एटा...मानवाधिकार आयोग ने एसएसपी से मांगी रिपोर्ट:एनडीपीएस केस में पुलिस ने नाबालिग को भेजा था जेल, 21 सितंबर को गोली मारकर कर लिया था सुसाइड

एटा2 महीने पहले
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पिता की तहरीर पर दर्ज मुकदमा दर्ज हुआ था। - Dainik Bhaskar
पिता की तहरीर पर दर्ज मुकदमा दर्ज हुआ था।

राष्‍ट्रीय मानव अधिकार आयोग ने वरिष्‍ठ पुलिस अधीक्षक से नाबालिग लड़के द्वारा आत्‍महत्‍या करने की रिपोर्ट मांगी है। मानवाधिकार आयोग ने अन्‍वेषण अनुभाग को मामले में सभी संबंधितों की भूमिका की जांच करने को कहा। राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग, भारत ने एक समाचार क्लिपिंग के साथ शिकायत का संज्ञान लिया है। आयोग ने मामले में छह हफ्ते में रिपोर्ट देने का आदेश दिया है।

इन बिंदुओं पर मांगी रिपोर्ट

  • जेजे अधिनियम के नियम 7 और जेजे अधिनियम की धारा 94 (सी) के अनुसार, जन्म तिथि उम्र का प्राथमिक प्रमाण है; इसलिए, किन परिस्थितियों में, किशोर को एक वयस्क के रूप में माना गया था।
  • जन्मतिथि के प्रमाण के रूप में मैट्रिक प्रमाण पत्र पर विचार न करना "अश्वनी कुमार सक्सेना बनाम मध्य प्रदेश राज्य (2012) 9 एससीसी 750" के मामले में निर्णय का उल्लंघन है; इसलिए, किन परिस्थितियों में इस पर ध्यान नहीं दिया गया।
  • पुलिस द्वारा आरोपी की उम्र और जन्मतिथि का आकलन करने के लिए किस प्रोटोकॉल का पालन किया जा रहा है।

क्या है मामला?

कोतवाली नगर के बापू नगर में एक 16 साल के इंटर के छात्र अभिषेक चौहान ने 21 सितंबर 2021 को अपने घर मे 315 बोर के तमंचे से खुद को कनपटी में गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। मृतक के पिता रविन्द्र ने पुलिस पर झूठा एनडीपीएस का केश लगाकर 9 मार्च 2021 को अभिषेक को जेल भेजने के कारण डिप्रेशन में आने पर आत्महत्या करने का आरोप लगाया था। पिता ने कहा था कि तत्कालीन वनगाव चौकी प्रभारी मोहित राणा ने अभिषेक को छोड़ने के एवज में 2 लाख रुपये की मांग की थी।

मृतक के पिता के अनुसार, पहले मृतक अभिषेक पर एटा पुलिस द्वारा पहले बाइक चोरी और मंगल सूत्र तोड़ने का आरोप लगाया था परंतु बाद में एनडीपीएस में जेल भेज दिया था। मामले में अभिषेक के पिता रावेंद्र की तहरीर पर चार पुलिस कर्मियों उप निरीक्षक मोहित राणा, उप निरीक्षक शिव कुमार, हेड कांस्टेबल उपेंद्र कुमार, कांस्टेबल रवीश कुमार के खिलाफ कोतवाली नगर में मुकदमा भी दर्ज किया गया था

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