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देवरिया में बाढ़ के पानी ने बढ़ाई मुसीबतें:विश्व प्रसिद्ध संत देवरहा बाबा के आश्रम में भरा पानी, गायों का चारा हुआ खराब, पानी से निकल रहे हैं विषैले जीव-जंतु

देवरियाएक महीने पहले
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पानी में गुजारा कर रहे हैं आश्रम पीठाधीश्वर श्याम सुंदर दास। - Dainik Bhaskar
पानी में गुजारा कर रहे हैं आश्रम पीठाधीश्वर श्याम सुंदर दास।

देवरिया के दक्षिणी छोर पर स्थित सरयू नदी के दियारा में विश्व प्रसिद्ध संत देवरहा बाबा के आश्रम में बाढ़ का पानी भर गया है। प्रशासन द्वारा 2 नावों की व्यवस्था की गई है। दिन-प्रतिदिन हो रही पानी की बढ़ोतरी से लोगो में दहशत है। आश्रम जाने वाले मार्ग पर बाढ़ का पानी करीब 5 फिट तक भरा हुआ है।

गायों के खाने के लिए नहीं है चारा।
गायों के खाने के लिए नहीं है चारा।

आश्रम की गायों के सामने चारे का संकट

देवरहा बाबा आश्रम पर दर्जनों की संख्या में गाय हैं। गायों के लिए दियारा क्षेत्र में ही करीब 500 एकड़ चारागाह की भूमि है। चारों तरफ पानी भर जाने से आश्रम पर गायों के लिए चारे का संकट पैदा हो गया है। गायों के लिए आश्रम पर रखा गया भूसा पानी जाने के कारण खराब हो गया है। गायों को आश्रम के पास एक ऊंचे चबूतरे पर बांध कर रखा गया है। गायों के चारे के लिए अभी तक कोई भी प्रशासनिक सहायता नहीं उपलब्ध कराई गई है। आश्रम पीठाधीश्वर श्याम सुंदर दास अभी भी अपनी गायों व शिष्यों के साथ आश्रम पर रुके हुए हैं। उनका कहना है की पानी बढ़ने के साथ ही यहां पर जहरीले जीव-जंतु निकल रहे हैं। यहां पर प्रशासन को पशुओं के चारे की व्यवस्था करनी चाहिए।

पानी भरा होने के कारण कैंप लगाकर लोग कर रहे गुजारा।
पानी भरा होने के कारण कैंप लगाकर लोग कर रहे गुजारा।

कई महीनों से भरा है पानी

सरयू नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी होने के कारण तटवर्ती गांवों के लोगों में दहशत है। देवरिया जनपद के तेलिया कला से मात्र 4 किमी की दूरी पर दियारा में बसे मऊ जनपद के चक्की मुसाडीह गांव के लोग हर साल बाढ़ का कहर झेलते हैं। सरयू के दियारा में बसे इस गांव की नजदीकी सीमा देवरिया से मात्र 4 किमी है, लेकिन मऊ जनपद के मधुबन में पड़ने के कारण वहां के लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। करीब तीन महीनों तक पानी में घिरे रहने वाले इस गांव के लोग नदी में पानी भरने के बाद नाव के सहारे देवरिया के तेलिया में शरण लेते हैं। वहीं कुछ लोग अपनी घरों की छत्तों पर रहते हुए खाने पीने का सामान खरीदने के लिए नाव से आते हैं।

देवरिया से होकर जाते हैं जनपद मुख्यालय

देवरिया के तेलिया कला से चक्की मुसाडीह जाने के लिए पिच मार्ग है। यहां के निवासी अपने जरूरी कार्यों के लिए देवरिया के तेलिया, मईल, भागलपुर व बलिया जनपद होते हुए अपने जिला मुख्यालय मऊ जाते हैं, जिससे उनको काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। कई बार नाव से आते समय हादसे भी हो जाते हैं। एक बार हादसे में तीन मासूमों सहित 6 लोगों की मौत हो गई थी।

रास्ता पार करने में लगता है समय

मऊ जनपद के चक्की मुसाडीह निवासी मंजू देवी ने बताया की हर साल नदी में पानी बढ़ने के बाद हम लोगों को यहां शरण लेनी पड़ती है। हिमांशु चौहान ने बताया की नदी का पानी गांव के चारों तरफ भर जाने से गांव में विषैले जीव-जंतु का खतरा बना रहता है। निवासी सूर्यदेव ने बताया की हम लोगों का गांव देवरिया जनपद से नजदीक है। खरीदारी करने या इलाज कराने के लिए हम लोग यहां ही आते हैं। पानी भरा होने के कारण मऊ की दूरी तय करने में काफी वक्त लगता है।