बारिश से फसलों को फायदा:इटावा में 3 दिन बरसा पानी, धान-बाजरा की पैदावार अच्छी होने की उम्मीद

इटावा17 दिन पहले

इटावा में तीन दिन हुई बारिश से धान और बाजरा की फसल को फायदा हुआ है। शुरुआत में कम बारिश होने से किसानों को फसल खराब होने की चिंता सता रही थी। लेकिन, पिछले 3 दिन लगातार पानी बरसने से फसलों को फायदा हुआ है। अब किसान अच्छी खेती होने की संभावना जता रहे हैं।

जिले में विभिन्न फसलों की पैदावार होती है। इसमें आलू, धान, बाजरा की फसल प्रमुख मानी जाती है। 50 हजार हेक्टेयर में धान की पैदावार की जाती है। 40 हजार हेक्टेयर में किसान बाजरा की पैदावार करते हैं।

राजीव कुमार ने फूलों की खेती की है। उनका कहना है कि बारिश से खेती को फायदा हुआ है।
राजीव कुमार ने फूलों की खेती की है। उनका कहना है कि बारिश से खेती को फायदा हुआ है।

फूलों की खेती को भी फायदा मिला
राजीव कुमार ने चित्तभवन गांव में फूलों की खेती की है। उन्होंने कहा कि फूलों की खेती के लिए यह बारिश अमृत के समान है। इससे पैदावार अधिक होगी और रोग भी नहीं लगेगा। कृषि विभाग के अधिकारी का मानना है कि धान और बाजरा के लिए यह बरसात वरदान साबित हुई है। जल्दी ही इस बरसात की वजह से बाजरा और धान में बाली आ जाएगी।

जहां फली आ गई, उसे नुकसान
कई किसानों का मानना है कि धान में 40% से ऊपर फली आ चुकी है और 25% से अधिक बाजरा में भी फली आ चुकी है। इससे नुकसान भी पहुंचा है। क्योंकि बरसात से फूल झड़ने के बाद उसके अंदर दाना प्रभावित होता है। उसका रंग भी बदल सकता है।

राजीव कुमार के खेत में गुलाब खिले हैं।
राजीव कुमार के खेत में गुलाब खिले हैं।

किसान सुधीर बताते हैं कि मेरी धान और बाजरा की फसल में बाली निकल आई है। उसमें बरसात से भारी नुकसान हो रहा है। 1509 वैरायटी धान में 50% का नुकसान हो रहा है। 70% धान जिसमें बाली निकल आई है, दाना उसमें पड़ गया है। दाने के ऊपर पानी गिर रहा है। इससे दाना और फूल बारिश से गिर रहे हैं। बाजरा में भी यही स्थिति बनी है। दाने में कंडवा की बीमारी हो जाएगी, अत्यधिक शीत की वजह से काला रंग दाने का हो जाएगा।दाने को काला करता हुआ सड़ने लगता है। इसलिए पानी से नुकसान पहुंच रहा है।

खेत में किसान मिट्टी की खुदाई करते हुए।
खेत में किसान मिट्टी की खुदाई करते हुए।

किसान राजीव का मानना है कि इस पानी से लाभ ही लाभ है। कोई नुकसान नहीं है। इस समय पानी खाद के रूप में मिल रहा है। पौधों को नई जान मिल गई है। बरसात से रोग भी नहीं लगेगा, फूलों की पौधे में सबसे बड़ा फायदा हो रहा है। फूलों की खेती करने वाले इस समय बरसात से बड़ा लाभ ले रहे हैं। अपने क्षेत्र में आलू बरसात की वजह से देरी से बुवाई हो पाएगी।

कृषि उप निदेशक आरएन सिंह ने बताया कि बारिश से फसलों को फायदा ज्यादा है।
कृषि उप निदेशक आरएन सिंह ने बताया कि बारिश से फसलों को फायदा ज्यादा है।

कृषि उप निदेशक आरएन सिंह ने बताया कि धान और बाजरा दोनों के लिए यह बारिश फायदेमंद होगी। बालियां निकलने में यह बरसात बहुत सहयोग करेगी। इस समय आवश्यकता भी बरसात की थी। फसलों के लिए यह बहुत ही अच्छी बरसात है। कंडवा की बीमारी बीज जनित बीमारी है। यह बरसात से बिल्कुल नहीं होती है। इस बरसात से थोड़ा बहुत नुकसान होने की संभावना है। अच्छी बरसात है।