अमृतपुर का पियूष हत्याकांड:परिजनों ने थानाध्यक्ष व चौकी इंचार्ज सहित 11 पुलिसकर्मियों के खिलाफ थाने में दी तहरीर

अमृतपुर21 दिन पहले
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पियूष हत्याकांड में मृतक के भाई ने थानाध्यक्ष व चौकी इंचार्ज सहित 11 लोगों के खिलाफ तहरीर दी है। पुलिस ने कुछ चार महिलाओं को हिरासत में ले लिया है, जबकि थानाध्यक्ष व चौकी इंचार्ज सहित अन्य पुलिस कर्मियों पर गाज गिरना तय मानी जा रही है, लेकिन पुलिस अपने साथियों को बचाने के लिए कागजी बाजीगरी चल रही है। पुलिस ने उसके बाद दूसरी तहरीर लिखवा ली, जिससे थानाध्यक्ष व चौकी इंचार्ज का नाम हटा दिया गया।

अमृतपुर तहसील थाना क्षेत्र में मृतक पियूष के भाई अनुभव अवस्थी ने पुलिस को तहरीर दी। जिसमें कहा कि उनका गाँव के ही रामबाबू उर्फ बड़े लल्ला, अरुण उर्फ नन्हे लल्ला, विपिन, विनोद पुत्र राजेन्द्र व अंकित, अनमोल पुत्र रामबाबू, अक्षय पुत्र अरुण उर्फ नन्हे लल्ला से उसके परिवार से रंजिश चल रही थी। सुबह तकरीबन 7 बजे रामबाबू, अरुण, विनोद व अंकित व अनमोल पुत्र रामबाबू, प्रीती पत्नी अरुण, सीमा पत्नी रामबाबू, अल्का पत्नी विपिन, मुस्कान पुत्री रामबाबू अक्षय पुत्र अरुण आदि आ गए। सभी के पास नाजायज हथियार और लाठी डंडों से लैस होकर आ गये। पियूष का जबरन अपहरण कर लिया और अपने घर ले जाकर गला काटकर हत्या कर दी और बचानें गये माँ मीरादेवी व पिता दिनेश को भी गोली मार दी। जमकर अंधाधुंध फायरिंग की।

तहरीर में आरोप लगाया गया है की थानाध्यक्ष सुनील परिहार व चौकी इंचार्ज सुनील यादव की घटना में संलिप्त हैं। तहरीर पर थानाध्यक्ष व चौकी इंचार्ज का नाम आनें के कुछ देर बाद तहरीर बदलवायी गयी।जिसमे से थानाध्यक्ष व चौकी इंचार्ज का नाम हटवा दिया गया। मृतक के भाई अनुभव ने बताया की उसका भाई आईएएस की कोचिंग कर रहा था। लेकिन उसकी हत्या करके परिजनों के सपनों का कत्ल किया गया है।

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