आतंकी हबीबुल के दोस्त का बड़ा खुलासा:नूपुर शर्मा को मारने का बना रहा था प्लान; पिता को पहले से पता थी बेटे की मंशा

फतेहपुर5 महीने पहले

"फतेहपुर से गिरफ्तार आतंकी हबीबुल देशी विरोधी गतिविधियों में शामिल है, ये बात उसके पिता को आठ दिन पहले ही पता चल गई थी। इस बात को लेकर दोनों में झगड़ा भी हुआ था। पिता अपने बेटे को बचाने और उसे सरेंडर कराने के लिए एक वकील से भी मिले, लेकिन इस बीच हबीबुल घर से लापता हो गया। इस बीच UP ATS ने उठा लिया। वह एक महीने से भाजपा की निलंबित प्रवक्ता नूपुर शर्मा के मर्डर साजिश रच रहा था।" यह बातें हबीबुल के दोस्त ने भास्कर को बताई हैं।

ये फतेहपुर में हबीबुल का कमरा है। जो अब बंद है।
ये फतेहपुर में हबीबुल का कमरा है। जो अब बंद है।

"चाचा ने जमीन पर पटक कर फोन तोड़ा था"
दोस्त ने बताया, "हबीबुल के पिता ने उसके कमरे में कुछ दस्तावेज और फोन में कुछ वीडियो देख लिए थे। पिता ने उसको नूपुर शर्मा पर हमले और पाकिस्तान में किसी से फोन पर बात करते भी सुन लिया था। इसके बाद चाचा ने उसको बहुत मारा था। वो बार-बार उसे पूछ रहे थे, ''तू किस हमले की बात कर रहा है। तेरे फोन में ये वीडियो कहां के हैं।''

हबीबुल कुछ नहीं बोल रहा था। उल्टा उसने अपने पिता से फोन छीन लिया था। गुस्से में आकर उसके पिता ने उसका फोन जमीन पर पटककर तोड़ दिया था। करीब ढाई घंटे तक दोनों के बीच लड़ाई चली थी।

ये हबीबुल का दोस्त है। हम इसका चेहरा नहीं दिखा सकते हैं। उसने सारी बातें बताई हैं।
ये हबीबुल का दोस्त है। हम इसका चेहरा नहीं दिखा सकते हैं। उसने सारी बातें बताई हैं।

"हबीबुल बैग लेकर घर से कहीं चला गया था"
दोस्त ने आगे बताया, ''गुस्से में हबीबुल अपने कमरे में चला गया था। उसने कमरा बंद कर लिया था। उसके पिता बाहर बैठकर रोते हुए उसे बाहर आने के लिए बोल रहे थे, लेकिन वो बाहर नहीं आया। कुछ देर बाद वो बैग लेकर बाहर निकला और बिना किसी से कुछ कहे कहीं चला गया। उस दिन मैंने आखिरी बार हबीबुल को देखा था। मैंने उसको रुकने के लिए भी बोला लेकिन वो मुझे नजरअंदाज करके चला गया।''

घर से नाराज होकर निकलने के बाद हबीबुल इसी मदरसे में रुका था।
घर से नाराज होकर निकलने के बाद हबीबुल इसी मदरसे में रुका था।

"मदरसे में बच्चों को तालीम दे रहा था हबीबुल"
ATS ने हबीबुल को अब्बुनगर के ईदगाह मैदान के पास से गिरफ्तार किया था। वो घर से जाने के बाद वहीं रह रहा था। वहां वो मदरसे में ही रुका हुआ था। वहीं पर बच्चों को तालीम दे रहा था।

"हमेशा गुस्से में रहता था हबीबुल"
मदरसे के लोगों ने बताया, ''हबीबुल 8 दिन यहीं रुका था। वो कहीं नहीं गया था। किसी से बात नहीं करता था। हमेशा गुस्से में ही रहता था। वो हमेशा फोन यूज करता दिखाई देता था। अपने कमरे को हमेशा बंद करके रखता था। कभी-कभी पास की दुकान पर बस चाय पीने जाता था।''

हबीबुल के मोहल्ले सैय्यदवाड़ा में गलियां सूनी पड़ी हुई हैं।
हबीबुल के मोहल्ले सैय्यदवाड़ा में गलियां सूनी पड़ी हुई हैं।

मैंने पढ़ाई को लेकर मारा था- पिता जफरुल
हबीबुल के पिता जफरुल इस्लाम से बात की गई तो उन्होंने बताया, "उनकी उनके बेटे से लड़ाई जरूर हुई थी, लेकिन किसी आतंकवादी गतिविधियों की वजह से नहीं। मैं तो उसको पढ़ाई के लिए डांट रहा था। जवाब देने पर उसको पीटा था। पढ़ाई पर ध्यान दे इसलिए फोन तोड़ दिया था।"

कमरे से खाली डिब्बे, मैप मिले- पुलिस
एक पुलिस अधिकारी ने बताया, "ATS की जांच में खुलासा हुआ है कि हबीबुल किसी हमले की फिराक में था। उसके फोन से कई अहम सुराग मिले हैं। कमरे से डायरी, मैप और कुछ डिब्बे मिले हैं। उसके पास लाल, हरे, काले और नीले कलर के 4 पेन भी मिले थे। हबीबुल के साथ कई और लड़कों को भी उठाया गया था। सबूत न मिलने पर उनको छोड़ दिया गया है। हम लोगों ने भी उस एरिया में पुलिस की तैनाती कर दी है।"

ये ईदगाह है। इसके पास से ही दो दिन पहले ATS ने हबीबुल को उठाया था।
ये ईदगाह है। इसके पास से ही दो दिन पहले ATS ने हबीबुल को उठाया था।

सहारनपुर से भी पकड़ा गया था आतंकी
बता दें, ATS ने यूपी के फतेहपुर से 14 अगस्त को 19 साल के आतंकी हबीबुल को गिरफ्तार किया था। वह अपने पिता और छोटे भाई के साथ तीन कमरे के घर में रहता था। वो जिस मोहल्ले में रहता था उसका नाम सैय्यदवाड़ा है।

ATS के मुताबिक, हबीबुल सहारनपुर से पकड़े गए आतंकी नदीम का साथी है। दोनों फिदायीन हमले की तैयारी कर रहे थे। दोनों जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े थे। जांच में सामने आया कि हबीबुल के टारगेट पर गुजरात था।

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