फिरोजाबाद में फैला जानलेवा बुखार:15 दिनों में 52 लोगों की मौत, CM योगी जिस बच्ची से अस्पताल में मिले थे उसने भी दम तोड़ा; CMO को हटाया गया

फिरोजाबाद9 महीने पहले
फिरोजाबाद के जिला अस्पताल में हर घंटे औसतन 8 से 10 बीमार बच्चे पहुंच रहे हैं।

उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में अनजान बुखार का कहर बढ़ता जा रहा है। बीते 12 घंटे में 7 और बच्चों की मौत हो गई। सोमवार को मेडिकल कॉलेज फिरोजाबाद में निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिस बच्ची कोमल से मुलाकात की थी, उसकी भी मौत हो गई है।

जिले में इस अनजान बुखार से 15 दिनों के अंदर मरने वालों का आंकड़ा 52 हो गया है। मेडिकल कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ. संगीता अनेजा ने बताया कि 240 बच्चे भर्ती हैं। ज्यादातर को उल्टी और डायरिया की शिकायत है। इनमें डेंगू और मलेरिया जैसे लक्षण हैं। इस बीच, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने फिरोजाबाद की CMO डॉ. नीता कुलश्रेष्ठ को हटा दिया है। उनकी जगह अब डॉ. दिनेश कुमार प्रेमी को चार्ज सौंपा गया है।

फिलहाल, मरीजों की लगातार बढ़ती संख्या से अस्पतालों में हालात भयावह होते जा रहे हैं। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च यानी ICMR की टीम ने भी मृतक और बीमार बच्चों का सैंपल लिया था। आशंका थी कि कहीं कोरोना के किसी नए वैरिएंट से तो मौतें नहीं हो रही हैं। हालांकि अब तक की रिपोर्ट में एक भी कोरोना का केस नहीं मिला है।

सीएम योगी के 3 बड़े आदेश

1. CMO डॉ. नीता कुलश्रेष्ठ को हटाकर उनकी जगह डॉ. दिनेश कुमार प्रेमी को चार्ज सौंपा गया।
2. जांच के लिए 11 विशेषज्ञ डॉक्टर्स की टीम फिरोजाबाद जाएगी। ये टीम बच्चों का इलाज करेगी और बीमारी का कारण पता लगाएगी।
3. सभी बच्चों का इलाज बिल्कुल मुफ्त होगा।

बुखार से पीड़ित बच्चे को लेकर अस्पताल पहुंचे परिवार वाले।
बुखार से पीड़ित बच्चे को लेकर अस्पताल पहुंचे परिवार वाले।

हर घंटे 8-10 बच्चे अस्पताल में भर्ती हो रहे
फिरोजाबाद के जिला अस्पताल में हालात खराब होते जा रहे हैं। यहां हर घंटे 8 से 10 बीमार बच्चे भर्ती किए जा रहे हैं। इससे बेड का संकट हो गया है। शहर में सत्य नगर टापा कला के रहने वाले राजीव की 12 साल की बेटी नंदनी की इस अनजान बुखार से मौत हो गई। राजीव ने बताया कि दो दिन पहले उनकी बेटी को बुखार आया था। अस्पताल में भर्ती किया, लेकिन जान नहीं बची।

गांव-गांव जाकर मेडिकल कैंप लगाया जा रहा है, लेकिन हालात काबू में नहीं आ रहे हैं।
गांव-गांव जाकर मेडिकल कैंप लगाया जा रहा है, लेकिन हालात काबू में नहीं आ रहे हैं।

कॉलोनियों में पसरा सन्नाटा
दैनिक भास्कर की टीम ने इस बीमारी से सबसे ज्यादा प्रभावित शहर के ऐलान नगर का जायजा भी लिया। कॉलोनी में रहने वाली सरोज ने बताया कि अनजान बुखार यूं तो सबको हो रहा है, लेकिन बच्चों पर सबसे ज्यादा असर है। बच्चों को बुखार आता है। कमजोरी महसूस होती है। लोग अस्पताल ले जाते हैं और एक या दो दिन में ही उनकी मौत हो जा रही है। 10 दिन के अंदर इसी कॉलोनी से 7 बच्चों की मौत हो चुकी है।

मथुरा : 10 की मौत हो चुकी है, 60 अभी भी इलाज करा रहे हैं। मथुरा की फरह ब्लॉक के कोंह, पिपरौठ और रैपुराजाट गांव में अभी 60 से ज्यादा लोग बीमार हैं। यहां पिछले 15 दिन में 10 लोग जान गवां चुके हैं। पिपरौठ गांव में बुखार से सबसे ज्यादा 20 से 25 लोग बीमार हैं। यहां पिछले 4 दिनों में दो की मौत हो चुकी है। वहीं, रैपुराजाट गांव में 12 से ज्यादा लोग बीमार हैं।

सहारनपुर : शनिवार को एक दिन में 4 मौतें, 100 से ज्यादा बीमार

गांव-गांव में मेडिकल कैंप लगाकर बच्चों की स्क्रीनिंग की जा रही है।
गांव-गांव में मेडिकल कैंप लगाकर बच्चों की स्क्रीनिंग की जा रही है।

सहारनपुर में भी अनजान बीमारी का कहर है। यहां के टपरी कला गांव के लगभग हर घर में एक व्यक्ति बुखार से पीड़ित है। पिछले शनिवार को एक दिन के अंदर 4 लोगों ने यहां दम तोड़ दिया था। 100 से ज्यादा लोग अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती हैं। 12 लोग हायर सेंटर पीजीआई चंडीगढ़ में इलाज करा रहे हैं।

गांव के ही जावेद (25) को कुछ दिन पहले हल्का बुखार और सिर दर्द था। इस कारण उसने गांव के ही एक छोलाछाप डॉक्टर से दवाई ली थी। बुखार तो कुछ समय के लिए उतर गया, लेकिन अगले दिन फिर से हो गया। पिता अकरम का कहना है कि बेटे जावेद को बुखार आने पर निजी अस्पताल में ले गए, लेकिन चिकित्सक ने कुछ दिन रखने के बाद हायर सेंटर रेफर कर दिया था।

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