गेहूं क्रय केंद्र में सन्नाटा:फतेहपुर में प्राइवेट मंडी में किसानों को मिल रहा सरकारी रेट से ज्यादा पैसा, गेहूं खरीद को किसानों के दरवाजे पहुंच रही टीम

फतेहपुर9 दिन पहले

यूपी सरकार द्वारा गेहूं खरीद का क्रय केंद्रों में लक्ष्य निर्धारित करते हुए सरकारी रेट भी तय कर दिया है, लेकिन प्राइवेट मंडी में सरकारी रेट से ज्यादा पैसा मिलने के कारण किसान क्रय केंद्र में ना जाकर प्राइवेट मंडी में अपना गेहूं बेच रहे। जिसको लेकर फतेहपुर जिले में किसानों को सरकारी क्रय केंद्रों में लाने को जिला खाद्य विपणन विभाग जागरूकता अभियान चलाया जा रहा। साथ ही किसानों के गेहूं खरीद को उनके घर तक जाने की योजना भी बनाई है।

जिला खाद्य विपणन अधिकारी अविनाश कुमार झा ने बताया कि शासन से जिले में गेहूं खरीद को 66 हजार मैट्रिक टन का लक्ष्य मिला जो एक अप्रैल से 15 जून तक पूरा करना है।जिसके लिए जिले में 59 क्रय केंद्र खोला गया 21 खाद्य विभाग,32 पीसीएफ,4 यूपीएसएस,2 भारतीय खाद्य निगम गेहूं की खरीद कर रही।शासन ने किसानों को गेहूं खरीद का 2015 रुपये रेट तय किया है।

2015 रुपये तय किया गया है रेट

उन्होंने कहा कि किसान को प्राइवेट मंडी में सरकारी रेट 2015 रुपये से 2050 रुपये तक दिया जा रहा जिसके कारण किसान क्रय केंद्र में नही पहुच रहे।किसानों को क्रय केंद्र तक लाने को जागरूकता अभियान चलाया जा रहा।और ग्राम स्तर पर मोबाइल क्रय केंद्र चालू किया गया जो किसानों का गेहूं उनके घर खेत से खरीद करने का काम करेंगी।उन्होंने माना कि सरकारी रेट से ज्यादा प्राइवेट मंडी में रेट मिलने के कारण किसान नही आ रहे।

गेहूं खरीद को 4 हजार 936 किसानों ने रजिस्ट्रेशन कराया है जिसमें 439 किसानों ने अपना गेहूं बेचा है। 66 हजार टन लक्ष्य के सापेक्ष अभी तक 16 सौ 9 टन गेहूं की खरीद हुई है।

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