हबीबुल के पास था नए फिदायीन बनाने का टारगेट:यूपी-गुजरात के मदरसों से 20 आतंकी तैयार करने थे; जैश-ए-मोहम्मद से दिलाई जाती ट्रेनिंग

फतेहपुर3 महीने पहले

यूपी में 15 दिनों में पकड़े गए 3 आतंकियों में से 2 को जैश-ए-मोहम्मद के कमांडर सैफुल्लाह पाकिस्तानी ने अलग-अलग टारगेट दिए थे। किसी के पास दहशतगर्दी फैलाने का टारगेट था, तो किसी को भारत में ही आतंकी तैयार करने थे।

गुजरात में लड़कों को कर रहा था तैयार
फतेहपुर से पकड़े गए आतंकी हबीबुल को यूपी और गुजरात के मदरसों से नए लड़कों को तैयार करने का टारगेट दिया गया था। हबीबुल इन दोनों राज्यों के कुछ मदरसों में जाता रहता था। वहां तालीम देता था। हबीबुल ने जिन लड़कों को तालीम दी, UP ATS की टीमें उनकी तलाश कर रही हैं। दो टीमें गुजरात भी रवाना की जा रही हैं।

यह वही मदरसा है, जिसमें हबीबुल पढ़ाता था। इसमें अभी कोई पढ़ने नहीं आ रहा है।
यह वही मदरसा है, जिसमें हबीबुल पढ़ाता था। इसमें अभी कोई पढ़ने नहीं आ रहा है।

15 साल तक के लड़कों पर थी नजर
सूत्रों के अनुसार, हबीबुल का पिछले डेढ़ साल से लगातार गुजरात आना-जाना था। वह हर 15 दिन में गुजरात जाता था। वहां मदरसे में रुकता और पढ़ाने के नाम पर बच्चों से मिलता-जुलता था। उसकी नजर मदरसे के 15 साल तक के लड़कों पर रहती थी।

ऐसे लड़कों को वह अलग जगह पर ले जाता था। उन्हें पाकिस्तानी वीडियो दिखाकर भारत के खिलाफ भड़काता था। उसके मोबाइल से ATS को कुछ नंबर मिले हैं, जो मदरसों में पढ़ने वाले बच्चों के हैं। लोकल पुलिस और ATS की टीम मुस्लिम आबादी वाले क्षेत्रों में लोगों का वैरिफिकेशन करके उन तक पहुंचने की कोशिश में लगी है।

हबीबुल का कमरा, जहां वह कभी-कभी रहने आता था।
हबीबुल का कमरा, जहां वह कभी-कभी रहने आता था।

जैश-ए-मोहम्मद से मिलती थी ट्रेनिंग
हबीबुल जिन लड़कों को तैयार कर रहा था, उनसे सहारनपुर में पकड़े गए आतंकी नदीम ने भी मुलाकात की थी। नदीम ने उन्हें इस्लाम के नाम पर कुर्बान होने और जेहाद के बारे में बताया था। हबीबुल का कहना था, "जब तुम जेहाद और इस्लाम के लिए लड़ने को तैयार हो जाओगे, तो तुम्हारी ट्रेनिंग जैश के कमांडर सैफुल्लाह से करवाई जाएगी।"

पाकिस्तानी कमांडर से प्रभावित होकर बदला नाम
ATS ने हबीबुल के साथ एक लड़के को पकड़ा था। उस लड़के के एक दोस्त ने बताया, "हबीबुल अक्सर एक पाकिस्तानी वीडियो दिखाकर कहता था कि इस्लाम ही हमारा जीवन होना चाहिए। पाकिस्तानी कमांडर से प्रभावित होकर हबीबुल ने खुद का नाम भी सैफुल्लाह रख लिया था।"

मोहल्ले में ऐसी गाड़ियां दिन भर में 3 बार आती हैं और एक जगह खड़ी हो जाती हैं।
मोहल्ले में ऐसी गाड़ियां दिन भर में 3 बार आती हैं और एक जगह खड़ी हो जाती हैं।

इस्लाम का अपमान करने वाले टारगेट पर
हबीबुल और नदीम दोनों भारत में इस्लाम का अपमान करने वालों की लिस्ट बना रहे थे। इन लड़कों को इस्लाम विरोधियों के बारे में बताकर भड़काने की कोशिश करते थे। इसके बाद उन पर कैसे हमला किया जाएगा, कैसे बदला लिया जाएगा, इसकी भी जानकारी देते थे। मदरसे के इन बच्चों को अक्सर नूपुर शर्मा का वीडियो दिखाकर भड़काते थे।

पिता को भी मिले थे पाकिस्तानी वीडियो
हबीबुल के पिता को भी उसके फोन से कुछ पाकिस्तानी वीडियो मिले थे। इसी बात को लेकर दोनों में विवाद हुआ था। उसके मदरसे के अन्य लोगों का कहना है, "हबीबुल चेहरे से बहुत मासूम दिखता था। वह लोगों से कम बात करता था। इंग्लिश भी अच्छी बोल लेता था। इसलिए कभी हम लोगों को उस पर शक नहीं हुआ।"

मदरसे के मेन गेट पर ताला लगा दिया गया है। यहां अभी कोई भी नहीं आता है।
मदरसे के मेन गेट पर ताला लगा दिया गया है। यहां अभी कोई भी नहीं आता है।

पुलिस अधिकारी मोहल्ले पर रख रहे नजर
स्थानीय लोगों ने बताया, "हबीबुल के पकड़े जाने के बाद सैय्यदबाड़ा और नई बस्ती आबू नगर मोहल्ला में कई गाड़ियों का आना-जाना बढ़ गया है। इन गाड़ियों से कोई उतरता नहीं है। 15 मिनट बाद चली जाती हैं। आशंका है कि पुलिस अधिकारी मोहल्ले पर नजर रख रहे हैं। LIU भी नजर बनाए हुए है।

जिस दिन से हबीबुल पकड़ा गया है, उस दिन से मोहल्ले में सन्नाटा पसरा है।
जिस दिन से हबीबुल पकड़ा गया है, उस दिन से मोहल्ले में सन्नाटा पसरा है।

4 टीमें करेंगी लोगों का वेरिफिकेशन
इस मामले में एसपी राजेश कुमार सिंह के निर्देश पर पुलिस की 4-4 टीमें दोनों मोहल्ले के रहने वाले लोगों के और किराए के मकान में रहने वाले लोगों का वैरिफिकेशन करेगी। पुलिस के पास सूचना है कि मोहल्ले में कई लोग बाहर से आकर बसे हैं। वे अक्सर बाहर रहते हैं। पुलिस ऐसे लोगों की तलाश करेगी।