लोहिया अस्पताल में इमरजेंसी में बच्चों को मिलेगा इलाज:अभी तक इमरजेंसी में पहुंचने वाले बच्चों को भेज दिया जाता था पीकू वार्ड

4 महीने पहले
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इमरजेंसी कक्ष में चिकित्सकों को निर्देश देते सीएमएस। - Dainik Bhaskar
इमरजेंसी कक्ष में चिकित्सकों को निर्देश देते सीएमएस।

फर्रुखाबाद डा. राम मनोहर लोहिया संयुक्त चिकित्सालय में आने वाले बच्चों को अभी तक इलाज के लिए पीकू वार्ड के लिए भेज दिया जाता था। अब इमरजेंसी कक्ष में ड्यूटी पर तैनात चिकित्सकों को प्राथमिक इलाज करने के बाद बच्चों को भर्ती करना होगा। इसके लिए सीएमएस ने निर्देश जारी किए हैं। इसके लिए चिकित्सकों की ड्यूटी लगाई गई है।

लोहिया अस्पताल के आपातकालीन कक्ष में गंभीर बीमारी से ग्रसित बच्चों के आने पर चिकित्सक अभिभावकों से पीकू वार्ड जाने की कहकर उन्हें टरका देते थे। इस दौरान बच्चों की हालत और बिगड़ जाती थी। अब ऐसा नहीं होगा। इस मामले में मुख्य चिकित्साधीक्षक डा. राजकुमार गुप्ता ने दिशा निर्देश जारी किए। उन्होंने इमरजेंसी में पहुंचने वाले बच्चों को इलाज के लिए निर्देश दिए हैं।

छह बेड का बनाया गया वार्ड

मुख्य चिकित्साधीक्षक ने बताया कि आपातकालीन कक्ष के पास बच्चों के लिए छह बेड का वार्ड बनाया गया है। ताकि वहां पर बच्चों को भर्ती किया जा सके। आपातकालीन कक्ष में बच्चों के आने पर चिकित्सक उन्हें पीकू वार्ड भेज देते थे। अब ऐसा नहीं होगा। अगर बच्चे आपातकालीन कक्ष में आएंगे तो ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक बच्चों को भर्ती कर प्राथमिक इलाज करेंगे। इसके बाद वार्ड में भर्ती करेंगे। वहां पर तैनात स्टाफ नर्स बच्चों की देखभाल करेंगे।

आपातकालीन कक्ष लो‌हिया अस्प‌ताल।
आपातकालीन कक्ष लो‌हिया अस्प‌ताल।

कॉल पर आएंगे चिकित्सक

सीएमएस ने बताया स्टाफ नर्स बच्चों के इलाज के लिए बाल रोग विशेषज्ञ को काल करेंगी। जरूरत पड़ने पर बच्चों को पीकू वार्ड में शिफ्ट किया जाएगा। सुबह आठ बजे से दो बजे तक बाल रोग विशेषज्ञ डा. विवेक सक्सेना, दोपहर दो बजे से रात आठ बजे तक बाल रोग विशेषज्ञ डा. अजय सूद काल आने पर बच्चों का इलाज करेंगे। रात आठ बजे से सुबह आठ बजे तक महिला अस्पताल के सीएमएस डा. कैलाश दुल्हानी बच्चों को परामर्श देंगे।