फर्रुखाबाद में नदियों में जुगाड़ू मोटर बोटों का है जाल:दशकों से चल रही है 100 से अधिक मोटर बोट व 400 से अधिक नावें, बड़ी संख्या में आते हैं  श्रद्धालु

फर्रुखाबाद4 महीने पहले
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फर्रुखाबाद में नदियों में जुगाड़ू मोटर बोटों का है जाल - Dainik Bhaskar
फर्रुखाबाद में नदियों में जुगाड़ू मोटर बोटों का है जाल

फर्रुखाबाद में गंगा, रामगंगा व काली नदी में 100 से अधिक जुगाड़ू मोटर वोट व 400 से अधिक नाव दशकों से चल रही हैं। पांचालघाट पर नाव बनाने का काम होता है। हर वर्ष करीब 100 नाव तैयार की जाती हैं। अभी तक एक भी नाव का पंजीकरण नहीं है। नाविकों का कहना है कि वह लोग बाढ़ आने पर कटरी क्षेत्र में फंसे ग्रामीणों को निकालते हैं। पांचालघाट, ढाईघाट, ऋंगीरामपुर में गंगा नहाने के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु आते हैं। पांचालघाट पर हर वर्ष करीब 100 नाव तैयार की जाती हैं। अकेले पांचालघाट पर ही करीब 35 नाविकों ने नाव पर मोटर लगा रखे हैं।

पांचालघाट पर है मोटर की एजेंसी

जिले के पांचालघाट पर मोटर की एजेंसी भी है। वहां पंखा और मोटर बिकती है। पांचालघाट से आसपास के जनपदों में भी नाव बेची जाती है। गंगा किनारे रहने वाले किसान भी नाव व मोटर वोट का उपयोग करते हैं। गंगा कटरी में पैदा होने वाली तरबूज व सब्जियां भी नाव व मोटर वोट से ही ढोई जाती हैं। गांव सोता बहादुरपुर निवासी नाविक मोहम्मद अन्नू खां ने बताया कि 82 हजार रुपये में मोटर पांचालघाट पर ही मिल जाती है। 1.40 लाख रुपये में मोटर वोट तैयार हो जाती है। उन्होंने बताया कि गंगा स्नान पर्वों पर उन लोगों को अच्छी कमाई हो जाती है। इसी गांव के निवासी नाविक मैसीद ने बताया कि उनके गांव में करीब 35 मोटर वोट व 100 नाव हैं। वह लोग बाढ़ के समय प्रशासन की मांग पर लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाते हैं। उनसे अभी तक किसी ने रजिस्ट्रेशन कराने के लिए नहीं कहा है। बिना पंजीकरण के गंगा में फर्राटा नहीं भर सकेंगी मोटर चलित नाव

शासन ने रजिस्ट्रेशन किया अनिवार्य

गंगा, रामगंगा व अन्य जलाशयों में मोटर चलित नाव चलाने के लिए अब शासन ने पंजीकरण अनिवार्य कर दिया है। इसके साथ ही नाविक को लाइसेंस भी बनवाना होगा। बिना पंजीकरण व लाइसेंस के नाव चलाते पाए जाने पर नाविक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में शासन की ओर से अधिसूचना जारी कर दी गई है।

प्रमुख सचिव राजेश कुमार सिंह ने जारी किए गए पत्र में कहा कि अभी तक गंगा, रामगंगा व अन्य जलाशयों के अलावा विभिन्न नदियों में अवैध रूप से मोटर लगाकर नाव का संचालन किया जा रहा है। इससे दुर्घटना होने पर पीड़ित परिवार को मुआवजा नहीं मिल पाता है। परिवहन विभाग इनके पंजीकरण की पूर्ण व्यवस्था कर आवेदन कराए। नाव का पंजीकरण कर उसका नंबर जारी करे, नाविक को लाइसेंस भी दिया जाए। इसी क्रम में परिवहन आयुक्त धीरज साहू ने सहायक संभागीय परिवहन कार्यालय को भेजे गए आदेश में कहा कि एआरटीओ जनपद में मोटर से चलने वाली नावों को चिह्नित करें और उनका पंजीकरण कराकर नाविकों को लाइसेंस दें। एआरटीओ बृजेंद्र नाथ चौधरी ने प्रतिसार निरीक्षक टेक्निकल जीवन कुमार के साथ बैठक कर शिप अधिनियम के तहत पंजीयन की कार्रवाई करने को कहा है।

अलग से जारी हो इंजन का चेचिस नंबर

नाव में लगाने होंगे मानक मोटर विशेष सचिव अरविंद कुमार पांडेय ने सभी सहायक संभागीय परिवहन अधिकारियों को निर्देशित किया है कि नाव में दुपहिया वाहनों के इंजन लगाकर उन्हें संचालित किया जा रहा है। जो गलत है। दुर्घटना होने पर इस इंजन को चिह्नित नहीं किया जा सकता है। नाव पर लगने वाले इंजन मानक के अनुसार हों तभी इनका पंजीकरण किया जाए। इंजन का चेसिस नंबर अलग से जारी हो। ऐसी सभी नाव का तभी बीमा होगा। यह इंजन सरकार द्वारा अधिकृत डीलर से ही खरीदे जाएं। इनके पंजीयन पर डीलर को भी जिम्मेदार बनाया जाए। एआरटीओ बृजेंद्र नाथ चौधरी ने बताया कि मोटर चलित नाव का पंजीकरण कराने के लिए तैयारी की जा रही है। शीघ्र ही आवेदन मांगे जाएंगे।