जैश-ए-मोहम्मद के आंतकी के घर से रिपोर्ट:हबीबुल के पिता अंदर से ही चिल्लाकर बोले- मेरे अब 3 बेटे हैं, एक बेटा मर गया

फतेहपुर5 महीने पहले

ATS ने यूपी के फतेहपुर से 19 साल के आतंकी हबीबुल को गिरफ्तार किया है। वह अपने पिता और छोटे भाई के साथ तीन कमरे के घर में रहता था। वो जिस मोहल्ले में रहता था उसका नाम सैय्यदवाड़ा है। वहां भी आजादी का 75वां अमृत महोत्सव मनाने की तैयारियां चल रहीं थी, लेकिन जब से हबीबुल के आतंकी होने की बात सामने आई है। पूरे मोहल्ले में सन्नाटा है। तैयारियां छोड़कर लोग घरों में कैद हो गए हैं।

फिदायीन हमले की कर रहा था तैयारी
एटीएस के मुताबिक, हबीबुल सहारनपुर से पकड़े गए आतंकी नदीम का साथी है। दोनों फिदायीन हमले की तैयारी कर रहे थे। दोनों जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े थे। जांच में सामने आया कि हबीबुल के टारगेट पर गुजरात था। उसके पिता ने बताया, हबीबुल ने गुजरात में ही कहीं एडमिशन ले रखा था। वो ज्यादातर वहीं रहता था।

आइए अब आपको हबीबुल के घर की तरफ लेकर चलते हैं...

कॉलेज के परिसर में हबीबुल का परिवार भी रहता है।
कॉलेज के परिसर में हबीबुल का परिवार भी रहता है।

फतेहपुर में डीएम ऑफिस से 1 किलोमीटर दूर भास्कर टीम हबीबुल के घर पहुंची। हबीबुल की गिरफ्तारी के बाद मोहल्ले में गलियां सूनी हैं। मोहल्ले पर ही एक चाय की दुकान दिखी। हबीबुल का नाम पूछने पर वहां काम करने वाले एक युवक ने बताया कि वह मुस्लिम इंटर कॉलेज परिसर में किराए के कमरे में रहता था। 15 मिनट के अंदर हम लोग परिसर में पहुंच गए।

घरों के बाहर तिरंगा लगा था लेकिन हबीबुल की गिरफ्तारी के बाद 75वें स्वतंत्रता दिवस की कोई तैयारी नहीं चल रही थी।
घरों के बाहर तिरंगा लगा था लेकिन हबीबुल की गिरफ्तारी के बाद 75वें स्वतंत्रता दिवस की कोई तैयारी नहीं चल रही थी।

पड़ोस के लोग बोले- हम हबीबुल को नहीं जानते हैं
परिसर के अंदर पहुंचे तो कुछ लोग बातें कर रहे थे। परिसर के पास सजावट का सामान बिखरा हुआ था। हम लोग भी उन लोगों के पास पहुंचे। हम लोगों को देखते ही वो शांत हो गए और जाने लगे। हमने उनसे हबीबुल का घर पूछा तो कहा- हमें नहीं पता।

मौलवी ने बताया हबीबुल का घर
काफी देर खड़े होने के बाद परिसर में बने मदरसे के मौलवी बाहर आए। उन्होंने हबीबुल का घर दिखाया। हम लोग हबीबुल के घर के बाहर पहुंचे। घर का दरवाजा आधा खुला हुआ था। मौलवी भी हम लोगों के साथ थे। उन्होंने हबीबुल के पिता को कई आवाजें दी लेकिन वो बाहर नहीं निकले।

हबीबुल के पिता मदरसे में पढ़ाते हैं। वो अपने बेटे की गिरफ्तारी के बाद से किसी से बात नहीं कर रहे हैं।
हबीबुल के पिता मदरसे में पढ़ाते हैं। वो अपने बेटे की गिरफ्तारी के बाद से किसी से बात नहीं कर रहे हैं।

पिता बोले- 4 में से 1 बेटा मर गया
बहुत देर बाद पिता अंदर से बोले, मेरे 3 बेटे हैं। एक बेटा मर गया। हमें नहीं पता था वो गद्दार निकल जाएगा। आजादी दी थी जिससे वो कुछ अच्छा काम करे। पर वो तो जिंदगी भर की शर्मिंदगी देकर चला गया। इतना कहकर वो तेज-तेज रोने लगे। मौलवी के बहुत कहने पर वो बाहर आए।

"पढ़ाई के लिए मैंने डांटा तो भाग गया"
रोते हुए पिता जफरुल इस्लाम ने बताया, "बेटा दिनभर फोन चलाता था। उसने गुजरात में किसी कोर्स में एडमिशन लिया था। वो हर 15 दिन में गुजरात जाता था। प्रतापगढ़ में भी उसने किसी कॉलेज में एडमिशन ले रखा था। मैं उसको किसी एक जगह पढ़ाई के लिए बोलता था लेकिन वो सुनता नहीं था। कहीं जाता था तो कमरा बंद कर जाता था। अभी 29 मई को मैंने उसको पढ़ाई के लिए डांटा था। तब वो गुस्सा होकर घर से भाग गया। कुछ दिन बाद वो वापस आ गया था।"

हबीबुल की गिरफ्तारी के बाद से पूरे मोहल्ले में सन्नाटा पसरा हुआ है।
हबीबुल की गिरफ्तारी के बाद से पूरे मोहल्ले में सन्नाटा पसरा हुआ है।

"पता नहीं, वह कब इन चक्करों में फंस गया"
पिता ने बताया, "जब वह वापस आया तो उसने बोला था, अब वो मदरसे में बच्चों को पढ़ाएगा। कुछ दिन पहले वो गुजरात जाने की कहकर घर से निकला था। शायद 4 दिन बाद फिर से वापस आ गया। आसपास के लोगों से भी वो बात करता था। मस्जिद भी जाता था। पता नहीं कब वो इन सब चक्करों में पड़ गया।"

इसी मोहल्ले में हबीबुल रहता था।
इसी मोहल्ले में हबीबुल रहता था।

"बेटे ने एक बार पीछे मुड़कर नहीं देखा"
पिता ने बताया, "बेटे को जब ATS लेकर जा रही थी तो मैं रो रहा था। मेरा छोटा बेटा भी परेशान था लेकिन हबीबुल को कोई घबराहट नहीं थी। वो उनके साथ आसानी से जा रहा था। उसको देखकर लग नहीं रहा थी कि ये 19 साल का मेरा बेटा है। उसने एक बार भी पीछे मुड़कर नहीं देखा था। हम लोग यहां 30 साल से रह रहे हैं। बिहार से यहां आए थे। कभी इतनी बेइज्जती नहीं लगी जितनी आज लग रही है।"

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