सैफई में नेताजी की तेरहवीं पर शांति पाठ:अखिलेश-प्रतीक ने हवन में दी आहूति, ब्राह्मणों-कन्याओं को कराया भोज; तस्वीरों में देखिए कार्यक्रम

इटावाएक महीने पहले

सैफई में मुलायम सिंह यादव के लिए हो रहा शांति पाठ खत्म हो गया है। शांति पाठ के बाद हवन किया गया। जिसमें परिवार समेत अखिलेश और प्रतीक यादव ने भी आहूति दी। इसके बाद 13 ब्राह्मणों समेत कन्याओं को भी भोजन कराया गया। बताते चलें कि सैफई में तेरहवीं नहीं मनाई जाती है। इसीलिए यादव परिवार ने 11वीं के दिन तेरहवीं के संस्कार पूरे किए। इस मौके पर पूरा परिवार मौजूद रहा।

सुबह से ही सैफई परिवार में करीबियों और रिश्तेदारों के पहुंचने का सिलसिला जारी रहा। आज भी भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत मुलायम सिंह यादव को श्रद्धांजलि देने पहुंचे। वहीं कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी भी मौजूद रहे।

अखिलेश यादव समेत पूरे परिवार ने हवन में आहूति दी।
अखिलेश यादव समेत पूरे परिवार ने हवन में आहूति दी।
शांति पाठ के बाद हवन का आयोजन किया गया था। इसी के बाद भोजन भी कराया गया।
शांति पाठ के बाद हवन का आयोजन किया गया था। इसी के बाद भोजन भी कराया गया।
अखिलेश यादव पत्नी डिंपल यादव के साथ शांति पाठ में बैठकर पूजा कर रहे हैं।
अखिलेश यादव पत्नी डिंपल यादव के साथ शांति पाठ में बैठकर पूजा कर रहे हैं।

अखिलेश यादव ने परोसा खाना
शांति पाठ में 13 ब्राह्मणों​​​​​ समेत 2000 लोग से ज्यादा लोग शामिल हुए हैं। आयोजन में शामिल होने आए लोगों के साथ साथ ब्राह्मण और कन्याओं को भी भोज कराया गया। अखिलेश ने इस दौरान खुद खाना भी परोसा। बताते चलें, भोज में पूड़ी, मट्‌ठे का आलू, कद्दू की सब्जी, बूंदी और इमरती परोसी गई। भोज तैयार करने वाले कारीगर आगरा से आए हैं।

अखिलेश ने खुद कन्याओं को भोजन परोस कर खिलाया।
अखिलेश ने खुद कन्याओं को भोजन परोस कर खिलाया।
भोज के बाद ब्राह्मणों ने अखिलेश को आशीर्वाद भी दिया।
भोज के बाद ब्राह्मणों ने अखिलेश को आशीर्वाद भी दिया।
हवन में पूरा परिवार शामिल हुआ। हालांकि, सभी रस्में अखिलेश यादव और उनकी पत्नी डिंपल यादव ने निभाई हैं।
हवन में पूरा परिवार शामिल हुआ। हालांकि, सभी रस्में अखिलेश यादव और उनकी पत्नी डिंपल यादव ने निभाई हैं।
अखिलेश यादव, डिंपल यादव के बगल में राम गोपाल यादव और धर्मेंद्र यादव बैठे हैं। पीछे उनके परिवार के अन्य सदस्य हैं।
अखिलेश यादव, डिंपल यादव के बगल में राम गोपाल यादव और धर्मेंद्र यादव बैठे हैं। पीछे उनके परिवार के अन्य सदस्य हैं।
शांति पाठ से पहले घर में पिता की आत्मा की शांति के लिए पूजन करते अखिलेश, डिंपल और घर के अन्य सदस्य।
शांति पाठ से पहले घर में पिता की आत्मा की शांति के लिए पूजन करते अखिलेश, डिंपल और घर के अन्य सदस्य।
सैफई में मुलायम सिंह के शांति पाठ में बड़ी संख्या में उनके समर्थक और परिवार के लोग पहुंचे हैं।
सैफई में मुलायम सिंह के शांति पाठ में बड़ी संख्या में उनके समर्थक और परिवार के लोग पहुंचे हैं।

जगह जगह बनाए गए पार्किंग स्थल
शांति पाठ में आने वाली भीड़ को देखते हुए इटावा पुलिस प्रशासन ने तैयारियां पूरी कर ली है। सैफई में कोठी पर भीड़ न लगे इसलिए जो परिवार के करीबी हैं, उन्हें कोठी तक भेजा जा रहा है। बाकी लोगों को मेला ग्राउंड में डायवर्ट किया जाएगा। जाम की स्थिति न बने इसलिए कई जगह पार्किंग पाॅइंट बनाए हैं।

सैफई में शांति पाठ के लिए बड़ी तैयारियां की गई थी।
सैफई में शांति पाठ के लिए बड़ी तैयारियां की गई थी।
अखिलेश यादव और डिंपल यादव ही शांति पाठ से जुड़ी सभी रस्में निभा रहे हैं।
अखिलेश यादव और डिंपल यादव ही शांति पाठ से जुड़ी सभी रस्में निभा रहे हैं।
अखिलेश जहां बैठे हैं। उसी के पीछे एक बड़ा हवन कुंड बनाया गया है। जहां पूजा के बाद हवन होगा।
अखिलेश जहां बैठे हैं। उसी के पीछे एक बड़ा हवन कुंड बनाया गया है। जहां पूजा के बाद हवन होगा।

10 अक्टूबर को मेदांता में हुआ था मुलायम का निधन
10 अक्टूबर को सुबह 8 बजकर 16 मिनट पर गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में मुलायम का निधन हो गया था। 82 साल के मुलायम का पार्थिव शरीर को सैफई लाया गया था। इसके बाद अगले दिन 11 अक्टूबर को लाखों की भीड़ उन्हें श्रद्धांजलि देने सैफई पहुंची थी।

शांति पाठ के बाद अखिलेश और डिंपल यादव ने सबका अभिवादन भी किया।
शांति पाठ के बाद अखिलेश और डिंपल यादव ने सबका अभिवादन भी किया।
सुबह से ही मुलायम समर्थकों का सैफई आना शुरू हो गया था। सभी अपने नेता को श्रद्धांजलि देना चाहते हैं।
सुबह से ही मुलायम समर्थकों का सैफई आना शुरू हो गया था। सभी अपने नेता को श्रद्धांजलि देना चाहते हैं।

अखिलेश ने 11 दिन तक निभाई रस्में
अंतिम संस्कार के अगले दिन ही अखिलेश यादव ने शुद्धि संस्कार करवाते हुए अपने बाल मुंडवा लिए थे। इसके बाद, पिता की अस्थियों को लेकर पहले वह परिवार के साथ हरिद्वार उसे प्रवाहित करने गए। इसके बाद बुधवार को वह प्रयागराज में संगम पर भी पिता की अस्थियों को प्रवाहित करने पहुंचे थे।

अखिलेश यादव ने 17 अक्टूबर को हरिद्वार में गंगा में अस्थियां प्रवाहित की थी।
अखिलेश यादव ने 17 अक्टूबर को हरिद्वार में गंगा में अस्थियां प्रवाहित की थी।
19 अक्टूबर को अखिलेश यादव प्रयागराज पिता की अस्थियां लेकर पहुंचे थे।
19 अक्टूबर को अखिलेश यादव प्रयागराज पिता की अस्थियां लेकर पहुंचे थे।

नीचे शांति पाठ से जुड़ी और तस्वीरें देख सकते हैं...

शांति पाठ में यादव परिवार के अलावा उनके करीबी और रिश्तेदार भी शामिल हुए हैं।
शांति पाठ में यादव परिवार के अलावा उनके करीबी और रिश्तेदार भी शामिल हुए हैं।
मुलायम का तेरहवीं संस्कार 11वें दिन ही किया जा रहा है।
मुलायम का तेरहवीं संस्कार 11वें दिन ही किया जा रहा है।
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