चित्रकूट में हिंदू एकता महाकुंभ आज से शुरू:मनोज तिवारी ने कामतानाथ के दर्शन कर जगद्गुरु से मुलाकात की फिर गानों से बांधा समां

चित्रकूटएक महीने पहले
कलश यात्रा के बाद तीन दिवसीय श्री हनुमान यज्ञ का कार्यक्रम शुरू होगा।

चित्रकूट हिंदू एकता महाकुंभ में दिल्ली सांसद मनोज तिवारी ने चित्रकूट आकर भगवान कामतानाथ के मंदिर में माथा टेक दर्शन किया। तुलसी पीठाधीश्वर पद्म विभूषित जगदगुरू रामभद्राचार्य से मुलाकात कर हिंदू एकता महाकुंभ कार्यक्रम स्थल बेड़ी पुलिया आकर मंच से सभी संत महंत और हिंदू एकता में आए हुए व्यक्तियों का अभिवादन करते हुए संगीत शुरू किया। संगीत के बोल रहे "मेरी बूढ़ी माता है मेरा उस से नाता है" मनोज तिवारी यह गाना गाकर कार्यक्रम की शुरुआत की।

गाना सुन श्रवण करता जमकर झूमे। इसके बाद हिंदू एकता महाकुंभ के बारे में मनोज तिवारी गाते हुए बताया कि पंथ चाहे अनेकों हिंदू सब हम एक हों, तीसरे गाने में काशी विश्वनाथ जी का ध्यान करते हुए गीत शुरू किए। बता दें कि कल भी हिंदू एकता महाकुंभ में शिरकत करेंगे और कल रात्रि को भी उनका कार्यक्रम रहेगा।

1100 कलश के साथ निकाली गई यात्रा

तीन दिवसीय हिंदू एकता महाकुंभ के पहले दिन देश के कोने कोने से साधु संतों और सनातन धर्म को मानने वाले लोग पहुंचना शुरू कर दिए हैं। हिन्दू एकता महाकुंभ के पहले दिन यानी निर्मोही अखाड़ा से लेकर कार्यक्रम स्थल तक 1100 मात्र शक्तियों की कलश यात्रा निकाली गईं। जो निर्मोही अखाड़ा से चलकर कार्यक्रम स्थल तक कलश यात्रा पहुंची। जगह-जगह पर पुष्पों की वर्षा हुई। साधु संत भगवान श्री राम नाम पर मग्न होकर नाच रहे थे। यानी धर्मनगरी चित्रकूट में भगवान श्री राम नाम से गुंजायमान हो रहा था। सुरक्षा व्यवस्था के भी खासा इंतज़ाम थे। चप्पे चप्पे पर पुलिस की नज़र थी।

आरएसएस के पदाधिकारियों ने डाला डेरा

हिंदू एकता महाकुंभ में लगभग 5 लाख लोगों के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। महाकुंभ की तैयारियों को लेकर आरएसएस के शीर्ष पदाधिकारियों ने डेरा डाल लिया है। आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के दौरे को लेकर तैयारियों पर जुटे हुए हैं। यह कार्यक्रम का आयोजन पद्म विभूषण से सम्मानित जगदगुरू रामभद्राचार्य महाराज की अध्यक्षता में किया जा रहा है जिसकी रूपरेखा तुलसी पीठाधीश्वर के उत्तराधिकारी आचार्य रामचंद्र दास जी महाराज कर रहे है।

रामघाट से कार्यक्रम स्थल की दूरी 5 किलोमीटर है। 5 किलोमीटर पैदल ही कलश यात्रा निकाली जा रही है।
रामघाट से कार्यक्रम स्थल की दूरी 5 किलोमीटर है। 5 किलोमीटर पैदल ही कलश यात्रा निकाली जा रही है।

तीन दिवसीय है कार्यक्रम

  • आज कलश यात्रा के बाद तीन दिवसीय श्री हनुमान यज्ञ का कार्यक्रम शुरू होगा। जिसमें 1100 पंडितों द्वारा यज्ञ शुरू किया जाएगा। इसके बाद श्री राम जन्म अभिषेक लीला विषय पर आधारित नाटक गायन काव्य होंगे। शाम 4:00 बजे से सांस्कृतिक कार्यक्रम में मालिनी अवस्थी, रूपा गांगुली, मनोज तिवारी, डॉ कुमार विश्वास, आशुतोष राणा, मनोज मुंतशिर शामिल होंगे। यह रात्रि 12:00 बजे तक कार्यक्रम चलेगा।
  • 15 दिसंबर को हिंदू एकता महाकुंभ के मुख्य अतिथि मोहन भागवत आरएसएस सर संघ संचालक 10:00 बजे मंच पर उपस्थित होंगे। उनके साथ गुरु शरणानंद, रवि शंकर दास, चिन्ना महाराज, गुरु शरणानंद, मलूक पीठ के राजेंद्र दास, चिदानंद दास, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा भी उपस्थित होंगे।
  • 16 दिसंबर को हिंदू एकता महाकुंभ को सफल बनाने के लिए महीनों से मेहनत कर रहे समाजसेवियों एवं संस्था के व्यक्तियों को सम्मानित किया जाएगा और महायज्ञ का समापन किया जाएगा।
आचार्य रामचंद्र दास ने बताया कि कार्यक्रम के आयोजन के लिए 12 बिंदुओं का एजेंडा तय किया गया है।
आचार्य रामचंद्र दास ने बताया कि कार्यक्रम के आयोजन के लिए 12 बिंदुओं का एजेंडा तय किया गया है।

मठ, मंदिर से लेकर कॉमन सिविल कोड है एजेंडे में

आचार्य रामचंद्र दास ने बताया कि कार्यक्रम के आयोजन के लिए 12 बिंदुओं का एजेंडा तय किया गया है। इस एजेंडे पर देश भर से हिंदुओं से चर्चा की जाएगी और हम संत अपनी इच्छाओं से सरकार को एक डॉक्यूमेंट के जरिए बताएंगे, ताकि सरकार उस पर अमल कर सके। उन्होंने बताया कि एजेंडे में मठ, मंदिर से लेकर कॉमन सिविल कोड तक है। हालांकि, हमारे एजेंडे में सबसे पहले श्री राम हैं। महाकुंभ के विभिन्न एजेंडे इस तरह से हैं-

  • श्री राम मंदिर
  • मंदिरों से सरकारी नियंत्रण खत्म हो
  • धर्मांतरण
  • जनसंख्या नियंत्रण कानून
  • राष्ट्रवाद एवं समान नागरिक संहिता
  • लव जिहाद
  • भारतीय दर्शन आधारित शिक्षा हो
  • नशा मुक्ति
  • गोरक्षा
  • सामाजिक समरसता, परिवार प्रबोधन और मातृशक्ति वंदना
  • प्रचार के विभिन्न माध्यमों द्वारा हिन्दू धर्म की अवहेलना एवं दुष्प्रचार
  • पर्यावरण

इस बैठक के सियासी मायने क्या हैं?

2022 के चुनावी साल में 5 राज्यों में चुनाव होने हैं। जिसमें यूपी का चुनाव भाजपा और आरएसएस के लिए सबसे महत्वपूर्ण है। जानकारों का मानना है कि इस हिंदू महाकुंभ के जरिए एक बार फिर प्रदेश के हिंदुओं को चुनाव में एकजुट करने का मैसेज दिया जाएगा। इसका फायदा भाजपा चुनावों में उठा सकती है।

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