चंदौली में किसानों को किया गया जागरूक:रासायनिक उर्वरक की जगह कंपोजिट खाद का करे उपयोग, इससे बढ़ती है उर्वरा शक्ति

चंदौली7 महीने पहले
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चंदौली में किसानों को कृषि विषेशज्ञों ने किया जागरूक। - Dainik Bhaskar
चंदौली में किसानों को कृषि विषेशज्ञों ने किया जागरूक।

चंदौली में बायो फर्टिलाइजर कृभको ने किसानों के लिए गोष्ठी का आयोजन किया है। जिसमें उन्हें रासायनिक खाद से खेती न करके कंपोजिट खाद का उपयोग करने की राय दी गई। जिससे लागत भी कम आती है और जमीन की उर्वरा शक्ति भी बढ़ती है।

बायो फर्टिलाइजर कृभको ने किया आयोजन

जिला के शहाबगंज विकासखंड के बरांव गांव में बायो फर्टिलाइजर कृभको द्वारा किसान गोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमें तरल जैव रसायन की खेती के प्रयोग पर बल दिया गया। गोष्ठी में उपस्थित किसानों को संबोधित करते हुए कृभको गोरखपुर के एरिया मैनेजर डॉ ओके सिंह ने कहा कि किसान भाई अपने खेतों में रासायनिक उर्वरक का प्रयोग कम से कम करें। खेत की उर्वरा शक्ति को बनाए रखने के लिए कंपोजिट खाद का प्रयोग अधिक से अधिक करें।

नए तरीकों से होगी 25 से 50% की बचत

तथा रासायनिक खाद की आदत को छुड़ाने के लिए एनपीके वन कास्टोनिया का प्रयोग करें। जिससे खेती में रासायनिक खाद की लागत का 25 से 50% की बचत होगा। वहीं भूमि की उर्वरा शक्ति भी बढ़ेगी और धीरे-धीरे रासायनिक खाद का प्रयोग भी समाप्त हो जाएगा। जिससे पैदावार में भी कमी भी नहीं आएगी और हमारी आत्मनिर्भरता बढ़ने के साथ आर्थिक लाभ भी मिल पाएगा। कृषि विशेषज्ञ कपिलदेव सिंह ने कहा कि एनपीके वन कास्टोनिया का एक एकड़ में प्रयोग पर लागत मूल्य मात्र 180 रुपये आता है। इससे किसानों को लगभग डेढ़ हजार रुपए तक की प्रति एकड़ बचत होगी।