एटा में संविदा कर्मियों ने की हड़ताल:7 सूत्रीय मांगों को लेकर किया शांतिपूर्ण प्रदर्शन, कोरोना टीकाकरण,जांच और सर्विलांस कार्य हुआ प्रभावित

एटा2 महीने पहले
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एटा में संविदा कर्मियों ने की नारेबाजी। - Dainik Bhaskar
एटा में संविदा कर्मियों ने की नारेबाजी।

एटा में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ के आह्वाहन पर एटा के 600 से अधिक संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी हड़ताल पर चले गए। इन कर्मियों ने एकत्रित होकर सीएमओ एटा के कार्यालय के सामने धरना प्रदर्शन कर नारेबाजी भी की । संविदा स्वास्थ्य कर्मियों के हड़ताल पर चले जाने से एटा में कोरोना टीकाकरण, कोरोना जांच,कोरोना सर्विलांस और टीबी जांच का काम प्रभावित हुआ है।

एमरजेंसी सेवाएं रखी गई बहाल

जिले के स्वास्थ्य विभाग के 600 से अधिक संविदा स्वास्थ्य कर्मियों की हड़ताल से एटा जनपद का कोरोना टीकाकरण,कोरोना जांच और कोरोना जांच का सर्विलांस कार्य ,टीबी जांच पूरी तरह से प्रभावित हुआ है। इस दौरान हड़ताली स्वास्थ्य कर्मियों ने केवल इमरजेंसी सेवाएं बहाल रखीं है।

लंबे समय से लंबित हैं 7 मांगे

लंबे अरसे से लंबित 7 सूत्रीय मांगों को लेकर स्वास्थ्य विभाग के नेशनल हेल्थ मिशन के लगभग 600 से अधिक संविदाकर्मी, डॉक्टर,एएनएम,जीएनएम,फार्मासिस्ट,कम्यूनिटी हेल्थ ऑफिसर, स्टाफ नर्स,प्रोग्राम मैनेजर,लेखा विभाग के समस्त संविदा कर्मियों ने सीएमओ आफिस पर धरना प्रदर्शन करते हुए अनिश्चित कालीन हड़ताल पर चले गए।

मांग न मानी तो सभी सेवाएं होंगी बंद

उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ के एटा इकाई के महामंत्री अतुल भदौरिया के अनुसार यदि उनकी मांगे न मानी गई। तो अभी चलाई जा रही इमरजेंसी सेवाएं भी बंद कर देंगे। उन्होंने कहा कि आज अनिश्चित कालीन हड़ताल का यह पहला दिन है। हमारे संगठन ने पहले भी कई बार अपनी समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौपें हैं। लेकिन आजतक कोई सुनवाई नही हुई। आज हम मजबूरन स्ट्राइक कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि आज की हड़ताल से कोविड 19 का टीका करण,टेस्टिंग और सर्विलांश का कार्य वाधित है। इसके अतिरिक्त तम्बाकू नियंत्रण,एनसीडी,मातृत्व स्वास्थ्य जैसे सारे राष्ट्रीय कार्यक्रम प्रभावित हैं। उन्होंने कहा कि ये हड़ताल अनिश्चित काल तक जारी रहेगी जबतक हमारी मांगे पूरी नहीं हो जाती।