एटा में ग्राम पंचायतों में लाखों रुपये का घोटाला:डीएम ने डीपीआरओ को सौंपी जांच, सीएम से भी की गई थी शिकायत

एटा11 दिन पहले
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जांच के आदेश एक पत्र के द्वारा अपर जिला पंचायत राज अधिकारी मनोज यादव को सौंपी हैं। - Dainik Bhaskar
जांच के आदेश एक पत्र के द्वारा अपर जिला पंचायत राज अधिकारी मनोज यादव को सौंपी हैं।

एटा में ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों के लिए आने वाली लाखों रुपये की धनराशि के घोटाले की शिकायत मुख्यमंत्री और जिला अधिकारी से की गयी है। आरोप लगाया गया है कि ग्राम विकास के लिए दिए गए सरकारी धन का गबन कर लिया गया है।

अलीगंज विधानसभा से बीजेपी विधायक सत्यपाल सिंह राठौर ने भी इस प्रकार के 21 गावों की शिकायतें प्रदेश के मुख्यमंत्री से की है, परंतु जिला प्रशासन की डील की वजह से अभी तक इन शिकायतों की जांच पूरी नहीं हो सकी है जिससे वे कार्यवाही से बचते रहे हैं।

हाल ही में अलीगंज ब्लॉक के एक और गांव गही में 45 लाख रुपये के गबन की शिकायत एटा के जिला अधिकारी अंकित अग्रवाल को प्राप्त हुई है जिसकी जांच के आदेश उन्होंने एक पत्र के द्वारा अपर जिला पंचायत राज अधिकारी मनोज यादव को सौंपी हैं। इस में पैंतालीस लाख रुपये के सरकारी धन के दुरुपयोग दुरुपयोग की शिकायत पर जांच शुरू हुई।

45 लाख रुपए की सरकारी धन का दुरुपयोग

मामला जनपद एटा के विकासखंड अलीगंज के ग्राम पंचायत गाही का है। जहां ग्राम पंचायतों में कराए गए विकास कार्यों में 45 लाख रुपए की सरकारी धन का दुरुपयोग करने की एक ग्रामीण द्वारा शिकायत की गई। जिस पर जिला मजिस्ट्रेट अंकित कुमार अग्रवाल ने मामले की जांच अपर जिला पंचायत राज अधिकारी को सौंपी है।

जांच के आदेश उत्तर प्रदेश पंचायती राज अधिनियम के तहत किए गए हैं। शिकायतकर्ता सुभाष चंद्र ने जिलाधिकारी अंकित अग्रवाल को शिकायत की कि गांव में कराए गए विकास कार्यों में जमकर धांधली की गई है।

डीएम ने दिए जांच के आदेश

साथ ही सरकारी धन का दुरुपयोग भी किया गया है। जिसकी शिकायत डीएम एटा को की गई दिया। डीएम एटा ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तत्काल जांच के आदेश दिए जांच अपर जिला पंचायत राज अधिकारी को सौंपी। वही सरकारी धन का दुरुपयोग करने का आरोप ग्राम प्रधान जहांगीर खान और ग्राम पंचायत सचिव हुकुम सिंह पर लगा है।

विधायक सत्यपाल सिंह राठौर ने इससे पूर्व के कार्यकाल के 21 ग्राम प्रधानों द्वारा सरकारी धन के दुरुपयोग की शिकायत उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से 6 जुलाई 2017 को की थी जिस पर जिला प्रशासन ने तत्काल जांच भी गठित की थी पर कछुआ गति से चल रही जांच प्रधानों का कार्यकाल खत्म होने पर भी पूरी नही हो पाई।

इन ग्राम पंचायतों में किया गया घोटाला

अलीगंज के विधायक ने जिन ग्रामों में सरकारी धन के दुरुपयोग की शिकायत मुख्य मंत्री से की थी उनमें धुमरी, जैथरा देहात, खिरिया बनार, सुकटी खेड़ा, तरगवा, खिरिया नगर शाह, सरौठ पछाया,सरौठ पुवायां, हरिसिंह पुर, खरसेला, गढ़िया जगन्नाथ, फरसौली, ढिवाईय्या अख्तियार पुर, अकबरपुर लाल सहाय, दहेलिया पूठ, अलीपुर, अमरौली रतनपुर, विथरा, कमरौरा,नदराला, गाही और पुराहार बुलाकी नगर ग्राम पंचायतें शामिल हैं।

इन सभी ग्राम पंचायतों की जांच हालांकि मुख्यमंत्री कार्यालय के निर्देश पर हो रही है लेकिन अभी तक अफसरों की लापरवाही और कछुआ गति के कारण जांच पेंडिंग है जिससे भ्रष्टाचार करने वाले ग्राम प्रधानों पर कार्यवाही नहीं हो पा रही है।