ब्रिटिश शासक की तस्वीर बनी चर्चा का विषय:इटावा के सनातन धर्म इंटर कॉलेज में लगी अंग्रेज डीएम एओ ह्यूम की फोटो

इटावा3 महीने पहले

इटावा शहर के इंटर कॉलेज में अंग्रेजी शासन काल के डीएम एओ ह्यूम की तस्वीर लगी है। अंग्रेजी हुकूमत में शहर के थाना कोतवाली के सामने बने सनातन धर्म इंटर कॉलेज में देश के महापुरुषों की तस्वीर के बीच एओ ह्यूम की फोटो लगी है। इसको लेकर विवाद शुरू हो गया है। मामले में बीजेपी ने आपत्ति जताई है।

इस तस्वीर पर कॉलेज प्रशासन ने सफाई दी है। कॉलेज के प्रिंसिपल संजय कुमार शर्मा का कहना है कि इस तस्वीर को गुलामी के नजरिए से न देखा जाए। कॉलेज की बिल्डिंग का निर्माण एओ ह्यूम के कार्यकाल में हुआ था। ह्यूम कांग्रेस के संस्थापक सदस्यों में से भी एक थे, इसलिए ह्यूम की तस्वीर को यहां पर लगाया गया है।

कॉलेज के प्रिंसिपल संजय कुमार शर्मा का कहना है कि कांग्रेस के संस्थापक सदस्यों में से एक ह्यूम थे। उन्हीं के कार्यकाल में इस बिल्डिंग को बनाया गया था।
कॉलेज के प्रिंसिपल संजय कुमार शर्मा का कहना है कि कांग्रेस के संस्थापक सदस्यों में से एक ह्यूम थे। उन्हीं के कार्यकाल में इस बिल्डिंग को बनाया गया था।

आज भी गुलामी की याद दिलाती अंग्रेजी कलेक्टर ह्यूम की तस्वीर
अंग्रेजी शासन की बुनियाद के ढांचे पर सनातन धर्म इंटर कॉलेज को बनाया गया था। प्रिंसिपल कार्यालय में इतिहास को संजोये रखने के लिए यह तस्वीर लगाई गई थी। मगर, इसी के साथ ही यह तस्वीर गुलामी की यादों को ताजा करती है। अंग्रेजी काल के कलेक्टर एओ ह्यूम महापुरुषों के बीच दीवार पर लगी है, जिस पर किसी भी भारतीय को आपत्ति हो सकती है।

कुछ दिनों पहले ही इसी तरह का मामला अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में भी सामने आया था। यहां की सेंट्रल हॉल लाइब्रेरी में पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना की तस्वीर लगी थी। उसके के बाद प्रदेश भर में मामले ने तूल पकड़ा था और जमकर राजनीती हुई थी।

ह्यूम के निर्देशन में शहर की कई इमारतें बनकर हुईं तैयार
कॉलेज की बिल्डिंग का निर्माण तत्कालीन अंग्रेजी हुकूमत के कलेक्टर ह्यूम के आदेश पर एसडीएम राजा लक्ष्मण सिंह ने करवाया था। इसके अलावा सदर कोतवाली, सदर तहसील, नगर पालिका, ह्यूम गंज गल्ला मंडी और पक्का तालाब स्थित पर विक्टोरिया मेमोरियल हॉल का निर्माण भी ह्यूम के एसडीएम ने करवाया था।

यह इटावा के सनातन घर्म इंटर कॉलेज की तस्वीर है, जिसे पहले ह्यूम्स हाई स्कूल के नाम से जाना जाता था।
यह इटावा के सनातन घर्म इंटर कॉलेज की तस्वीर है, जिसे पहले ह्यूम्स हाई स्कूल के नाम से जाना जाता था।

ह्यूम ने 1857 के गदर को निर्ममता से कुचला था

इतिहासकार और हिंदी के प्रवक्ता कुश चतुर्वेदी ने एओ ह्यूम पर कई किताबें लिखी हैं। वह बताते हैं कि 1856 में ह्यूम पहली बार इटावा के कलेक्टर बनकर आए थे। 1857 के गदर में इटावा में हुई क्रांति को ह्यूम ने निर्ममता से कुचल दिया था। इस गदर में ह्यूम को इटावा से महिला का भेष बनाकर साड़ी पहनकर भागना भी पड़ा था।

1857 की घटना के बाद ह्यूम में काफी परिवर्तन हुआ। जब ह्यूम दोबारा 1864 में इटावा के कलेक्टर बनकर आए, तो उनके अधीनस्थ एसडीएम राजा लक्ष्मण सिंह ने सनातन धर्म इंटर कॉलेज की बिल्डिंग बनवाई। इसे उस समय ह्यूम्स हाई स्कूल के नाम से जाना जाता था।

इटावा में पहली बार अंग्रेजी शिक्षा का द्वार इसी ह्यूम्स स्कूल से खुला था। सन 1912 में इटावा के बिरारी स्टेट के जमीदार श्याम बिहारी भटेले ने 47 हजार रुपए में ह्यूम्स हाईस्कूल की बिल्डिंग को नीलामी में खरीद लिया गया। इसके बाद 1914 में इसी बिल्डिंग में सनातन धर्म स्कूल की शुरुआत हुई।

भाजपा प्रदेश कार्य समिति के सदस्य डॉक्टर रमाकांत शर्मा ने कहा, "कॉलेज प्रशासन को इस पर विचार करके तस्वीर को तुरंत हटा लेना चाहिए।"
भाजपा प्रदेश कार्य समिति के सदस्य डॉक्टर रमाकांत शर्मा ने कहा, "कॉलेज प्रशासन को इस पर विचार करके तस्वीर को तुरंत हटा लेना चाहिए।"

अंग्रेजी हुकूमत के अधिकारी की फोटो लगाना निंदनीय
भारतीय जनता पार्टी ने इस तस्वीर लगी होने को लेकर कड़ी आपत्ति जताई है। भाजपा प्रदेश कार्य समिति के सदस्य डॉक्टर रमाकांत शर्मा ने कहा, “गुलामी की यादों को ताजा करती ह्यूम की तस्वीर को लगाना निंदनीय है। कॉलेज प्रशासन की यह बड़ी लापरवाही है इसको तुरंत हटा लेना चाहिए।”

उन्होंने आगे कहा, “उस वक्त इटावा में बिल्डिंगों का निर्माण कराना और किसी भी तरह का काम को करवाने की जिम्मेदारी कलेक्टर की थी। सिर्फ इसी वजह से आजाद भारत में अभी भी किसी अंग्रेजी हुकूमत के अधिकारी का फोटो लगाने को सही नहीं कहा जा सकता।”