गन कल्चर से बुक कल्चर की ओर एटा:3 दिवसीय पुस्तक मेले का आयोजन, मैग्सेसे पुरस्कार विजेता संदीप पांडेय ने युवाओं से साझा किया अनुभव

एटा2 महीने पहले
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गन कल्चर से बुक कल्चर की ओर एटा। - Dainik Bhaskar
गन कल्चर से बुक कल्चर की ओर एटा।

एटा जिला शैक्षिक दृष्टि से और विकास की दृष्टि से अत्यंत पिछड़ा होने के साथ-साथ अपराध ग्रस्त माना जाता है। आजादी के बाद से लेकर अब तक एटा में कोई खास विकास नहीं हुआ और न ही यहां के लोगों की जिंदगी जीने का नजरिया बदला, लेकिन वर्तमान में कुछ उत्साही नौजवानों ने जिले की तस्वीर बदलने और इसकी आपराधिक छवि को विकास की और शैक्षिक रूप से विकसित जनपद की छवि में तब्दील करने का बीड़ा उठाया है।

जिसके चलते अपराध के लिए कुख्यात एटा अब 'गन कल्चर से बुक कल्चर' की ओर लौट रहा है। अब यहां के युवाओं के कंधों पर राइफल की जगह किताबों के बैग दिखाई देते हैं। इस बदलाव की वजह से एटा में अपराध का ग्राफ भी गिर रहा है।

एटा पुस्तक मेले में उपस्थित लोग।
एटा पुस्तक मेले में उपस्थित लोग।

उत्तर प्रदेश परिवहन निगम के ARM के पद पर तैनात संजीव यादव अपनी टीम के साथ मिलकर प्रत्येक वर्ष जीआईसी मैदान में अपने स्वर्गीय पिता ब्रजपाल सिंह यादव की स्मृति में 'एटा पुस्तक मेला' का आयोजन करते हैं, जिसमें देश के प्रतिष्टित प्रकाशनों के स्टॉल लगाकर देश-विदेश की बेहतरीन पुस्तकों की प्रदर्शनी लगाई जाती है।

सर्व प्रथम 2016 में प्रथम पुस्तक मेला का आयोजन संजीव यादव द्वारा किया गया था। तब से लगातार प्रत्येक वर्ष पुस्तक मेले का आयोजन किया जाता है। इस मेले में लाखों लोग छात्र-छात्राएं, शिक्षक, वकील, पत्रकार, सरकारी कर्मचारी और अधिकारी भाग लेते हैं और धीरे-धीरे अब ये परंपरा बनती जा रही है।

3 दिवसीय छठें एटा पुस्तक मेले का आयोजन

जिलाधिकारी अंकित अग्रवाल और आईपीएस अजय चौधरी ने संयुक्त रूप से फीता काटकर उद्घाटन किया। पुस्तक मेले में देश भर के शीर्ष प्रकाशकों ने दुनिया भर की बेहतरीन पुस्तकों के स्टॉल्स लगाए हैं और पाठकों की मांग पर उनकी मनचाही पुस्तकों को मंगाया भी जा रहा है। पुस्तक मेले में विभिन्न विषयों पर लाखों पुस्तकें शामिल की गई हैं।

बड़ी संख्या में छात्र, छात्राएं-शिक्षक, वकील, पत्रकार और बुद्धिजीवी लोग पुस्तक मेले में शिरकत कर रहे हैं। विभिन्न विषयों पर परिचर्चा, पुस्तकों का विमोचन, पुस्तक समीक्षा, ज्ञान वर्धक श्रेष्ठ फिल्मों का प्रदर्शन और विभिन्न विषयों पर परिचर्चा हो रही है। जिसके चलते एटा की नई पीढ़ी का रुझान अपराध से हटकर पठन-पाठन की ओर हो रहा है। जनपद में एक ऐसा माहौल तैयार हो रहा है, जिसके चलते प्रतिभाशाली छात्र किताबों में अपना भविष्य तलाश रहे हैं।

पुस्तक मेले में किताबें खरीदतीं छात्राएं।
पुस्तक मेले में किताबें खरीदतीं छात्राएं।

इस अवसर पर एटा के जिलाधिकारी अंकित कुमार अग्रवाल ने कहा कि पुस्तकों से हमारी जिंदगी में आमूलचूल परिवर्तन आ सकता है। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षित होकर देश से गरीबी को भी समूल नष्ट किया जा सकता है। उन्होंने एटा जनपद के निवासियों से अपने परिजनों, इष्ट मित्रों के साथ एटा पुस्तक मेले में आकर पुस्तकें खरीदने और पढ़ने की अपील भी की।

पर्यावरण सम्मेलन का आयोजन

आज दूसरे दिन एटा पुस्तक मेले में राष्ट्रीय पर्यावरण सुरक्षा समिति द्वारा पर्यावरण सम्मेलन का आयोजन किया गया, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में पर्यावरण विद और 2002 के मैग्सेसे पुरस्कार विजेता संदीप पांडेय उपस्थित थे। संदीप पांडेय ने अपने उद्बोधन में कहा कि पर्यावरण के संरक्षण के लिए नई पीढ़ी लड़ाई लड़ रही है।

स्वीडन की एक 17 साल की लड़की ग्रेटा थन वर्ग ये लड़ाई लड़ रही है। फ्राइडेज फॉर फ्यूचर संस्था के नाम से वो ये कार्यक्रम कर रही है। कार्बन उत्सर्जन का कम प्रयोग हो, इसलिए मैं अधिकतर साइकिल चलाता हूं और मैं बोतल बंद पानी कभी नहीं पीता। कागज का मैं भरपूर इस्तेमाल करता हूं। उन्होंने उपस्थित जन सामान्य से अपील की कि वो नदियों को बचाने और पर्यावरण को संरक्षित करने में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें।