चित्रकूट में मरीज की मौत के बाद हंगामा:8 दिन तक मरीज को भर्ती कर रखा, हालत गंभीर होने पर प्रयागराज किया रेफर; CMO ने सील किया अस्पताल

चित्रकूट3 महीने पहले
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चित्रकूट में मरीज की मौत के बा� - Dainik Bhaskar
चित्रकूट में मरीज की मौत के बा�

चित्रकूट जिले की मऊ तहसील क्षेत्र अंतर्गत एक बुजुर्ग की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल के सामने शव रखकर जमकर प्रदर्शन किया। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल ने आठ दिन तक मरीज का इलाज किया, जब मरीज नहीं ठीक हुआ तो प्रयागराज रेफर कर दिया। साथ ही इलाज के लिए 35 हजार रुपए भी जमा करा लिए। जिलाधिकारी के निर्देश पर अस्पताल को सील कर दिया गया है।

पहले झोलाछाप डॉक्टर से कराया इलाज

बता दें कि मऊ थाना क्षेत्र के बिलहोरा गांव का निवासी 60 वर्षीय रामदीन विश्वकर्मा पुत्र त्रिभुवन विश्वकर्मा की 10 दिन पहले तबीयत खराब हो गई थी। तब रामदीन ने गांव के झोलाछाप डॉक्टर से इलाज कराना शुरू कर दिया। दो दिन झोलाछाप डॉक्टर ने इलाज किया, लेकिन रामदीन की तबीयत में सुधार नहीं हुआ। तब झोलाछाप डॉक्टर ने दिव्या नर्सिंग होम रामनगर में दिखाने की सलाह दी।

डॉक्टर ने गारंटी देकर कहा- मैं मरीज को ठीक कर दूंगा

परिजन रामदीन को दिव्या नर्सिंग होम में इलाज कराने के लिए लेकर पहुंचे। यहां जांच में पता चला कि रामदीन को डेंगू है और प्लेटलेट्स भी कम है। इस बात की जानकारी होने के बाद रामदीन के परिजन घबरा गए। परिजन रामदीन को प्रयागराज ले जाने की तैयारी करने लगे। अस्पताल में मौजूद एक डॉक्टर ने गारंटी के साथ कहा कि मैं रामदीन को ठीक कर दूंगा, लेकिन इसके लिए आप पहले पैसा जमा करिए।

हालत ज्यादा गंभीर होने पर प्रयागराज किया रेफर

इस पर रामदीन के छोटे भाई ने 35,000 रुपए अपने खाते से ट्रांसफर किए। रामदिन का 8 दिन इलाज दिव्या नर्सिंग होम में चला, लेकिन तबीयत में सुधार नहीं हुआ। जब हालत ज्यादा गंभीर हो गई तब दिव्या नर्सिंग होम के डॉक्टरों ने प्रयागराज रेफर कर दिया। रामदीन का बड़ा बेटा विनोद पिता को लेकर प्रयागराज गया, लेकिन सरकारी हॉस्पिटल स्वरूपरानी पहुंचते ही रामदीन की मौत हो गई।

सीएमओ ने अस्पताल किया सील

परिजनों ने शव को वहां से ले आकर दिव्या हॉस्पिटल के सामने रख दिया और जमकर हंगामा किया। साथ ही इसकी शिकायत जिलाधिकारी से की। जिलाधिकारी ने सीएमओ को निर्देश देकर कहा इस मामले की तत्काल जांच की जाए। सीएमओ ने आनन-फानन पर टीम भेजकर अस्पताल को सील करा दिया। रामदीन मजदूरी कर अपने बच्चों का भरण पोषण करता था। रामदीन के तीन बेटे व दो बेटियां हैं, जिसमें से एक बेटी की शादी रामदीन कर चुका था। इस वर्ष अपने बड़े लड़के की शादी के लिए पैसा इकट्ठा कर रहा था।

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