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​​​​​​​चुनाव से पहले चित्रकूट में 5 लाख हिंदू जुटेंगे:लव जिहाद-जनसंख्या नियंत्रण कानून जैसे 12 मुद्दों पर होगा मंथन, भागवत-योगी, मनोज मुंतशिर भी आएंगे

चित्रकूट6 महीने पहले
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चित्रकूट में आगामी 15 दिसंबर को हिंदू एकता महाकुंभ का आयोजन होगा। - Dainik Bhaskar
चित्रकूट में आगामी 15 दिसंबर को हिंदू एकता महाकुंभ का आयोजन होगा।

भगवान श्रीराम की तपोभूमि चित्रकूट एक बार फिर चर्चा में है। यहां आगामी 15 दिसंबर को हिंदू एकता महाकुंभ का आयोजन होगा। इस महाकुंभ का आयोजन तुलसीपीठाधीश्वर श्री रामभद्राचार्य कर रहे हैं। इस कार्यक्रम के आयोजन का उद्देश्य हिंदू एकता पर चिंतन करना है। इसमें राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत मुख्य अतिथि होंगे। दावा किया जा रहा है कि इस महाकुंभ में 5 लाख हिंदू शामिल होंगे। हालांकि, यह महाकुंभ इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि यह कार्यक्रम 2022 विधानसभा चुनाव से पहले हो रहा है। बताते चलें कि 2022 में पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं।

गांव-गांव बांटा जा रहा न्योता
तुलसीपीठ के उत्तराधिकारी आचार्य रामचंद्र दास ने बताया कि हमने अतिथियों की एक लंबी लिस्ट बनाई है। इसमें बड़े नाम शामिल हैं। साथ ही हम देश भर में शहर-शहर, गांव-गांव जाकर न्योता बांटने का काम कर रहे हैं। हमारा उद्देश्य है कि इस आयोजन में हर हिंदू पहुंचे। फिलहाल हम अपेक्षा कर रहे हैं कि कार्यक्रम में 5 लाख से ज्यादा हिंदू जुटेंगे।

आयोजन के लिए कार्यक्रम स्थल पर आयोजक और प्रशासन के लोग लगातार तैयारियों में जुटे हुए हैं।
आयोजन के लिए कार्यक्रम स्थल पर आयोजक और प्रशासन के लोग लगातार तैयारियों में जुटे हुए हैं।

मठ, मंदिर से लेकर कॉमन सिविल कोड है एजेंडे में
आचार्य रामचंद्र दास ने बताया कि कार्यक्रम के आयोजन के लिए 12 बिंदुओं का एजेंडा तय किया गया है। इस एजेंडे पर देश भर से हिंदुओं से चर्चा की जाएगी और हम संत अपनी इच्छाओं से सरकार को एक डॉक्यूमेंट के जरिए बताएंगे, ताकि सरकार उस पर अमल कर सके। उन्होंने बताया कि एजेंडे में मठ, मंदिर से लेकर कॉमन सिविल कोड तक है। हालांकि, हमारे एजेंडे में सबसे पहले श्री राम हैं।

  • श्री राम मंदिर
  • मंदिरों से सरकारी नियंत्रण खत्म हो
  • धर्मांतरण
  • जनसंख्या नियंत्रण कानून
  • राष्ट्रवाद एवं समान नागरिक संहिता
  • लव जिहाद
  • भारतीय दर्शन आधारित शिक्षा हो
  • नशा मुक्ति
  • गोरक्षा
  • सामाजिक समरसता, परिवार प्रबोधन और मातृशक्ति वंदना
  • प्रचार के विभिन्न माध्यमों द्वारा हिन्दू धर्म की अवहेलना एवं दुष्प्रचार
  • पर्यावरण
तुलसीपीठाधीश्वर श्री रामभद्राचार्य जी ने कार्यक्रम में ज्यादा से ज्यादा संख्या में हिंदुओं से पहुंचने की अपील की है।
तुलसीपीठाधीश्वर श्री रामभद्राचार्य जी ने कार्यक्रम में ज्यादा से ज्यादा संख्या में हिंदुओं से पहुंचने की अपील की है।

बॉलीवुड एक्टर से लेकर ब्यूरोक्रेट्स तक होंगे शामिल
इस आयोजन में 5 लाख हिंदुओं को जुटने का दावा किया जा रहा है। इसके साथ ही हर सेक्टर से जुड़े बड़े चेहरों को भी न्योता दिया गया है। आचार्य रामचंद्र दास ने बताया कि हम बॉलीवुड एक्टर, लोकगायक, टेक्नोक्रेट, ब्यूरोक्रेट समेत सभी बड़े संतों को न्योता भेज रहे हैं। यह सभी अपने अपने क्षेत्र में हिंदुओं के प्रति चल रही विषमताओं पर चर्चा करेंगे।

योगी नाथ संप्रदाय के प्रतिनिधि के तौर पर होंगे शामिल
वहीं इस कार्यक्रम में योगी आदित्यनाथ भी शामिल होंगे। योगी आदित्यनाथ इस कार्यक्रम में बतौर मुख्यमंत्री नहीं बल्कि नाथ संप्रदाय के प्रतिनिधि के तौर पर शामिल किया जाएगा। इस कार्यक्रम में श्री श्री रवि शंकर, श्री चिदानंद मुनि, श्री रामानुजाचार्य, कैलाशानंद गिरी जी महाराज जैसी बड़ी शख्सियत शामिल होंगी।

मनोज मुंतशिर से लेकर आशुतोष राणा तक रहेंगे मौजूद
आचार्य रामचंद्र दास का कहना है कि इसमें बॉलीवुड से जुड़े लोगों को बुलाने के पीछे सिर्फ एक उद्देश्य है कि अभी तक फिल्मों के जरिए हिंदू धर्म को उपेक्षित किया जाता रहा है। अब ओटीटी प्लेटफोर्म पर भी हिंदू धर्म को लेकर गलत कंटेंट परोसा जा रहा है। आचार्य रामचंद्र दास ने कहा कि अभी आश्रम फिल्म बन रही है। उसमे हिंदू धर्म को गलत तरह से दिखाया जा रहा है। ऐसे में यह लोग बताएंगे कि आखिर यह समस्या क्यों है और इसका समाधान क्या है। आयोजन में मालिनी अवस्थी, कुमार विश्वास, आशुतोष राणा, मनोज मुंतशिर और मनोज तिवारी भी शामिल होंगे।

कार्यक्रम का पोस्टर लगातार लोगों में बांटा जा रहा है। सोशल मीडिया पर भी लोगों को जोड़ने का अभियान चलाया जा रहा है।
कार्यक्रम का पोस्टर लगातार लोगों में बांटा जा रहा है। सोशल मीडिया पर भी लोगों को जोड़ने का अभियान चलाया जा रहा है।

इस बैठक के सियासी मायने क्या हैं?
2022 के चुनावी साल में 5 राज्यों में चुनाव होने हैं। जिसमें यूपी का चुनाव भाजपा और RSS के लिए सबसे महत्वपूर्ण है। जानकारों का मानना है कि इस हिंदू महाकुंभ के जरिए एक बार फिर प्रदेश के हिंदुओं को चुनाव में एकजुट करने का मैसेज दिया जाएगा। जिसका फायदा भाजपा चुनावों में उठा सकती है।

क्या संत भाजपा से नाराज हैं ?
आचार्य रामचंद्र दास का कहना है कि ऐसा नहीं है। हम यह मांगे इसलिए उठा रहे हैं क्योंकि एक लंबे समय से जनता से संतों का संवाद नहीं हुआ है। इसकी वजह से हिंदू धर्म के बारे में कुछ ज्यादा ही गलत प्रचार किया जाने लगा है। इस परिचर्चा से कई बातें साफ होंगी। साथ ही केंद्र और यूपी समेत कई राज्यों में भाजपा है। यह हमारे लिए अच्छी बात है। हमारी इच्छाओं की पूर्ति के लिए यह समय अनुकूल है। चूंकि हमारी मांग भाजपा से नहीं बल्कि सरकार को हम बताना चाहते हैं कि जल्द से जल्द इन विषयों पर निर्णय लिया जाए।

चित्रकूट में हो चुके हैं बड़े आयोजन
अभी बीते जुलाई में ही RSS का चिंतन शिविर चित्रकूट में लगाया गया था। 8 जुलाई से 12 जुलाई तक यह चिंतन शिविर चला था। हालांकि, RSS श्री राम की तपोभूमि पर हर साल यह चिंतन शिविर का आयोजन यहां करती है। वहीं भाजपा भी समय समय पर कार्य समिति की बैठक का आयोजन करती रही है।