फर्रुखाबाद में ध्वनि मापने का नहीं कोई इंतजाम:325 में से 230 स्थानों से उतरवाए गए लाउडस्पीकर, दिन में 55 और रात में 45 डेसीबल होनी चाहिए आवाज

फर्रुखाबाद16 दिन पहले
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शहर में तेज आवाज में कई जगहों पर बज रहे हैं लाउड स्पीकर - Dainik Bhaskar
शहर में तेज आवाज में कई जगहों पर बज रहे हैं लाउड स्पीकर

फर्रुखाबाद जिले में प्रशासन द्वारा भले ही ध्वनि प्रदूषण को कम करने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। मगर प्रशासन के पास ध्वनि मापने के इंतजाम तक नहीं है । आवाज कम करने का दावा हवा में ही किया जा रहा है। जिन स्थानों पर लाउडस्पीकर लगे हैं वह अभी भी ध्वनि प्रदूषण भेला रहे हैं। पुलिस द्वारा चिन्हित किए गए 325 स्थानों में से 230 से लाउडस्पीकर उतरवाने का दावा कर रही है।

कोर्ट के आदेश का नहीं हो रहा पालन
जिले के धर्म स्थलों पर लगे लाउडस्पीकर से छात्रों बुजुर्गों और मरीजों के सामने बड़ी समस्या खड़ी हो रही थी। मानक के अनुसार आवासीय क्षेत्र में दिन में 55 और रात में 45 डेसीबल से अधिक आवाज नहीं होनी चाहिए। लेकिन अभी तक मनमाने तरीके से लाउडस्पीकर बजाया जा रहा है। कोर्ट ने संज्ञान लेकर हर हाल में मानक का पालन कराने के निर्देश दिए हैं। शासन की सख्ती के बाद पुलिस प्रशासन ने जिले में 325 स्थानों पर लाउडस्पीकर लगा होना चिन्हित किया। वहीं 230 स्थानों से लाउडस्पीकर उतरवाए जाने की बात कही। पुलिस का दावा है कि 95 स्थानों से लोगों ने लाउडस्पीकर को खुद ही उतार लिया है।

मानक के अनुसार बजाने की कहीं जा रही बात
पुलिस प्रशासन का दावा है जिन स्थानों पर लाउडस्पीकर लगे हैं वह मानक के अनुसार बजाए जा रहे हैं । इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जिले में ध्वनि प्रदूषण मापने के लिए न तो प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के पास कोई यंत्र है और न प्रशासन के पास। जबकि जिन धर्मस्थलों पर लाउडस्पीकर लगे हैं। वह अभी भी तेज आवाज में बजाए जा रहे हैं।

सीओ बोले- धर्मस्थलों के व्यवस्थापकों को दिए गए हैं निर्देश
सीओ सिटी प्रदीप सिंह ने बताया आवाज मापने का कोई यन्त्र नहीं है। धर्म स्थलों में लगे एंपलीफायर से आवाज कम करवा दी गई है। व्यवस्थाकों से कह दिया गया है कि परिसर के बाहर आवाज नहीं जानी चाहिए। शिकायत आएगी तो जांच कराई जाएगी।

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