मानिकपुर में पानी को लेकर विशेष जाति के साथ भेदभाव:गांव भाठा का मामला, प्रधान ने लगवाया अलग हैंडपंप, खराब होने पर दूसरी जगह गए तो पानी लेने से किया मना

मानिकपुर, चित्रकूट9 दिन पहले
पूनम का कहना है कि पानी के लिए जाति के आधार हमसे भेदभाव किया जा रहा है।

आजादी के 75 साल बाद भी देश में कई जगहों पर जाति के आधार पर भेदभाव किया जा रहा है। इसका जीता जागता उदाहरण चित्रकूट के मानिकपुर में देखने को मिला। जहां एक जाती विशेष से हैंडपंप से पानी भरने को लेकर भेदभाव किया जाता है।

पूरा मामला मानिकपुर विकासखंड के ग्राम पंचायत कल्याणपुर के हल्दी दाड़ी गांव भाठा गांव का है। जहां बसोर जाति के लोगाें ने बताया की गांव के प्रधान ने हमारे लिए एक अलग हैंडपंप लगवाया गया था, लेकिन गर्मी आते ही उस हैंडपंप ने काम करना बंद कर दिया। हम लोगों को पानी के लिए यहां-वहां भटकना पड़ रहा था।

पूनम का कहना है कि हैंडपंप खराब होने के बाद हम लोगों को 2 किलोमीटर दूर पानी लेने के लिए जाना पड़ता है, लेकिन वहां जाति के आधार हमसे भेदभाव किया जा रहा है। हमें कई जगहों से पानी भरने के लिए मना कर दिया गया। जहां पानी मिला भी वहां जाति के आधार भेदभाव करते हुए दूर से पानी दिया गया।

वहीं गांव में अन्य जाति के रहने वाले मिथिलेश ने बताया कि आज भी गांव में विशेष जाति को भेदभाव की पुरानी परंपरा चली आ रही है। इन लोगों को दूर से पानी भर कर दे दिया जाता है। जिससे यह लोग हैंडपंप या कुआं ना छू पाएं।

आजादी के 75 साल बाद भी देश में बड़े पैमाने पर देश के कई जगहों पर जाति के आधार पर भेदभाव किया जा रहा है।
आजादी के 75 साल बाद भी देश में बड़े पैमाने पर देश के कई जगहों पर जाति के आधार पर भेदभाव किया जा रहा है।
जाति विशेष से हैंडपंप से पानी भरने को लेकर भेदभाव किया जाता है।
जाति विशेष से हैंडपंप से पानी भरने को लेकर भेदभाव किया जाता है।