चंबल नदी डेंजर पॉइंट से 1.5 मीटर ऊपर बह रही:इटावा में 24 घंटे में 7 मीटर तक जलस्तर बढ़ा; कोटा बैराज से पानी छोड़ गया

इटावा4 महीने पहले

इटावा में कोटा बैराज से छोड़े गए पानी की वजह से चंबल का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया है। जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। 3 दिन से चंबल नदी के बढ़ रहे जलस्तर से नदी के किनारे बसे गांवों में दहशत का माहौल है। 24 घंटे में नदी में 7 मीटर तक जलस्तर बढ़ा है।

नदी डेंजर पॉइंट से 1.5 मीटर ऊपर बह रही है। चकरनगर में अचानक से चंबल नदी में बाढ़ जैसे हालात देखकर लोग बुरी तरह सहमे हुए है। उनका कहना है कि बाजरा की फसल बोई जा चुकी है, अगर चंबल का जलस्तर और बढ़ा तो फसल का नुकसान होगा।

यमुना नदी खतरे के निशान से एक मीटर नीचे
यमुना का डेंजर पॉइंट121.92 मीटर है। चंबल का चेतावनी निशान 120.80 है। कोटा बैराज से छोड़ा गया पानी से गुरुवार सुबह 8 बजे चंबल का जलस्तर 119.68 मीटर दर्ज किया गया। वहीं शाम 4 बजे 121.03 मीटर पर पहुंच गया था। केंद्रीय जल आयोग निगरानी केंद्र के स्थल निरीक्षक दीपक साहू ने बताया,"गुरुवार शाम 4 बजे नदी का जलस्तर चेतावनी निशान पार गया था। पिछले 24 घंटे में 7 मीटर जलस्तर बढ़ने से बहाव में तेजी आयीं है। यमुना निगरानी केंद्र के अवर अभियंता दौलतराम ने बताया कि यमुना का जलस्तर शाम 4 बजे 119.14 मीटर दर्ज किया गया।

बाढ़ की आहट से ग्रामीणों में बढ़ी बेचैनी
पिछले वर्ष आई बाढ़ के बाद लोग अभी संभल भी नहीं पाए थे कि बीहड़ी भरेह क्षेत्र समेत कई इलाकों में बाढ़ की दहशत बढ़ गई है। पिछ्ले वर्ष जिले के 3 ब्लॉक में नुकसान हुआ था। लोगों के कच्चे घर टूट गए थे। पक्के मकान भी बुरी तरह से चटक जाने से लोग खुले आसमान में रहने को मजबूर हो गए थे। प्रशासन की तरफ से कोई मदद नही मिल पाई थी। फसल उजड़ जाने से चारा की भी समस्या हो गयी थी। इससे जानवरों को किसान ने कम दाम में ही बेच दिया था। 1 वर्ष बाद दोनों नदियों का जलस्तर बढ़ने से उनकी बेचैनी फिर बढ़ गई है।

डीएम चकरनगर तहसील पहुंचे
डीएम अवनीश राय और एडीएम जयप्रकाश सिंह अपनी टीम के साथ चकरनगर तहसील के भरेह गांव पहुंचे। बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का जायजा लिया। देर शाम नदी का पानी भारेश्वर मंदिर की सड़क तक पहुंच गया। तहसीलदार चकरनगर श्रीराम यादव व क्षेत्राधिकारी राकेश कुमार वरिष्ठ, थाना प्रभारी निरीक्षक भरेह गोविंद हरि वर्मा मौजूद रहें।