पटाखों से खराब हुई सुहागनगरी की आवो-हवा:देश का 8वां प्रदूषित शहर बना फिरोजाबाद, पटाखों के शोर में गुम हुए NGT के आदेश

फिरोजाबाद24 दिन पहले
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पटाखों से खराब हुई सुहागनगरी की आवो-हवा। - Dainik Bhaskar
पटाखों से खराब हुई सुहागनगरी की आवो-हवा।

दिवाली की खुशियों के बीच की गई आतिशबाजी से फिरोजाबाद शहर में इतना प्रदूषण बढ़ गया कि देश का 8वां प्रदूषित शहर हो गया। यहां पटाखों के आतिशबाजी के बीच एनजीटी के आदेश हवा हो गए। ग्रीन पटाखे चलाने के आदेश के बाद भी शहर भर में कहीं भी ग्रीन पटाखे देखने तक को नहीं मिले। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) द्वारा जारी किए गए आंकड़ों में फिरोजाबाद को प्रदूषित शहर दिखाया गया है।

फिरोजाबाद शहर टीटीजेड में शामिल है। यहां पर प्रदूषण को रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट और एनजीटी द्वारा पटाखे जलाने पर रोक लगा दी थी। दिवाली को देखते हुए यहां केवल ग्रीन पटाखे चलाने की ही अनुमति थी, लेकिन पूरे शहर में ग्रीन पटाखे कहीं देखने को नहीं मिले। लोगों से कार्बनिक तत्वों के अलावा आर्सेनिक, लेड आदि तत्वों का उर्त्सजन करने वाले पटाखों के प्रयोग नहीं करने की अपील भी की गई थी, लेकिन बावजूद इसके जिले भर में आतिशबाजी की गई।

प्रदूषण से सारा शहर धुंध से छा गया

दिवाली और गोवर्धन पूजा पर बम धमाके और प्रदूषण से सारा शहर धुंध से छा गया। नगला भाऊ स्थित अत्याधुनिक मॉनिटरिंग सिस्टम की रिपोर्ट के मुताबिक हवा में घुलनशील पीएम-2.5 की मात्रा सामान्य से अधिक 395 एवं पीएम-10 की मात्रा 334 तक के उच्च स्तर तक दर्ज की गई। आसमान में धुंध की माप 1015 तक दर्ज की गई। ध्वनि प्रदूषण की माप भी 85 डेसीबल तक दर्ज की गई, जो सामान्य से करीब 35 डेसीबल ज्यादा है।

क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से प्राप्त जानकारी के मुताबिक, गत वर्ष आतिशबाजी से उत्सर्जित होने वाले कार्बनिक तत्वों, एल्युमिनियम, मेटल आदि की मात्रा अत्यधिक थी। पीएम-10 और पीएम-2.5 की मात्रा सामान्य स्थिति 150 से कहीं ज्यादा 270 से 300 के बीच मापी गई थी।

कारखानों में कोयला जलाने पर लगी है रोक

फिरोजाबाद के प्रदूषण को रोकने के लिए एनजीटी द्वारा शहर के कारखानों में कोयला जलाने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। यहां तक कि क्षेत्र के ईंट-भट्टों को भी बंद करा दिया गया है। बावजूद इसके पटाखे जलाने और कूड़े में आग लगाने से वायुमंडल की आवो-हवा जहरीली हो गई।