2 रुपए प्रति किलो तक गिरा गेहूं का दाम:फर्रुखाबाद में मंडी में नहीं पहुंच रहे किसान, बोले- गेहूं के दाम बढ़ने का करेंगे इंतजार

फर्रुखाबाद7 महीने पहले
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गेहूं के निर्यात पर लगाई गई रोक का असर देखने को मिलने लगा है। पहले जहां कीमतें लगातार बढ़ रही थीं, अब 3 दिन में 2 रुपए प्रति किलो तक दाम गिरा है। आढ़तों पर 2,200 से घटकर 2 हजार रुपए प्रति क्विंटल गेहूं खरीद का भाव हो गया है। उधर, दाम कम होते ही किसानों के कदम ठिठक गए हैं। जिसके चलते मंडी में गेहूं की आवक फिलहाल कम हो गई है।

बता दें, बीते शनिवार को केंद्र सरकार द्वारा गेहूं के निर्यात पर रोक लगा दी गई। रोक लगने के बाद से गेहूं के भाव में कमी आना शुरू हो गई है। पिछले सप्ताह गुरुवार तक 22 रुपए प्रति किलो मंडी में गेहूं की खरीद आढ़तियों ने की थी। यह दाम इस फसली वर्ष का अधिकतम रहा। इसके बाद शुक्रवार को 20 रुपए प्रति क्विंटल की कमी आई। जबकि शनिवार को निर्यात पर रोक की खबर आते ही दाम तेजी से गिरना शुरू हो गया।

आढ़तियों ने जो गेहूं स्टॉक करके रख लिया था, उसको निकालना ही मुश्किल हो गया। ऐसे में महंगे दाम में गेहूं खरीदने से उन्होंने हाथ खींच लिए। बुधवार को इस सीजन का सबसे कम 20 रुपए प्रति किलो खरीद दाम रहा। इस स्थिति को देखते ही किसानों ने भी अपना गेहूं फिलहाल रोक लिया है। उन्हें उम्मीद है कि दाम फिर बढ़ेगा।

केवल बेहद जरूरत वाले किसान ही गेहूं बेचने पहुंच रहे हैं। यही वजह है कि इन दिनों जहां मंडी गेहूं और किसानों से गुलजार दिखती थी, अब सन्नाटे जैसी स्थिति बनी हुई है। बीते मंगलवार को बहुत ही कम आढ़तों पर गेहूं की तौल होते देखी गई। अधिकांश आढ़तों पर व्यापारी खाली ही बैठे रहे।

5 हजार क्विंटल कम हो गई आवक
मंडी के आढ़तियों ने बताया कि शनिवार को गेहूं के निर्यात पर रोक लगी। इससे पहले मंडी में 7 हजार क्विंटल गेहूं प्रतिदिन आढ़तों पर आ रहा था। रोक लगने के बाद से मंडी में गेहूं की आवक 1500 से 2,000 क्विंटल तक ही रह गई है।

गेहूं के भाव (रुपए प्रति क्विंटल में)

दिन-भाव

  • गुरुवार- 2,200
  • शुक्रवार- 2,180
  • शनिवार- 2,170
  • रविवार- 2,050
  • सोमवार- 2,040
  • बुधवार- 2,000

जानें क्या बोले किसान
राजपुर निवासी जयवीर सिह ने बताया, गेहूं का भाव कम हो गया है। इससे पूरा गेहूं नहीं बेचा है। रुपए की जरूरत थी, इसलिए 12 क्विंटल ही गेहूं बेचा है। भाव बढ़ने पर शेष गेहूं को बेचेंगे। चिनहगटपुर निवासी जितेंद्र ने बताया, गेहूं बेचने मंडी में आए थे। यहां गेहूं कम दामों में लिया जा रहा है। बताया है कि भाव कम हो गया है। अब वापस ले जाएं तो भाड़ा देना पड़ेगा। इसलिए मजबूरी में सस्ता बेचना पड़ रहा है।

जानें क्या बोले व्यापारी
आढ़ती महेश वर्मा ने बताया, निर्यात पर प्रतिबंध होने से गेहूं के भाव गिरे हैं। भाव कम हुए तो किसान भी गेहूं लेकर मंडी में नहीं आ रहे हैं। वो भाव बढ़ने का इंतजार कर रहे हैं। आढ़ती वीरेश गुप्ता ने बताया, गेहूं के निर्यात पर रोक लगने से किसान सहित व्यापारियों को घाटा हो रहा है। भाव गिरने से मंडी में गेहूं की आवक भी कम हो गई है।

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