पुलिस की जांच में रिपोर्ट निकली गलत:सपा के प्रदेश सचिव ने हत्या की जताई थी आशंका, पूर्व राज्यमंत्री के बेटे पर दर्ज कराया था केस

फर्रुखाबाद4 महीने पहले
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आरोपी बनाए गए अभिषेक प्रताप उर्फ एपी की सचिन यादव के मोबाइल नंबर पर व आदिल खान के मोबाइल नंबर पर किसी प्रकार की बातचीत होने के प्रमाण नहीं मिले। - Dainik Bhaskar
आरोपी बनाए गए अभिषेक प्रताप उर्फ एपी की सचिन यादव के मोबाइल नंबर पर व आदिल खान के मोबाइल नंबर पर किसी प्रकार की बातचीत होने के प्रमाण नहीं मिले।

फर्रुखाबाद जनपद के मऊदरवाजा थाना में समाजवादी पार्टी के प्रदेश सचिव ने हत्या की साजिश रचने का मामला दर्ज कराया था। जहां पुलिस को मामला जांच में झूठा मिला। जांच रिपोर्ट में नामजद लोगों की आपस में मोबाइल पर बात होना नहीं पाया गया।

बातचीत के नहीं प्रमाण
आरोपी बनाए गए अभिषेक प्रताप उर्फ एपी की सचिन यादव के मोबाइल नंबर पर व आदिल खान के मोबाइल नंबर पर किसी प्रकार की बातचीत होने के प्रमाण नहीं मिले। ऑडियो रिकॉर्डिंग के सुनने से आदिल एवं एपी की आवाज प्रमाणित नहीं हुई है। वहीं भुल्लन से उसका मोबाइल उपलब्ध कराने हेतु कहा गया तो उसने अपना मोबाइल फोन उपलब्ध नहीं कराया।

भुल्लन ने बताया गया कि मेरा मोबाइल कहीं गिर गया है। विवेचना में घटना के संबंध में भुल्लर के द्वारा अधिक शराब के नशे में बातचीत करना किसी अन्य व्यक्ति द्वारा ऑडियो रिकॉर्डिंग कर लेना पाया गया।

पुलिस द्वारा जारी किया गया प्रेसनोट।
पुलिस द्वारा जारी किया गया प्रेसनोट।

डॉ. जितेंद्र यादव ने पूर्व राज्यमंत्री पर दर्ज कराई थी शिकायत
सपा के प्रदेश सचिव डॉ. जितेंद्र यादव बीते शुक्रवार को एसपी अशोक कुमार मीणा से मिले थे। उन्होंने एसपी पूर्व राज्यमंत्री नरेंद्र सिंह यादव के बेटे और सहयोगी पर पर खुद की हत्या करने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था साल 2022 में समाजवादी पार्टी ने उनको अमृतपुर से प्रत्याशी बनाया।नरेंद्र सिंह यादव निर्दलीय चुनाव लड़े।

दोनों लोग चुनाव हार गए। राजनीतिक विरासत में यादव मतदाताओं के उनके पाले में आने से नरेंद्र सिंह का पूरा परिवार रंजिश मानने लगा। एक नजदीकी युवक ने उन्हें फोन पर हुई बातचीत की रिकार्डिंग उपलब्ध कराई। एसपी के आदेश पर मऊदरवाजा थाना पुलिस ने अभिषेक प्रताप सिंह उर्फ एपी व आदिल के खिलाफ मुकदमा दर्जकर दोनों को हिरासत में ले लिया है था।

यह तथ्य आए सामने
पुलिस विवेचना से यह तथ्य प्रकाश में आया है कि आरोपी नामित आदिल खान पूर्व में एटीएस सिक्योरिटी के माध्यम से जितेंद्र यादव का पीसीओ रहा। जिसकी भूल्लन यादव व एपी के माध्यम से बातचीत होना नहीं पाया गया है। मालूम हो कि पुलिस ने बीते दिनों आरोपी अभिषेक प्रताप सिंह को छोड़ दिया था और आज दूसरे आरोपी आदिल खान को भी रिहा कर दिया है।

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