• Hindi News
  • Local
  • Uttar pradesh
  • Etawah
  • 3 Including Mother And Daughter Died Of Dengue In Etawah: Was Admitted In A Private Hospital, Lost His Life During Treatment; Dengue And Viral Fever More Than 100 People

इटावा में डेंगू से मां-बेटी समेत 3 की मौत:प्राइवेट अस्पताल में एडमिट थे, इलाज के दौरान गई जान; 100 से ज्यादा लोगों को डेंगू और वायरल बुखार

इटावा4 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
मृतकों की फाइल फोटो। - Dainik Bhaskar
मृतकों की फाइल फोटो।

इटावा में डेंगू का कहर शुरू हो गया है। सोमवार को डेंगू से मां-बेटी समेत तीन लोगों की मौत हो गई। जबकि 100 से ज्यादा लोग डेंगू और वायरल बुखास से ग्रसित हैं। हालांकि जिला अस्पताल में हालात में सामान्य बताए जा रह हैं। डॉक्टरों का कहना है कि रोज 10 से 15 मरीज बुखार के आ रहे हैं। दवा लेकर लौट जा रहे हैं।

जसवंतनगर के लुधूपुरा की रहने वाली मधु कुमारी (14) पुत्री उदयवीर सिंह कठेरिया को तीन दिन से बुखार आ रहा था। परिजन प्राइवेट डॉक्टर से उसका इलाज करा रहे थे। सोमवार सुबह अचानक उसकी हालत बिगड़ गई। परिजन उसे जिला अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

नगला अर्जुन गांव की शोभा देवी (40) पत्नी अतर सिंह जाटव को बुखार आने पर प्राइवेट हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया था। सोमवार को इलाज के दौरान उनकी भी मौत हो गई। शालिनी (13) पुत्री अतर सिंह को बुखार आने पर परिजनों ने प्राइवेट हॉस्पिटल में भर्ती कराया था। इलाज के दौरान उसने भी दम तोड़ दिया।

कांग्रेस नेता अरुण यादव ने रोष प्रकट किया। उन्होंने सरकारी व्यवस्था को कोसते हुए सरकार को जिम्मेदार ठहराया।
कांग्रेस नेता अरुण यादव ने रोष प्रकट किया। उन्होंने सरकारी व्यवस्था को कोसते हुए सरकार को जिम्मेदार ठहराया।

100 से ज्यादा लोगों को डेंगू और वायरल बुखार

नगला अर्जुन गांव की शांति देवी (45), मिथिलेश (20), दीक्षा (15), शिवानी (18), राजीव (22), यादवेंद्र (18), दामिनी ( 6), लौंग श्री (45), सागर (7), रिया ( 6), प्रिया (3), रिंकी (40), कुणाल (8), नितिन (18), अंजलि (14) और साहिल (17) डेंगू और वायरल बुखार से ग्रसित हैं। सभी का प्राइवेट हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है। ग्रामीणों के मुताबिक 100 से ज्यादा लोग बुखार की चपेट में है।

कांग्रेस नेता ने की मुआवजे की मांग

जसवंतनगर में मौत की घटनाओं को लेकर कांग्रेस नेता अरुण यादव ने रोष प्रकट किया। उन्होंने सरकारी व्यवस्था को कोसते हुए सरकार को जिम्मेदार ठहराया और मृतकों के परिजनों को पचास पचास लाख रुपए मुआवजे की मांग की है। उन्होंने परिजनों को सांत्वना दी। साथ ही गांव में बीमार चल रहे लोगों से मिलकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे जहां अधीक्षक से मुलाकात की और प्राइवेट चिकित्सकों की भांति इलाज की व्यवस्था तत्काल शुरू करने का अनुरोध किया।

खबरें और भी हैं...