एटा में पत्रकारों ने मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन:पत्रकार के मकान को नियम विरुद्ध ध्वस्त करने का जताया विरोध

एटा3 महीने पहले
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एटा जनपद में एक पत्रकार के मकान को मनमाने एवं नियम विरुद्ध तरीके से ध्वस्त कर परिवार को बेघर करने के संबंध में पत्रकारों ने एक ज्ञापन उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को डीएम को सौंपा है।

ग्वालियर से प्रकाशित एक समाचार पत्रिका के जिला संवाददाता एसके माथुर पुत्र प्रेमपाल (सेवा निवृत्त चालक जिलाधिकारी महोदय एटा ) का सिविल लाइन मोहल्ला में बीते करीब 35 वर्ष से अधिक समय से वैनामा व नक्शापास मकान था। जिसे स्थानीय प्रशासन द्वारा बिना मकान सम्बन्धी दस्तावेज (बैनामा, नक्शा, पैमाईश ) आदि देखे घर का सामान सड़क पर रख मकान ध्वस्त कर परिवार को बेघर कर दिया। तीन दिन पूर्व ध्वस्त किए गए मकान के बाद सम्पूर्ण परिवार बेघर दुखी व आहत है। पत्रकार के साथ बिना सोच विचार के स्थानीय प्रशासन द्वारा लिये निर्णय और मकान ध्वस्त कर परिवार को बेघर किये जाने से जनपद के समस्त पत्रकार दुखी व आक्रोशित है।

पीड़ित पत्रकार परिवार के हित में निम्न मांगे की गईं हैं। जिला प्रशासन द्वारा ध्वत किए गए मकान के वर्ष 1983 में बैनामा पैमाइश नक्शा पास हैं। उसके बाद भी अगर मकान अवैध था तो वैनामा, पैमाइश और नक्शा पास करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए और अगर वैध था तो मकान तोड़कर पत्रकार परिवार को बेघर करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए। 18 सदस्यीय बेघर किए पत्रकार परिवार को कम से कम पांच करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाए।

मकान ध्वस्तीकरण के बाद 18 सदस्यीय पीड़ित पत्रकार परिवार में कई छोटे छोटे मासूम बच्चे है। घर टूटने से उनके पालन पोषण और शिक्षा ग्रहण करने में बड़ी दिक्कते आ रही हैं। अतः भीषण गर्मी और बेघर की समस्या को मानवीय दृष्टि से देखते हुये उनके पुनर्वास हेतु सरकारी आवास प्रदान किया जाना अति जरूरी हैं।

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