कायमगंज में शिवालयों पर उमड़ा आस्था का जनसैलाब:सावन के अंतिम सोमवार को रामेश्वर नाथ मंदिर में मंदिर में भक्तों ने किया जलाभिषेक

कायमगंज2 महीने पहले
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रामेश्वर नाथ मंदिर में  सुबह से भक्तों का भीड़ लगी हुई है। - Dainik Bhaskar
रामेश्वर नाथ मंदिर में सुबह से भक्तों का भीड़ लगी हुई है।

सावन महीने के अंतिम सोमवार को कायमगंज, शमसाबाद, नवाबगंज ,कंपिल आदि के प्रमुख मंदिरों में सुबह से ही शिव भक्तों भोलेनाथ की आराधना को बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। कंपिल में भगवान राम के भाई शत्रुघ्न ने रामेश्वर नाथ मंदिर की स्थापना की थी। यहां सुबह से भक्तों का भीड़ लगी हुई है। लोग लाइन में लगकर भगवान शिव का अभिषेक कर रहे हैं।

तुषौर गाँव का शिव मंदिर भक्तों की अपार श्रद्धा का केंद्र है। यहां भी शिव भक्तों का सैलाब उमड़ रहा है। यहां ते शिव लिंग पर दिखने वाला गोली का निशान देखने को मिलते हैं। कहा जाता है कि मुगल सेना यहाँ से शिव लिंग को उठाकर ले जाना चाहती थी।लेकिन शिव लिंग इतना वजनीला हो गयी, कि पूरी सेना से उठाये नहीं उठे। इस पर सेना के कमांडर ने शिवलिंग पर फायर कर अपनी गुस्से का इजहार किया। मुग़ल कमांडर द्वारा चलाई गयी यह गोली शिवलिंग में धंस गयी और वह छेंद का निशान आज भी मौजूद है।

शिवालयों में भक्त तरह-तरह से भगवान शिव का अभिषेक कर रहे हैं।
शिवालयों में भक्त तरह-तरह से भगवान शिव का अभिषेक कर रहे हैं।

6000 साल से आस्था केंद्र है शमसाबाद शिव मंदिर

शमसाबाद में स्थित लगभग 600 वर्ष पुराना शिव मंदिर (शिवालय)श्रद्धालुओं में आस्था का केन्द्र बना हुआ है।जिसमें विराजमान चतुर्मुखी शिवलिंग के दर्शन पूजन के लिए प्रति दिन श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रहती है।खासकर श्रावण मास में भगवान शिव के दर्शन-पूजन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ लगती है। मान्यता है कि चतुर्मुखी शिवलिंग के दर्शन-पुजन और जलाभिषेक से भक्त की हर मनोकामना पूरी होती है।चतुर्मुखी शिवलिंग भगवान शिव के चार रूपों को दर्शाते हैं। पूरब दिशा की तरफ का चेहरा सूर्य देव के रूप में पहचाना जाता हैं। पश्चिम दिशा के तरफ का चेहरा भगवान ब्रह्मा को दर्शाता हैं।उत्तर दिशा की तरफ का चेहरा भगवान विष्णु और दक्षिण की तरफ का चेहरा रूद्र स्वयं भगवान शिव का हैं।

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