फिरोजाबाद में डेंगू से 24 घंटे में 7 और मौतें:मरने वालों का आंकड़ा 135 पहुंचा; एक दिन पहले भी 14 की हुई थी मौत; चित्रकूट में 13 दिनों में 11 लोगों की गई जान

फिरोजाबादएक महीने पहले

फिरोजाबाद में डेंगू का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। सोमवार को 24 घंटे के अंदर 7 बच्चों की मौत हो गई। मेडिकल कॉलेज के बाहर परिजन बीमार बच्चों को लेकर भटक रहे हैं, लेकिन उनको एडमिट करने के लिए बेड नहीं मिल रहा है। एक दिन पहले भी 14 बच्चों ने जान गंवाई थी। उधर, चित्रकूट में भी 13 दिन में 11 लोगों की बुखार से मौत हो गई।

मालवीय नगर के आकाश (12) पुत्र पप्पू को बुखार आया था। परिजन उसे एफएच मेडिकल कॉलेज लेकर जा रहे थे। रास्ते में उसने दम तोड़ दिया। यमुना नगर की सुरभि (7) पुत्री लोकेश की डेंगू हो गया था। परिजन उसे लेकर आगरा जा रहे थे। रास्ते में उसकी मौत हो गई। उमा भारती (11) पुत्री सुरेंद्र कुमार निवासी नगला करन सिंह को डेंगू हो गया था। हालत गंभीर होने पर उसे ट्रामा सेंटर से आगरा रेफर किया था। जहां रास्ते में उसकी मौत हो गई।

श्रेष्ठ बघेल (11) पुत्र प्रवेंद्र बघेल, आदर्श (8 माह) पुत्र अमित शर्मा निवासी नगला विष्णु, हिमांशु (5 माह) पुत्र श्यामवीर निवासी टापा कला, खुशी (4 माह) पुत्री श्रीपाल निवासी जमालपुर को भी बुखार था। सभी का प्राइवेट हॉस्पिटल में इलाज चल रहा था। रविवार को सभी की मौत हो गई।

सामान्य जुकाम, सर्दी और खांसी वाले बच्चों को ओपीडी में दिखाकर घर भेज दिया जाता है।
सामान्य जुकाम, सर्दी और खांसी वाले बच्चों को ओपीडी में दिखाकर घर भेज दिया जाता है।

423 बच्चों के लिए 70 डॉक्टरों की तैनाती

मेडिकल कॉलेज की प्राचार्या डॉ. संगीता अनेजा ने बताया कि मेडिकल कॉलेज में कुल 70 बच्चों के डॉक्टर कार्य कर रहे हैं। गंभीर बीमारी वाले बच्चों को भर्ती किया जा रहा है। जबकि सामान्य जुकाम, सर्दी और खांसी वाले बच्चों को ओपीडी में दिखाकर घर भेज दिया जाता है।

अस्पतालों में चीख पुकार की गूंज सुनाई दे रही है। सरकारी अस्पताल में मरीजों को भर्ती के बेड तक नहीं मिल रहे है।
अस्पतालों में चीख पुकार की गूंज सुनाई दे रही है। सरकारी अस्पताल में मरीजों को भर्ती के बेड तक नहीं मिल रहे है।

सरकारी अस्पताल में खाली नहीं बेड

डेंगू, मलेरिया वायरल बुखार का कहर हर रोज भयावह रूप धारण करता जा रहा है। अब तो लोग डरे और सहमे देखे जा रहे हैं। अस्पतालों में चीख पुकार की गूंज सुनाई दे रही है। सरकारी अस्पताल में मरीजों को भर्ती के बेड तक नहीं मिल रहे है। लोगों को अपने मरीज भर्ती कराने के लिये सत्ताधारी दल के नेताओं का सहारा लेना पड़ रहा है। शहर से लेकर गांवों तक घर-घर चारपाइयां बिछी हुई हैं। लोगों में स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम के अधिकारियों को लेकर गुस्सा नजर आ रहा है।

वर्तमान में सौ शैय्या अस्पताल में 423 मरीज भर्ती हैं। इधर, निजी अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ रही है।
वर्तमान में सौ शैय्या अस्पताल में 423 मरीज भर्ती हैं। इधर, निजी अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ रही है।

सौ शैय्या अस्पताल में 423 मरीज भर्ती

राजकीय मेडिकल कॉलेज स्थित सौ शैय्या अस्पताल में 24 घंटे में कराई गई एलाइजा जांच में 101 नए मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है। वर्तमान में सौ शैय्या अस्पताल में 423 मरीज भर्ती हैं। इधर, निजी अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ रही है। सौ शैय्या अस्पताल में गंभीर हालत में आने वाले मरीजों को ही भर्ती किया जा रहा है। सोमवार को सौ शैय्या अस्पताल में महिलाएं अपने बीमार बच्चों को गोद में लिए रोते-बिलखते दिखाई दीं।

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में पहुंचने वाले मरीजों को जिला अस्पताल रेफर किया जा रहा है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में पहुंचने वाले मरीजों को जिला अस्पताल रेफर किया जा रहा है।

चित्रकूट में बुखार से 11 लोगों की गई जान

चित्रकूट में अनजान बुखार का कहर जारी है। कुछ दिनों पहले जिला प्रशासन और चिकित्सा विभाग ने कहा था कि वे कोरोना या फिर किसी भी तरह के बुखार से निपटने के लिए तैयार हैं, लेकिन ये बातें धरातल पर फेल नजर आ रही हैं। जिले में 1 सितंबर से 13 सितंबर तक अनजान बुखार से 11 मौतें हो चुकी हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में पहुंचने वाले मरीजों को जिला अस्पताल रेफर किया जा रहा है। जिला अस्पताल में बुखार के लिए 3 डॉक्टर हैं। इसके अलावा बच्चों के लिए तीन स्पेशलिस्ट हैं। यहां के मरीजों को प्रयागराज रेफर किया जा रहा है।

जिला अस्पताल, चित्रकूट में बुखार के लिए 3 डॉक्टर हैं। इसके अलावा बच्चों के लिए तीन स्पेशलिस्ट हैं।
जिला अस्पताल, चित्रकूट में बुखार के लिए 3 डॉक्टर हैं। इसके अलावा बच्चों के लिए तीन स्पेशलिस्ट हैं।
खबरें और भी हैं...