एटा में हत्यारोपी पत्नी गिरफ्तार:पति-पत्नी के बीच चल रहा था तलाक का मुकदमा, एक लाख की सुपारी देकर कराई थी पति की हत्या, तीन गिरफ्तार

एटा2 महीने पहले
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एटा में हत्यारोपी पत्नी गिरफ्तार। - Dainik Bhaskar
एटा में हत्यारोपी पत्नी गिरफ्तार।

एटा जिले की मलावन थाना पुलिस ने सुपारी देकर पति की हत्या कराने वाली पत्नी को गिरफ्तार कर लिया। करीब 15 दिन पूर्व पत्नी ने महिला मित्र संग मिलकर पति की हत्या की साजिश रची थी। पुलिस ने आरोपी पत्नी सहित तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। अन्य अभियुक्तों की तलाश में पुलिस जुटी है।

15 दिन पूर्व सड़क किनारे मिला था शव

बता दें कि मलावन थाना पुलिस को 17 सितंबर की देर रात एक बजे छछैना व सैथरी के बीच में एटा की तरफ जाने वाले जीटी रोड के किनारे एक शव पड़ा मिला था। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया थ। मृतक की जेब से मिले ड्राइविंग लाइसेंस से उसकी शिनाख्त जयप्रकाश पुत्र भूप सिंह निवासी पोस्ट ऑफिस वाली गली खंदारी, थाना हरीपर्वत आगरा के रूप में हुई थी। मृतक की पत्नी की तहरीर पर पुलिस ने फर्रू, मुमताज और छिंगा निवासी आगरा के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया था। एसएसपी उदय शंकर सिंह ने मामले की जांच के निर्देश सीओ सकीट को दिए थे। सर्विलांस की मदद व अन्य साक्ष्य संकलन से घटनास्थल पर नामजद अभियुक्तों की उपस्थिति नहीं पाई गई।

घटनास्थल पर घटना के समय नीशू पुत्री बृजमोहनलाल निवासी नगला टाकन थाना बेबर जनपद मैनपुरी व विजय सिंह पुत्र ओमप्रकाश निवासी जिलही थाना बेबर जनपद मैनपुरी व शैलेन्द्र उर्फ शैलेष पुत्र रामेश्वरदयाल निवासी जिलही थाना बेबर जनपद मैनपुरी व मनोज पुत्र रामअवतार निवासी अहमदपुर करूआमई थाना बेबर जनपद मैनपुरी की उपस्थिति पाई गई। पुलिस ने शुक्रवार को रेनू, विजय सिंह और शैलेन्द्र को गिरफ्तार कर लिया।

एक लाख पर तय हुआ था सौदा

पूछताछ में अभियुक्त विजय सिंह ने बताया कि उसे और शैलेन्द्र को नीशू ने बेबर बुलाया था और कहा कि एक काम करना है, जिसमें पैसे मिलने हैं। आगरा से एक आदमी को लेकर आना है और सबक सिखाना है। इस काम के लिए एक लाख रुपए हमें मिलेगा। इस पर हम तैयार हो गए। शैलेंद्र अपनी गाड़ी लेकर आया, जिसमें हम लोग बैठ कर आगरा गए। नीशू अपने मोबाइल से आगरा में जयप्रकाश की पत्नी रेनू से बराबर बात करती रही। हम लोग आगरा जाकर दीवानी क्रासिंग के पास रुक गए।

नीशू कचहरी के गेट पर जाकर रेनू के पति जयप्रकाश को लेकर गाड़ी में बैठाकर भोगांव आरएस पेट्रोल पंप पर लेकर आई। वहां पर विजय का ट्रक के साथ खड़ा था, जिसमें माल लोड था, जिसे दिल्ली जाना था। रेनू ने वहां 38 हजार रुपये विजय को दिए और 27 हजार रुपये शैलेंद्र को दिए तथा 5 हजार रुपये कंडक्टर मनोज को दए और पैसे बाद में देने को कहा। फिर नीशू, शैलेन्द्र व मृतक जयप्रकाश वैगनार कार में बैठकर आगे-आगे चल दिए व विजय सिंह व मनोज ट्रक लेकर पीछे-पीछे आने लगे।

अन्य अभियुक्तों की तलाश में जुटी पुलिस टीम

फिर हम लोग टोल क्रास कर छछैना से आगे पहुंचे तो नीशू, शैलेन्द्र व जयप्रकाश गाड़ी रोककर पहले से खड़े थे, जैसे ही मैं पंहुचा तैसे ही नीशू ने जयप्रकाश को धक्का देकर नीचे गिरा दिया और मैंने अपने ट्रक से उसे कुचल दिया। फिर ट्रक लेकर मैं दिल्ली चला गया और यह लोग वापस मैनपुरी की तरफ चले गए। इस प्रकार मृतक की पत्नी रेनू ने साजिश के तहत अपने पति जयप्रकाश की हत्या करवा दी। गिरफ्तार अभियुक्तों के विरुद्ध थानास्तर से आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। साथ ही फरार अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु टीम गठित कर सार्थक प्रयास किए जा रहे हैं।

पति-पत्नी के बीच चल रहा था तलाक का मुकदमा

मृतक जयप्रकाश और रेनू की शादी करीब 10-12 वर्ष पूर्व हुई थी, जिनके दो बच्चे हैं। शादी के पश्चात रेनू अपने ससुरालीजनों से अलग अपने पति के साथ किराए पर करीब तीन वर्ष रही। उसके बाद जयप्रकाश पत्नी के साथ अपने निज-निवास पर रहने लगा। रेनू आगरा में एक वकील की मुंशी का काम करती थी, जहां उन्हीं वकील के पास नीशू का मुकदमा चल रहा था। इसी दौरान रेनू व नीशू की आपस में मित्रता हो गई। रेनू के मुंशी के काम में देर से घर आना जयप्रकाश को अच्छा नहीं लगता था और जयप्रकाश का रेनू को टोकना रेनू को अच्छा नहीं लगता था। इसलिए रेनू अपने पति से छुटकारा चाहती थी और अपने पति से तलाक लेने के लिये परिवार न्यायालय में उसने वर्ष 2020 में एक वाद भी दायर किया था।

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