372 किसानों के राशन कार्ड का हो रहा सत्यापन:इटावा में किसानों ने करोड़ों का बेचा गेहूं, लाखों का खा गए मुफ्त का राशन; शुरू हुई जांच

इटावा4 महीने पहले
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372 किसानों के राशन कार्ड का हो रहा सत्यापन। - Dainik Bhaskar
372 किसानों के राशन कार्ड का हो रहा सत्यापन।

इटावा जिले में किसानों ने अपने खेतों का गेहूं सहकारी क्रय केंद्रों पर बेच दिया और सरकार का गरीबों को मिलने वाला मुफ्त का खाद्यान्न डकार गए, जबकि नियमानुसार केवल मुफ्त खाद्यान्न उन्हीं किसानों को या उन्हीं पात्रों को मिलेगा, जिनकी वार्षिक आय ग्रामीण क्षेत्रों में दो लाख से कम है, शहरी क्षेत्रों में तीन लाख से कम है, लेकिन कई किसान ऐसे हैं, जिन्होंने लाखों रुपए का सरकार को गेहूं बेचा और राशन कार्ड की दुकान से लाखों का ही गेहूं-चावल हजम कर गए।

जिला खाद्य पूर्ति अधिकारी को सौंपी गई है जांच

प्रदेश सरकार ने ऐसे किसानों को चिन्हित किया है, जिनकी गेहूं बिक्री में ही मात्र तीन लाख से अधिक आमदनी है और उन्होंने गरीबों को मिलने वाला राशन प्राप्त किया है। इन पर जांच बिठाई गई है। आधार कार्ड के माध्यम से इनको ट्रेस किया गया है। इनकी सूची बनाकर प्रत्येक जनपद को सौंपते हुए इटावा जनपद में 372 किसानों को चिन्हित कर इसकी जांच जिला खाद्य पूर्ति अधिकारी को सौंपी गई है। अब इन पर कार्रवाई होना सुनिश्चित है।

सभी किसानों के गेहूं खरीद का किया गया भुगतान

वहीं इस मामले पर जिला विपणन अधिकारी संतोष कुमार पटेल ने जानकारी देते हुए बताया कि जनपद में 15,968 किसानों से 65,383 मीट्रिक टन गेंहू की खरीद हुई है, जिसमें सभी किसानों का 12,853 लाख रुपए का भुगतान कर दिया गया है। किसानों का पंजीयन करने के लिए सभी उपजिलाधिकारी को निर्देश दे दिया गया है। एसडीएम को खाद्य रसद विभाग से सूची भेजी गई है। जिन किसानों ने 3 लाख से अधिक का गेंहू बेचा है और राशन कार्ड से उन किसानों ने सरकार से गेहूं प्राप्त किया है, ऐसे लोगों को चिन्हित किया जा रहा है। जनपद में लगभग ऐसे किसानों की संख्या तीन सौ से अधिक है।

आय के माध्यम से किया जाता है राशन कार्ड का सत्यापन

वहीं जिलापूर्ति अधिकारी सीमा त्रिपाठी ने बताया कि शासन से एक सूची आई है, जिसमें 372 ऐसे किसान चिन्हित किए गए हैं। जिन लोगों ने तीन लाख से अधिक का सरकार को गेहूं बेचा है और सरकार से मिलने वाला खाद्यान भी प्राप्त किया है। जो भी ऐसे राशन कार्ड धारक हैं, उनकी ब्लॉक के हिसाब से लिस्टिंग करके सूची भेज दी गई है, जिनका सत्यापन होना है। जनपद में 372 ऐसे किसान छांटे गए हैं। राशन कार्ड सत्यापन आय के माध्यम से किया जाता है, जिसके लिए पूर्ति विभाग के इंस्पेक्टर, लेखपाल व सेक्रेटरी के माध्यम से सूची मंगवाई जा रही है।

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