एटा... मैजिक सी है संदीप की सक्सेज स्टोरी:20 साल में साड़ी दुकानदार से सीमेंट किंग बने, ट्रांसपोर्ट के ट्रैक ने बदली किस्मत, एक हजार करोड़ का टर्नओवर

एटा/ अलीगढ़5 महीने पहले
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आक्रोशित लोगों ने जाम लगाकर जताया विरोध। - Dainik Bhaskar
आक्रोशित लोगों ने जाम लगाकर जताया विरोध।

एटा जिले के अलीगंज कस्बे के निवासी संदीप गुप्ता ने शुरुआती दिनों में पिता राम प्रकाश गुप्ता की साड़ी की दुकान से अलीगंज में व्यापार शुरू किया था। इसके बाद व्यापार को नई दिशा देने के लिए 20 साल पहले यानि साल 2001 में ट्रांसपोर्ट के क्षेत्र में कदम रखा था। ट्रांसपोर्ट के क्षेत्र में आते ही उनकी सफलता की गाड़ी खूब दौड़ी। 55 साल के संदीप गुप्ता देखते ही देखते सफलता की सीढ़ियां चढ़ते चले गए। आज के दौर में संदीप गुप्ता वेस्ट यूपी की अधिकांश सीमेंट कंपनियों के मुख्य ट्रांसपोर्टर थे। हालांकि, संदीप के व्यापार के टर्नओवर का अभी कोई अंदाजा नहीं है, लेकिन जानकारों के मुताबिक यह एक हजार कराेड़ रुपये सालाना के आसपास हो सकता है।

एक हजार करोड़ के सालाना टर्नओवर का अनुमान
संदीप गुप्ता अल्ट्राटेक सीमेंट कंपनी के बड़े डिस्ट्रीब्यूटर थे। वहीं, संदीप गुप्ता का 800 से लेकर एक हजार करोड़ तक का सालाना टर्नओवर बताया जा रहा है। उनका काम समूचे प्रदेश में फैला था। यही नहीं संदीप को शासन की ओर से गनर भी मुहैया कराया गया था। संदीप पाल नाम का सरकारी गनर उनकी सुरक्षा में सदैव रहता था। इसके अलावा कई प्राइवेट सुरक्षाकर्मी भी तैनात रहते थे। हालांकि, हत्या के समय सभी सुरक्षाकर्मी दूसरी कार में मौजूद थे। इस कारण संदीप की जान नहीं बच सकी।

ठेकेदारी के कारण रंजिश बढ़ने का अंदाजा
संदीप गुप्ता के कामकाज का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि एटा जिले में बन रही उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी बिजली परियोजना जवाहर तापीय विद्युत परियोजना में भी बड़े स्तर पर ठेकेदारी कर रहे थे। इसके अलावा रियल एस्टेट और बालू खनन में भी हाथ आजमाते थे। वहीं अंदाजा लगाया जा रहा है कि ठेकेदारी और व्यवसायिक प्रतिद्वंदिता के कारण ही संदीप की हत्या कराई गई है। फिलहाल, पुलिस मामले की जांच में जुटी है।

पूर्व सीएम कल्याण सिंह के बेहद करीबी थे
वैसे संदीप गुप्ता का कोई पॉलीटिकल बैकग्राउंड नहीं था। बावजूद इसके, उनके कई नामचीन राजनेताओं, सांसद मंत्रियों से अच्छे संबंध रहे हैं। बताते हैं कि वे यूपी के सीएम रहे कल्याण सिंह के बेहद करीब थे। उनके जन्मदिवस पर जरूरतमंदों को कंबल बांटते थे। बीते निकाय चुनाव में बीजेपी से टिकट न मिलने से वे चुनाव नहीं लड़ सके थे। उन्होंने कोई चुनाव नहीं लड़ा, लेकिन राजनीतिक रसूख काफी अच्छी खासी थी। सियासी गलियारों में किंग मेकर की भूमिका में रहते थे।

चार भाइयों में दूसरे नंबर के थे संदीप
परिवार में संदीप चार भाई हैं। दूसरे नंबर के संदीप बेहद सरल और सौम्य स्वभाव के थे। संदीप के एक बेटा और एक बेटी भी है। संदीप गुप्ता समय समय पर सांस्कृतिक कार्यक्रम भी कराते थे। साल 2018 में उन्होंने एटा महोत्सव में प्रसिद्ध सूफी गायक कैलाश खेर नाइट कराई थी। कई वर्षों तक एटा में पुलिस विभाग द्वारा चलाये जाने वाले कार्यक्रम प्रोजेक्ट दीदी में काउन्सलर भी रहे।

संदीप गुप्ता के अंतिम संस्कार के दौरान मौजूद रहे हजारों लोग ।
संदीप गुप्ता के अंतिम संस्कार के दौरान मौजूद रहे हजारों लोग ।

अंतिम संस्कार में मौजूद रहे सांसद और विधायक
संदीप गुप्ता का शव मंगलवार को एटा जिले के अलीगंज में उनके पैतृक निवास पर ले जाया गया। इसके बाद बेहद गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया गया। उनके बेटे यश गुप्ता ने मुखाग्नि दी। एटा के अलीगंज कस्बे के फरूर्खाबाद रोड पर स्थित श्मशान घाट पर हजारों लोगों ने नम आंखों से संदीप गुप्ता को अंतिम विदाई दी। वहीं, शोक में डूबे एटा जिले का बाजार पूरी तरह से बंद रहा। वहीं, श्मशान घाट पर "जब तक सूरज चांद रहेगा- संदीप गुप्ता तेरा नाम रहेगा" जैसे नारे गूंजते रहे। अंतिम संस्कार में फरुखाबाद के सांसद मुकेश राजपूत, एटा के चारों विधायक, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष जुगेंद्र सिंह यादव, अलीगंज के पूर्व विधायक रामेश्वर सिंह यादव,पूर्व कैबिनेट मंत्री अवधपाल सिंह यादव आदि मौजूद रहे। वहीं, संदीप गुप्ता की मौत से आहत स्थानीय लोगों ने मंगलवार सुबह जाम लगाकर विरोध जताया था।

विधायक बोले... जल्द गिरफ्तार होंगे आरोपी
व्यापारी संदीप गुप्ता की हत्या पर एटा सदर के बीजेपी विधायक विपिन वर्मा डेविड ने कहा कि मैं सबको आश्वस्त करता हूं कि सरकार एक्शन में है जो भी दोषी लोग इस षड्यंत्र में होंगे ,सीधे जुड़े होंगे या इनडाइरेक्ट जुड़े होंगे ,उनकी गिरफ्तारी होगी।

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