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  • The British Government Had Kneeled In Front Of This Temple: There Is A Famous Maa Durga Temple In Deoria's Ahilyapur, The British Wanted To Build A Railway Line, Could Not Build It Even After Many Attempts.

इस मंदिर के आगे अंग्रेजी हुकूमत ने टेके थे घुटने:देवरिया के अहिल्यापुर में है प्रसिद्ध मां दुर्गा का मंदिर, अंग्रेज बनाना चाहते थे रेलवे लाइन, कई प्रयास के बाद भी नहीं बना पाए

देवरिया20 दिन पहले
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नवरात्र पर यहां हजारों की संख्या में श्रद्धालु आते हैं। - Dainik Bhaskar
नवरात्र पर यहां हजारों की संख्या में श्रद्धालु आते हैं।

देवरिया के अहिल्यापुर गांव स्थित सिद्धपीठ दुर्गा मंदिर के आगे अंग्रेजी हुकूमत ने भी घुटने टेक दिए थे। तकरीबन आधी दुनिया जिस ब्रिटिश हुकूमत के आगे नतमस्तक थी, उस अंग्रेजी शासन को आदि शक्ति मां दुर्गा के सामने सिर झुकाना पड़ा। अहिल्यापुर में स्थित मंदिर में विराजमान माता दुर्गा जी की स्वयंभू पिंड की मान्यता है कि देवी की शक्ति के आगे फिरंगी हुकूमत को भी घुटने टेक दिए थे।

अंग्रेजों ने ग्रामीणों की बात नहीं मानी थी

गोरखपुर से बनारस और बिहार की ओर जाने वाले रेलवे ट्रैक पर देवरिया के बाद अहिल्यापुर रेलवे स्टेशन पड़ता है। यहां लगभग 113 साल पहले जब अंग्रेजों द्वारा इस रूट पर मीटर गेज लाइन का निर्माण चल रहा था। उस समय अंग्रेज अधिकारियों ने फैसला ले लिया कि रेलवे लाइन इस मंदिर से होकर गुजरेगी। स्थानीय लोगों ने अंग्रेज अधिकारियों से रेलवे ट्रैक को मंदिर से थोड़ी दूर से ले जाने का आग्रह किया, लेकिन उन्होंने बात नहीं मानी।अंग्रेज अधिकारियों ने रेलवे लाइन वहीं से गुजारने का फरमान जारी कर दिया।

अहिल्यापुर में स्थित मंदिर में विराजमान माता दुर्गा जी की स्वयंभू पिंड की मान्यता है कि देवी की शक्ति के आगे फिरंगी हुकूमत को भी घुटने टेक दिए थे।
अहिल्यापुर में स्थित मंदिर में विराजमान माता दुर्गा जी की स्वयंभू पिंड की मान्यता है कि देवी की शक्ति के आगे फिरंगी हुकूमत को भी घुटने टेक दिए थे।

अंग्रेजों ने बदल दिया था फैसला

अंग्रेज अफसरों के होश उस वक्त उड़ गए जब शाम को बिछाई गईं पटरियां सुबह अपने क्षतिग्रस्त मिलीं। पहले तो उन्हें इसके पीछे ग्रामीण का हाथ लगा लेकिन उन्होंने कई प्रयास किए और हर बार यहीं परिणाम सामने आया।

एक दिन रेलवे के तत्कालीन इंजीनयर को स्वप्न में माता के दर्शन दिए। कहा कि रेल की पटरियों को कही अन्य जगह बिछाओ अन्यथा गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे। अंत में मां भवानी के आगे अंग्रेज अफसरों ने भी घुटने टेक दिए और रेल की पटरी को 100 मीटर दक्षिण स्थापित करने का निर्णय लिया।

चैत्र एवं शारदीय नवरात्रि के दौरान लाखों की संख्या में भक्तजन यहां अपनी मनोकामनां लेकर पहुंचते हैं।
चैत्र एवं शारदीय नवरात्रि के दौरान लाखों की संख्या में भक्तजन यहां अपनी मनोकामनां लेकर पहुंचते हैं।

नवरात्र पर आते हैं हजारों श्रद्धालु

यह मंदिर सिद्धपीठ देवरिया जनपद मुख्यालय से 8 किमी. की दूरी पर उत्तर ग्रामसभा अहिल्वार बुजुर्ग से सटे स्थित रेलवे लाइन के उत्तर तरफ मौजूद है। वैसे तो वर्ष भर यहां श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है किन्तु चैत्र एवं शारदीय नवरात्रि के दौरान लाखों की संख्या में भक्तजन यहां अपनी मनोकामनां लेकर पहुंचते हैं।