देवरिया में चचेरे भाई ने किया था बच्चे का अपहरण:10 लाख रुपये की मांगी थी फिरौती, पुलिस ने तीन अपहरणकर्ता पकड़े

देवरियाएक महीने पहले
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शादी समारोह में गए बच्चे का चचेरे भाई ने ही किया था अपहरण - Dainik Bhaskar
शादी समारोह में गए बच्चे का चचेरे भाई ने ही किया था अपहरण

देवरिया जिले के रामपुर कारखाना थाना क्षेत्र के सिरसिया नंबर एक गांव में सोमवार की रात पिता के साथ शादी के निमंत्रण में गए बच्चे का अपहरण हो गया था। मंगलवार की सुबह बच्चे को छोड़ने के बदले दस लाख रुपये की फिरौती मांगी गई थी। हालांकि, मंगलवार की रात को तरकुलवा थाना क्षेत्र के एक गांव से पुलिस ने अपहृत बच्चे को सकुशल बरामद करते हुए तीन अपहरणकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया।

चचेरे भाई ने रचा षड़यंत्र
पुलिस के मुताबिक बच्चे के चचेरे भाई ने रुपये के लालच में अपने दोस्तों के साथ मिलकर अपहरण की घटना को अंजाम दिया था।रामपुर कारखाना थाना क्षेत्र के सिरसिया नंबर एक ग्राम पंचायत के बीबी चक टोला निवासी जयप्रकाश यादव सदर तहसील में मुंशी हैं। सोमवार की रात उनके गांव में बरात आई थी। जयप्रकाश अपने सात साल के बेटे विवेक यादव उर्फ भोला को साथ लेकर शादी समारोह के निमंत्रण में गए थे। उन्होंने बताया कि भोजन करने के बाद वह बेटे से घर वापस चलने के लिए कहने लगे, लेकिन बेटे ने डीजे पर डांस करने की इच्छा जताते हुए घर जाने से मना कर दिया।

मोबाइल से मांगी फिरौती
इस पर पिता उसे जल्द घर वापस आने की हिदायत देकर चले गए। इसके बाद विवेक घर नहीं लौटा। मंगलवार की भोर में जब परिवार के लोग जागे तो उसको घर पर न पाकर परेशान हो गए। उन्होंने उसकी आसपास तलाश शुरू की। उसी दौरान पिता के मोबाइल फोन पर एक कॉल आई। कॉल करने वाले ने बच्चे के होने की बात कही और उसे छोड़ने के बदले में दस लाख रुपए का इंतजाम करने के लिए कहा। घंटे भर में दूसरी बार कॉल आई। कॉल करने वाले ने तत्काल इंतजाम करने व मामले की सूचना पुलिस को न देने की हिदायत दी। बच्चे के अपहरण और फिरौती की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में खलबली मच गई।

आरोपियों से हो रही पूछताछ
क्षेत्राधिकारी सदर श्रीयश त्रिपाठी और थानाध्यक्ष दीपक कुमार गांव पहुंच गए। उन्होंने बच्चे के परिजनों और गांव के लोगों से पूछताछ की। मामले के पर्दाफाश के लिए पुलिस की चार टीमें बनाई गईं। पुलिस ने जिस मोबाइल नंबर से कॉल आई थी, उसका लोकेशन निकलवाया तो वह तरकुलवा के गांव के पास मिला। शाम को पुलिस की टीम ने शक के आधार पर बच्चे के चचेरे भाई पिंटू उर्फ मिंटू को हिरासत में लिया तो मामले का पर्दाफाश हो गया। उसने पुलिस को बताया कि रुपये के लालच में नागेंद्र और शैलेष प्रजापति निवासी तरकुलवा के साथ मिलकर घटना को अंजाम दिया। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर एक मकान में छिपाए गए बालक को ढूंढ निकाला। सीओ श्रीयश त्रिपाठी ने बताया कि बालक को मुक्त कराकर और तीनों युवकों को गिरफ्तार कर पूछताछ की जा रही है।