सरकार! जागिए, स्कूल में बच्चे हैं शिक्षक नहीं:देवरिया के प्राथमिक स्कूलों में नहीं आते समय से शिक्षक, रसोइयें करवा रहे पठन-पाठन का काम

देवरिया3 महीने पहले
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शिक्षक की गैरमौजूदगी में खाली पड़े स्कूल - Dainik Bhaskar
शिक्षक की गैरमौजूदगी में खाली पड़े स्कूल

कहते हैं पढ़ेगा इंडिया तभी तो बढ़ेगा इंडिया। इस परिकल्पना को साकार करने में सरकारी शिक्षक सबसे बड़ा अवरोध पैदा करने का काम कर रहे हैं। वो सैलरी तो सरकार से पूरी लेते हैं लेकिन अपने दायित्वों का निर्वाहन नहीं करते। अधिकतम शिक्षक बिना किसी सूचना के ही स्कूल से नदारद रहते हैं। जिसके चलते बच्चों का पाठ्यक्रम कभी पूरी नहीं हो पाता। जब निरीक्षण में किसी अधिकारी द्वारा बच्चों से उनकी पढ़ाई संबंधित कोई बात पूछी जाती है तो वो लोग निरुत्तर हो जाते हैं।

देवरिया के प्राथमिक स्कूलों की स्थिति बेहद दैयनिय है। इसका पता इस बात से चलता है कि यहां स्कूलों में पढ़ने के इच्छुक बच्चे तो हैं लेकिन पढ़ाने के इच्छुक शिक्षक नहीं है। वजह ये है कि यहां शिक्षक स्कूल में आते ही नहीं हैं। जहां 11 शिक्षकों की तैनाती है वहां स्कूल में केवल 2 शिक्षक ही पढ़ाने आते हैं। कई जगहों का तो हाल ऐसा है कि रसोइयें खाना बनान छोड़कर बच्चों की क्लास ले रहे हैं। तो कहीं खुद प्रिंसिपल को शिक्षक बनना पड़ रहा है। इसी के चलते बच्चें या तो स्कूल में कैरम खेलते मिल रहे हैं। या फिर स्कूल परिसर में बैठकर टीचरों का रास्त देख रहे हैं।

बाहर चबूतरे पर बैठे मिले बच्चे
जिले के आखिरी पूर्वी छोर पर स्थित बनकटा ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय बरईपार पांडेय में शिक्षक समय से नहीं आते हैं। बच्चे शिक्षकों से पहले पहुंचकर अपने शिक्षकों का इंतजार करते मिले। कक्षाओं में ताला बंद होने से बच्चे विद्यालय परिसर में बने चबूतरे पर बैठे थे। तो कुछ बच्चे ताला बंद कमरे के सामने खड़े थे। इसी परिसर में उच्च प्राथमिक विद्यालय भी है वहां भी यही हाल देखने को मिला है। इस स्कूल में 7:40 बजे तक कोई शिक्षक नहीं आया था।

बच्चों ने बिना शिक्षकों के पूरी कर ली प्रार्थना
यहां एक महिला शिक्षा मित्र मंजू पांडे देर से स्कूल पहुंची। तो पूछने पर उन्होंने बताया कि थोड़ी देर हो गई है। प्रभारी समेत अन्य शिक्षक नहीं आए हैं। बच्चों ने शिक्षकों का इंतजार करना मुनासिब नहीं समझा और उनके आने से पहले ही प्रार्थना पूरी कर ली थी।
स्कूल में कैरम बोर्ड खेलते मिले बच्चे
जिले के प्राथमिक स्कूल ततायर बुजुर्ग में कोई भी शिक्षक मौजूद नहीं था। बच्चे स्टाफ की गैरमौजूदगी में कैरम बोर्ड लेकर खेलते मिले। पिंकी यादव, शुभम गुप्ता, ऐनूल अंसारी ने बताया शिक्षक नहीं आए हैं। इसलिए कैरम खेल रहे हैं।

क्लास लेते मिले प्रिंसिपल
वहीं कंपोजिट स्कूल भठवा तिवारी में 11 शिक्षकों की तैनाती है। मौके पर जाकर निरीक्षण किया गया तो दो शिक्षक ही उपस्थित मिले। दो शिक्षक सर्वे में गए थे। प्रभारी प्रधानाध्यापक वीरेंद्र कुमार ने बताया कि सात शिक्षक अनुपस्थित हैं।

बच्चों को पढ़ाते मिले रसोइया
प्राथमिक स्कूल पकड़ी बाबू में प्रभारी प्रधानाध्यापिका कमलवती यादव पढ़ाती मिलीं। उन्होंने बताया कि शिक्षिका शिवानी जयसवाल छुट्टी पर हैं। सहायक शिक्षिका रानी सिंह अनुपस्थित हैं। यहां पर रसोइया प्रभारी प्रधानाध्यापिका के साथ बच्चों को पढ़ा रहे थे। खंड शिक्षा अधिकारी सोनू कुमार ने शिकायत मिलने पर कहा कि जांच कर कार्रवाई की जाएगी।

बीएसए ने कहा-
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने शिक्षकों की अनुपस्थिति के मामले में कहा कि ये बहुत गलत बात है। शिक्षकों की अनुपस्थिति की जांच कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।