एटा के ग्रामीण इलाकों में डेंगू का कहर:ग्राम प्रधान ने जारी की मरीजों की लिस्ट, CMO ने गांव भेजी स्वास्थ्य विभाग की टीम; एंटी लार्वा का किया गया छिड़काव

एटा2 महीने पहले
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एटा के ग्रामीण इलाकों में डेंगू का कहर। - Dainik Bhaskar
एटा के ग्रामीण इलाकों में डेंगू का कहर।

ग्रामीण अंचल में बड़े स्तर पर फैल रहे डेंगू को लेकर मंगलवार को प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ने भी चिंता प्रकट करते हुए कहा था कि फिरोजाबाद की घटना के बाद पूरे प्रदेश में डेंगू को लेकर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। एटा जिले में डेंगू के बढ़ते मामलों पर जन्होने कहा कि अगर कहीं किसी स्तर पर लापरवाही बरती गई है तो उसके लिए वह तुरंत निर्देशित करेंगे। उन्होंने कहा कि डेंगू भी हमारे लिए कोरोना की जैसी चुनौती है।

सीएमओ ने बताई 82 डेंगू मरीज की बात

जिले में डेंगू के साथ-साथ मलेरिया, वायरल बुखार भी अपने पैर पसार रहा है, लेकिन सबसे ज्यादा प्रकोप डेंगू का ही है। घर-घर में चारपाई बिछी हुई हैं। एटा में सरकारी आकंड़ों में मुख्य चिकित्सा अधिकारी 82 डेंगू मरीज निकलने की बात करते हैं, जबकि यहां स्थितियां बहुत भयावह हैं। कई लोगों की डेंगू से मौत भी हो चुकी है। घर-घर में डेंगू बुखार की चारपाई बिछी हुई है और स्वास्थ्य विभाग सिर्फ आंकड़ों की बाजीगरी करने में ही व्यस्त है।

ग्राम प्रधान ने जारी की मरीजों की लिस्ट

एक ही गाव में डेंगू के 100 से ज्यादा मरीज मिलने का दावा गांव वालों द्वारा डेंगू की रिपोर्ट के आधार पर किया जा रहा है। इस सबके बाद भी एटा का स्वास्थ्य विभाग कुंभकर्णी नींद में सोया हुआ है। उसे सब कुछ ठीक ठाक नजर आ रहा है। इस बीच जनपद की बिल्सढ़ पट्टी ग्राम प्रधान ने लिखित में 21 डेंगू पॉजिटिव मरीजों की सूची जारी की है। ग्राम प्रधान प्रतिनिधि ने कहा कि गांव में डेंगू के सैकड़ों मरीज हैं।

एटा मेडिकल कॉलेज में भर्ती हैं मरीज

गांव बिल्सढ़ पट्टी में डेंगू पॉजिटिव मरीजों की सूची जारी करने से जिला प्राशसन में हड़कंप मच गया है। अलीगंज तहसील के बिल्सढ़ पुवायां, बिल्सढ़ पछाया और बिल्सढ़ पट्टी तीनों गांव में डेंगू, मलेरिया, वायरल बुखार बड़े स्तर पर फैला हुआ है। यहां डेंगू का प्रकोप सबसे ज्यादा है। इसके अतिरिक्त अनेकों डेंगू के मरीज एटा मेडिकल कॉलेज में और सीएचसी, पीएचसी में डेंगू वार्ड में भर्ती हैं।

स्वास्थ्य विभाग की ढिलाई से बढ़ रही मरीजों की संख्या

इस संबंध में गाव का दौरा करने पर ग्राम प्रधान प्रतिनिधि शशांक मिश्रा ने बताया कि गांव में डेंगू के सैकड़ों मरीज हैं। अनेकों मरीजों की डेंगू पॉजिटिव की रिपोर्ट भी आई है। स्वास्थ्य विभाग की ढिलाई से हालात दिनों दिन बिगड़ रहे हैं। उन्होंने यूपी सरकार से मांग की है कि स्वास्थ्य विभाग की टीम भेजी जाए, जिससे जल्द से जल्द डेंगू की रोकथाम हो सके।

गांव में कई लोग हैं बीमार

यहां के निवासी यदुवीर सिंह ने बताया कि वो डेंगू पॉजिटिव हैं। उनकी छोटी बेटी अंशिका को भी बुखार है और प्लेटलेट्स कम है। बड़ी बेटी रिंकल भी बीमार है। इसके अतीरिक्त लड़का आशुतोष, पिता कश्मीर सिंह और मां लांग श्री भी बीमार हैं। इसी तरह से गांव में सैकड़ों लोग डेंगू पीड़ित बताए जा रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि अभी तक स्वास्थ्य विभाग की कोई टीम उनको देखने नहीं आई है। डेंगू पीड़ित लोग फर्रुखाबाद, एटा, आगरा और सैफई में इलाज करा रहे हैं।

सीएमओ ने कहा- गांव भेजी गई है डॉक्टरों की टीम

इस बारे में जब एटा के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. उमेश कुमार त्रिपाठी से बात की गई तो उन्होंने बताया कि बिल्सढ़ का मामला उनके संज्ञान में कल शाम को ही आया है। वहां डॉक्टरों की टीम भेजी गई है और मरीजों का इलाज कराया जा रहा है, जबकि गांव में मौजूद हमारी टीम को वहां कोई डॉक्टर नहीं मिला। आज गांव में अलीगंज स्वास्थ्य विभाग की टीम भी पहुंची है, जिसने यहां के मरीजों की जांच कर उनको दवाएं भी दी हैं।

एंटी लार्वा का कराया गया छिड़काव

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. उमेश कुमार त्रिपाठी ने बताया कि आज भी बिल्सढ़ गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम को भेजा गया था और वहां बीमार मरीजों के सैंपल लेकर उनको दवाएं दी गई हैं। आज बिल्सढ़ में जांच के दौरान टीम को 4 मलेरिया के मरीज और 3 एनएसवन डेंगू के मरीज मिले हैं, जिनको इलाज दिया जा रहा है। गांव में साफ-सफाई कराई जा रही है। कूलर, फ्रिज में और टायरों, बर्तनों, गमलों आदि में ठहरे हुए पानी को बदलवाया गया है। फॉगिंग कराई गई है और एंटी लार्वा दवा का छिड़काव कराया गया है।

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