फिरोजाबाद मेडिकल कॉलेज में डायलिसिस के लिए वेटिंग:मरीजों की संख्या बढ़ी, मैनपुरी और एटा से भी पहुंच रहे मरीज, अस्पताल में संचालित हैं 15 मशीनें

फिरोजाबाद2 महीने पहले
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वैसे तो फिरोजाबाद में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर बेहतर बदलाव हुए हैं और लगातार हो रहे हैं। मेडिकल कॉलेज सेवाएं दे रहा है। लेकिन, अस्पताल में मरीजों की आमद बढ़ने से चिकित्सीय मशीनें कम पड़ने लगी हैं। डायलिसिस के लिए वेटिंग बढ़ गई है। यहीं वजह है कि डायलिसिस यूनिट में 5 और मशीनें व बेड बढ़ाने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है।

PPP मॉडल पर होती है डायलिसिस
मेडिकल कॉलेज अस्पताल में पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) के आधार पर डायलिसिस की जाती है। जितनी डायलिसिस होती है, उतने का भुगतान अस्पताल की तरफ से संबंधित कंपनी को किया जाता है। डायलिसिस यूनिट में 15 मशीनें हैं। उनमें से एक मशीन हेपेटाइटिस सी के मरीजों के लिए आरक्षित रहती है। 24 घंटे की 3 शिफ्ट में 40 से 45 मरीजों की डायलिसिस की जाती है।

डायलिसिस मशीन (फाइल फोटो)।
डायलिसिस मशीन (फाइल फोटो)।

आसपास जिलों से भी आते हैं मरीज
फ्री व्यवस्था होने की वजह से पड़ोसी जिलों के मरीज भी डायलिसिस कराने यहां आते हैं। मरीजों की संख्या के मद्देनजर मशीनें कम पड़ने लगी हैं। डायलिसिस यूनिट के मैनेजर प्रवेश तोमर ने बताया कि 7 लोग डायलिसिस कराने के लिए वेटिंग लिस्ट में हैं। उनसे कहा गया है कि जल्दी होने की स्थिति में वे किसी दूसरी जगह डायलिसिस करा सकते हैं।

मेडिकल अस्पताल के सीएमएस डॉ. श्याम मोहन गुप्ता ने बताया, यूनिट में 5 और मशीनें व बेड बढ़ाने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। इसे जल्द स्वीकृति मिलने की उम्मीद है। इसके बाद मरीजों को परेशान नहीं होना पड़ेगा।

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