चित्रकूट में भारत लोकतंत्र की जननी विषय पर जागरूकता कार्यक्रम:ली गई संविधान की शपथ, संविधान बनाने के उद्देश्य के बारे में बताय़ा

चित्रकूट2 महीने पहले
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चित्रकूट दीनदयाल शोध संस्थान द्वारा संविधान दिवस पर भारत लोकतंत्र की जननी विषय पर जन जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन बरगढ़ में किया गया। इस दौरान जन शिक्षण संस्थान के प्रभारी निदेशक राजेन्द्र सिंह ने कहा कि संविधान बनाने का उद्देश्य देश में रहने वाले सभी धर्मों के लोगों के बीच एकता एवं समानता बनाये रखना साथ ही सभी लोगों को बिना किसी भेदभाव के उनका अधिकारों को प्राप्त कराना है।

श्री सिंह ने कहा कि प्रत्येक वर्ष 26 नवंबर का दिन देश में संविधान दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस दिवस को राष्ट्रीय कानून दिवस के रूप में भी जाना जाता है। 26 नवंबर, 1949 को ही देश की संविधान सभा ने वर्तमान संविधान को विधिवत रूप से अपनाया था। हालांकि इसे 26 जनवरी, 1950 को लागू किया गया था। चाइल्ड फण्ड की कार्यक्रम समन्वयक रीना सिंह ने कहा कि संविधान, किसी भी देश का मौलिक कानून है जो सरकार के विभिन्न अंगों की रूपरेखा और उनके मुख्य कार्यों का निर्धारण करता है। साथ ही यह सरकार और देश के नागरिकों के बीच संबंध भी स्थापित करता है।

6 मौलिक अधिकार एवं 11मूल कर्तव्य हैं

सहायक परियोजना समन्वयक अनिल कुमार सिंह ने कहा कि भारतीय संविधान का निर्माण एक विशेष संविधान सभा के द्वारा किया गया है। इस संविधान की अधिकांश बातें लिखित रूप में है। हमारे 6 मौलिक अधिकार एवं 11मूल कर्तव्य हैं।

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