के डीडीयू जंक्शन पर तैनात आरपीएफ की टीम ने मंगलवार की देर शाम 21 बधुआ मजदूरों को बरामद किया है। इसमें 11 नाबालिग बच्चें शामिल हैं। सभी मजदूर ओड़िसा प्रांत के निवासी हैं, जिन्हें वाराणसी के लोहता इलाके में एक कांक्रिट स्लीपर निर्माण करने वाली कंपनी में रखा गया था। बचपन बचाओ संस्था के सदस्यों ने कंपनी पहुंच इस बात की पुष्टी की।

जानकारी के अनुसार आरपीएफ के प्रभारी निरीक्षक संजीव कुमार दल बल के सा‌थ डीडीयू जंक्शन के प्लेटफार्म पर गश्त कर रहे थे। इसी बीच रेलवे के फुट ओवर ब्रिज पर 21 मजदूर सहमे हुए हालत में दिखे। बच्चों से पूछने पर पता चला कि वे वाराणसी के लोहता इलाके में एक कांक्रीट स्लीपर बनाने वाली कंपनी में कई महीने से कार्य करते हैं। उनके सुपरवाइज़र के द्वारा कई महीनों से उनके मजदूरी का भुगतान नहीं किया गया है। लोगों के घर लौटने की बात पर वह धमकी देता था। ऐसे में मौका पाकर सभी वहां से भाग निकले है। सभी ओडिसा प्रांत के रायगढ़ के हैं।

बचपन बचाओ संस्था ने कंपनी पहुंच मजदूरों का किया सत्यापन

आरपीएफ प्रभारी ने सभी बच्चों को कब्जे में लेने के बाद उच्चाधिकारियों और बचपन बचाओ संस्था के लोगों को सूचना दी। इसके बाद संस्था के लोगों ने वाराणसी के श्रम विभाग के अफसरों के साथ कंपनी पहुंच सभी मजदूरों का सत्यापन किया। इसमें 11 बच्चे नाबालिग पाए गए। आरपीएफ प्रभारी संजीव कुमार ने बताया कि सभी बच्चों को बचपन बचाओ संस्था के लोगों को सौंपा गया है, जो उन्हें सकुशल उनके घर भेज देंगे।

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