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फर्रुखाबाद में सिपाहियों ने अपहरण कर मांगे 2 लाख:फर्जी आधार कार्ड बनाने के आरोप में चौकी ले जाकर कार में किया बंद, परिजनों से मांगी फिरौती; भाजपा विधायक ने थाने पहुंचकर पीड़ित को छुड़वाया

फर्रुखाबाद2 महीने पहले
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फर्रुखाबाद में जन सेवा केंद्र चलाने वाले रंजीत का सिपाहियों ने कर लिया था अपहरण। भाजपा विधायक ने छुड़वाया। - Dainik Bhaskar
फर्रुखाबाद में जन सेवा केंद्र चलाने वाले रंजीत का सिपाहियों ने कर लिया था अपहरण। भाजपा विधायक ने छुड़वाया।

फर्रुखाबाद में दो सिपाहियों ने एक युवक का अपहरण कर लिया। वह जन सेवा केंद्र चलाता है। दोनों सिपाहियों ने उस पर फर्जी आधार कार्ड बनाने का आरोप लगाया। फिर उसे चौकी ले जाकर एक कार में बंद कर लिया। बाद में उसके घरवालों से 2 लाख रुपए फिरौती मांगी। गरीब पिता इतने पैसे देने में असमर्थ था तो उसने भाजपा विधायक से जाकर मदद मांगी। जिसके बाद उन्होंने एएसपी और सीओ के साथ थाने पहुंचकर युवक को छुड़वाया। बताया जा रहा है कि चौकी इंचार्ज सर्विलांस सेल का दीवान भी इस साजिश में शामिल था। दोनों सिपाहियों को निलंबित कर दिया गया है। एसपी ने सीओ को मामले की जांच सौंप दी है।

दोनों आरोपियों ने खुद को बताया था एसओजी की सिपाही
जिले के नूर नगर निवासी रंजीत सिंह गांव में जनसेवा केंद्र चलाता है। रविवार दोपहर करीब 1 बजे मेरापुर थाने के दो सिपाही केंद्र पहुंचे। दोनों ने खुद को एसओजी का सिपाही बताया। इसके बाद फर्जी आधार कार्ड बनाने का आरोप लगाकर रंजीत को बाइक से अचरा चौकी ले गए। वहां उसे कार में बैठा लिया और छोड़ने के लिए 2 लाख रुपए की मांग करने लगे। दोनों आरोपी रंजीत को कार से सराय अगहत और फिर मोहम्मदाबाद की ओर ले आए। रास्ते में दोनों उससे परिजनों व रिश्तेदारों को फोन करवाकर फिरौती के रुपयों की मांग करते रहे।

युवक को पकड़कर जबरन थाने ले आए थे सिपाही
युवक को पकड़कर जबरन थाने ले आए थे सिपाही

पिता व मौसेरे भाई ने कुछ रुपयों का किया इंतजाम
रंजीत के पिता श्यामपाल सिंह व मौसेरे भाई ने कुछ रुपयों का इंतजाम किया। इस बीच सिपाही रंजीत के खाते से भी रुपए निकलवाने का प्रयास किया गया। इसके लिए आरोपी उसे फतेहगढ़ की ओर ले गए। रास्ते में फर्जी आधार कार्ड बनाने की बात कबूलने का वीडियो भी बनाया। शहर के एक पेट्रोल पंप पर रंजीत के खाते से यूपीआई के जरिए कार में तीन हजार रुपए का पेट्रोल डलवाया गया। इसके बाद आरोपियों ने आवास विकास कॉलोनी की पुलिस चौकी में रंजीत को बंद कर दिया।

पिता ने भाजपा विधायक सुशील शाक्य से मांगी मदद
फिरौती की रकम का इंतजाम न होने पर श्यामपाल ने अमृतपुर से भाजपा विधायक सुशील शाक्य से संपर्क किया। विधायक ने एसओजी प्रभारी जेपी शर्मा को फोन किया। उन्होंने ऐसे किसी व्यक्ति को हिरासत में न लेने की बात कही। इसके बाद विधायक ने सीओ कायमगंज सोहराब आलम, एसओ मेरापुर से बात की। सीओ और एसओ ने भी किसी को न पकड़ने की जानकारी दी। काफी देर बाद विधायक को रंजीत के आवास विकास कॉलोनी चौकी में बंद होने की जानकारी मिली। विधायक वहां पहुंचे तो दोनों सिपाही भाग गए। चौकी इंचार्ज आवास विकास विशेष कुमार ने विधायक को बताया कि वह बाहर है।

एएसपी और सीओ ने दोनों सिपाहियों को बुलाया थाने
विधायक ने एएसपी अजय प्रताप, सीओ सिटी नितेश सिंह व कोतवाल विनोद कुमार शुक्ला से इस संबंध में बात की। कुछ देर में कोतवाल व सीओ सिटी चौकी पहुंचे और रंजीत को छोड़ा। फिर अधिकारियों ने दोनों सिपाहियों को बुलाकर रंजीत का लैपटॉप वापस करवाया। दोनों सिपाहियों ने सर्विलांस सेल के एक दीवान के कहने पर यह सब करने की जानकारी दी। रंजीत ने सोमवार को एसपी को प्रार्थनापत्र भेजकर सिपाहियों के खिलाफ केस दर्ज करने की मांग की है। मंगलवार को दोनों सिपाहियों को निलंबित कर दिया गया है। साथ ही एसपी ने सीओ को मामले की जांच सौंप दी है।

सर्विलांस सेल के दीवान ने रची थी साजिश
शहर कोतवाली के एक चौकी इंचार्ज और सर्विलांस सेल में 12 साल से काम कर रहे दीवान ने रंजीत को पकड़कर रुपए के लेनदेन की साजिश रची थी। इसमें शहर कोतवाली के दो सिपाही भी शामिल थे। चौकी इंचार्ज ने शनिवार को दबिश दी लेकिन रंजीत हाथ नहीं लगा था। इस पर सर्विलांस के दीवान ने मेरापुर के दो सिपाहियों को लालच देकर साजिश में शामिल कर लिया। जिन्होंने रंजीत को रविवार को पकड़ लिया।

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