एटा में शिव मंदिरों में उमड़ा भक्तों का हुजूम:कैलाश मंदिर का 1926 में राजा दिलसुख राय ने कराया था निर्माण

एटा4 महीने पहले
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एटा जनपद में आज सावन के चौथे और अंतिम सोमवार को शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। एटा जिला मुख्यालय स्थित प्राचीन कैलाश मंदिर में हजारों श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। इस अवसर पर युवा, बुजुर्ग, महिला, बच्चे और कावड़ियों ने कैलाश मंदिर में पूजा अर्चना कर जलाभिषेक किया।

आज सावन के चौथे सोमवार को कावड़ियों की अधिक संख्या को देखते हुए एटा पुलिस प्रशासन और जिला प्रशासन ने व्यापक प्रबंध किये थे। कासगंज जनपद के सोरों से गंगा जी से कांवड़ में जल लेकर कांवड़िए बड़ी संख्या में एटा पहुंचे। उन्होंने यहां कैलाश मंदिर में आकर भगवान शिव की आराधना की।

कांवड़ियों के रूट पर बनाए गए थे 42 सहायता केंद्र

इस अवसर पर एटा पुलिस ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किये थे। पूरे एटा जनपद को 5 जोन और 18 सेक्टर मे बांटा गया है। इन जोन और सेक्टरों में उप जिला अधिकारीगण और क्षेत्राधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई थी। इसके अलावा सभी थाना क्षेत्रों में कांवड़ वाले रूटों पर 42 पुलिस सहायता केंद्र बनाये गए हसीन और उन्हें मेडिकल सुविधा भी उपलब्ध कराई गयी है।

मंदिर में पूजा-अर्चना करते श्रद्धालु।
मंदिर में पूजा-अर्चना करते श्रद्धालु।

इस अवसर पर एटा के प्राचीन कैलाश मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने के लिए एटा के जिला अधिकारी अंकित कुमार अग्रवाल पहुंचे। वहीं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक उदय शंकर सिंह ने खुद पहुंच कर जायजा लिया और पुलिस कर्मियों को निर्देश दिए कि मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार कि असुविधा नहीं होनी चहिये। इस अवसर पर कैलाश मंदिर के मुख्य पुजारी धीरेन्द्र कुमार झा ने बताया कि ये मंदिर सम्वत 1926 में एटा के तत्कालीन राजा दिलसुख राय ने बनवाया था। ये भूतल से 190 फुट ऊँचा है और इसमें चतुर्मुखी शिव लिंग है जो भारत के किसी अन्य मंदिर मे नहीं है। ऐसी शिवलिंग केवल नेपाल के मंदिर मे है। इसीलिए इस मंदिर की अधिक मान्यता है।

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