फिरोजाबाद के 4 दोस्तों की मौत:नई वैगनआर कार से पहली बार निकले थे कैली देवी दर्शन करने, क्या पता था ये उनके जीवन का आखिरी सफर होगा; हादसे से परिवार में कोहराम

फिरोजाबाद3 महीने पहले
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दर्शन कर वापस घर लौट रहे 4 दोस्तों की एक्सीडेंट में मौत। - Dainik Bhaskar
दर्शन कर वापस घर लौट रहे 4 दोस्तों की एक्सीडेंट में मौत।

उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद के चार दोस्तों की सड़क हादसे में दर्दनाक मौत हो गई। वो राजस्थान कैली देवी दर्शन कर वापस लौट रहे थे। बीच रास्ते गाड़ी चलाते समय चालक को झपकी आ गई। जिससे कार सामने से आ रही बोलेरो से टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि, कार पलटकर दूर जा गिरी। हादसे में एक युवक को चोटें आई हैं।

एक्सीडेंट की सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंच शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस ने मृतकों के परिवार को हादसे की सूचना दी। जिसके बाद से परिजनों में कोहराम मच गया।

रितेश ने खरीदी थी नई वैगरआर कार

जिले के रामनगर निवासी रितेश गुप्ता ने वैगनआर कार खरीदी थी। कार खरीदने के बाद वो शुक्रवार को पहली बार नई कार सेअपने दोस्त देवेंद्र, अरविंद, प्रमोद और प्रवीन गुप्ता के साथ राजस्थान के कैला देवी दर्शन के लिए निकला था। शनिवार सुबह मंगला दर्शन करने के बाद सभी वापस घर लौट रहे थे। इसी बीच थाना सरमथुरा धौलपुर क्षेत्र में उनका एक्सीडेंट हो गया। कार सामने से आ रही बोलेरो से टकरा गई। टक्कर से कार पलट गई। हादसे में रितेश, देवेंद्र, अरविंद और प्रमोद की मौत हो गई। जबकि, प्रवीन घायल हो गया। एक्सीडेंट की सूचना पाकर मौके पर पहुंची सरमथुरा थाने की पुलिस ने घायल को अस्पताल भिजवाया। इसके बाद शवों को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया। पुलिस ने मृतकों के परिजनों को हादसे की सूचना दी। सूचना मिलने के बाद परिजन फिरोजाबाद से घटना स्थल की ओर रवाना हो गए।

परिवार ने मना किया था कार से जाने के लिए

रितेश गुप्ता कई सालों से अपने दोस्तों के साथ मंदिर दर्शन जा रहे थे। हर महीने की सप्तमी को निकलते थे और अष्टमी की सुबह मंगला आरती के बाद घर वापस होते थे। इसबार रितेश ने दोस्तों संग नई कार से राजस्थान जाने का फैसला किया। इसपर परिजनों ने उसको खुद कार चलाकर जाने से मना भी किया, लेकिन परिवार की बात को रितेश ने अनसुना कर दिया। उन्हें क्या पता था कि, ये सफर उनके जीवन का आखिरी सफर बन जाएगा।

किसे पता था वापस नहीं लौटेगा

चूड़ी डेकोरेशन का काम करने वाले प्रवीन के ताऊ का चार दिन पहले निधन हो गया था। परिवार में मौत होने से सूतक चल रहा था। सूतक में प्रवीन के पिता और भाई ने उसे इसबार कैला देवी जाने से मना किया था। इसपर प्रवीन ने यह कहकर परिवार को मना लिया था कि, वो बाहर से ही मंदिर के दर्शन करेगा। अंदर नहीं जाएगा। अब परिजन यही कहकर बिलख रहे हैं कि, काश उसकी बात न सुनी होती तो बेटा जिंदा होता।

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