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UP के 7 जिलों में बुखार से 157 की मौत:24 घंटे के अंदर फिरोजाबाद में 6, मैनपुरी-मथुरा में 4 लोगों ने दम तोड़ा; कानपुर में 48 घंटे में 4 मौतें, मेरठ में डेंगू के 21 मरीज मिले

फिरोजाबाद/मथुरा/ कानपुर22 दिन पहले

यूपी बुखार से तप रहा है। डेंगू, वायरल फीवर से लगातार मौतों का सिलसिला जारी है। फिरोजाबाद के हालात सबसे ज्यादा ख़राब हैं। बीते 24 घंटों में यहां 6 मौतें हुईं हैं। कानपुर में बीते 48 घंटे में 4 मौत हुई है, जबकि मैनपुरी में 2, मथुरा में 2, कासगंज और एटा में 1-1 मौत हुई है। फर्रुखाबाद में 9 मौतों के बाद आंकड़ा बढ़ा नहीं है।

फिरोजाबाद, मथुरा और आगरा में बढ़ते डेंगू के मरीजों को देखते हुए सीएम योगी ने निर्देश जारी किये हैं। टीम-09 की बैठक में उन्होंने पीजीआई, केजीएमयू और आरएमएल हॉस्पिटल लखनऊ से तीन-तीन डॉक्टर्स की टीम भेजने को कहा है। साथ ही सीएम योगी ने कहा कि फिरोजाबाद में हो रही मौतों के पीछे स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम के कुछ अधिकारियों की लापरवाही सामने आई है। मामले की पड़ताल कर इन अधिकारीयों पर कार्रवाई की जाए। सीएम हेल्पलाइन से मरीजों से संपर्क करने का आदेश भी दिया है।

फिरोजाबाद: यहां अब तक 87 मौत, 24 घंटे में 3 बच्चों समेत 6 की मौत

फिरोजाबाद में सरकार भले ही हालात सुधरने का दावा कर रही हो लेकिन हालात लगातार खराब हो रहे हैं। बीते 24 घंटे में ही 3 बच्चों समेत 6 लोगों की मौत हो गयी है। अस्पताल का मंजर ऐसा है कि यहां आने वाले मां-बाप की आंखों के आंसू देखकर आपकी भी आंख नम हो जाएगी। बच्चे को बुखार आने पर कोई मां रोते हुए बच्चे को सीने से चिपकाकर अस्पताल पहुंच रही है तो कोई बाप पीठ और गोदी में लेकर अस्पताल पहुंच रहे हैं। कलेजे के टुकड़े की सलामती के लिए मां बाप डॉक्टरों के आगे हाथ जोड़ते नजर आ रहे हैं। यह नजारा अब फिरोजाबाद में आम हो गया है।

एक मां अपने बीमार बच्चों को अस्पताल लेकर पहुंची है।
एक मां अपने बीमार बच्चों को अस्पताल लेकर पहुंची है।

वहीं बीते रविवार को 14 साल के पवन की मौत के बाद झलकारी नगर मोहल्ले में सन्नाटा पसरा हुआ है। वह अस्पताल में भर्ती था। पिता सूरज कुमार बताते हैं, 'मेरे बच्चे की मौत लापरवाही से हुई है। मैं बार बार कह रहा था कि मेरे बेटे की हालत बिगड़ रही है, लेकिन स्टाफ ने ध्यान नहीं दिया। इसकी वजह से मेरे बच्चे की मौत हो गयी'। पीपल नगर की 3 महीने की जान्हवी भी डेंगू की चपेट में आ गई। परिजनों ने पहले उसे निजी डॉक्टर को दिखाया फिर हालत बिगड़ी तो सरकारी अस्पताल पहुंचे, लेकिन उसे बचा नहीं सके। इसी तरह, 25 वर्षीय नीलम, 5 साल की छवि, अखिल और रोशनी ने भी डेंगू से दम तोड़ दिया।

फिरोजाबाद में बच्चे को गोद में लिए हुआ परिजन।
फिरोजाबाद में बच्चे को गोद में लिए हुआ परिजन।

फिरोजाबाद में मछलियों के सहारे जिला प्रशासन

डेंगू से फैली महामारी की रोकथाम को लेकर पूरा जिला प्रशासन अब गंबूसिया मछलियों को तालाब में छोड़ने की योजना बना रहा है। विशेषज्ञों का दावा है कि इस प्रकार की मछलियां एक दिन में मच्छरों से पैदा होने वाले लाखों लार्वा का भक्षण कर उसे समाप्त कर देती हैं। इससे काफी हद तक मच्छरों से पनपने वाली बीमारियों को दूर किया जा सकेगा। नगर आयुक्त फिरोजाबाद प्रेरणा शर्मा ने बताया कि जलभराव वाले 50 स्थानों पर गंबूसिया मछलियां छोड़ी जाएंगी। अभी केवल 5 तालाबों में यह छोड़ी गई हैं। इससे काफी हद तक मच्छरों से निजात मिलेगी।

मथुरा: यहां अब तक 19 मौत

मध्यप्रदेश से दिल्ली जा रहे अपने परिजनों के साथ आगरा एक्सप्रेसवे पर तबीयत बिगड़ने के बाद जब उसे मथुरा के सीएचसी में लाया गया तो वहां उसकी मौत हो गई। रविवार को ही एक वृद्ध की भी डेंगू से मौत हो गयी। मथुरा में डेंगू के चलते अब तक 19 मौत हो चुकी है। रविवार रात आई रिपोर्ट में 8 नए डेंगू के मरीज मिले हैं। यही नहीं यहां मांट क्षेत्र में बेगमपुरा गांव में वायरल फीवर का प्रकोप बढ़ रहा है। यहां कई परिवारों में मरीज हैं। मथुरा में हालात संभालने के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम प्रभावित गांवों में कैम्प लगाकर जांच कर रहे हैं।

मथुरा के अस्पतालों में भी लंबी लाइन लगी है।
मथुरा के अस्पतालों में भी लंबी लाइन लगी है।

मैनपुरी: यहां भी 24 घंटे में 2 की मौत, महीने भर में 22 की जान गई

रविवार को यहां एक महिला समेत 2 लोगों की डेंगू से मौत हो गयी। बीते एक महीने में यहां अब तक 22 लोगों की जान जा चुकी है। यहां 35 साल की मंजू देवी को बीते 5 दिन से बुखार आ रहा था। प्राइवेट डॉक्टर को दिखाकर वह इलाज कर रही थी। रविवार को उन्हें आंखों से दिखना बंद हो गया। परिजन उन्हें इटावा ले गए, लेकिन उनकी मौत हो गयी। मैनपुरी के ही उद्दैतपुर में एक 80 वर्षीय बुजुर्ग हेतराम की मौत डेंगू से हुई बताई गई है। उन्हें 5 दिन से बुखार आ रहा था।

कानपुर: डेंगू का असर, प्रभावित इलाकों में कर्फ्यू जैसा माहौल

यहां रविवार तक 6 मौतें हो चुकी हैं। इनमें से 4 मौतें बीते 48 घंटे में ही हुई हैं। अब तक कानपुर में 18 मौतें हो चुकी हैं। कल्याणपुर के कुरसौली गांव में हालात सबसे ज्यादा खराब हैं। लगातार हो रहीं मौतों से कुरसौली में कर्फ्यू जैसा माहौल हो गया है। बहुत से लोग अपने घरों में कैद रहने को मजबूर हो गए हैं, तो कुछ लोग घर छोड़कर दूसरी जगह जाने लगे हैं। कुरसौली गांव में अभी कम से कम 200 लोग बुखार की चपेट में हैं। इनमें से 28 से ज्यादा लोगों में डेंगू की पुष्टि हो चुकी है।

अस्पतालों में भी मच्छरदानी का प्रयोग हो रहा है।
अस्पतालों में भी मच्छरदानी का प्रयोग हो रहा है।

एटा और कासगंज में 1-1 मौत

एटा और कासगंज में भी डेंगू बुखार ने दस्तक दे दी है। इस बीच कल मेडिकल कॉलेज एटा में भर्ती एक 3 साल के बच्चे की बुखार के कारण मौत हो गयी। कासगंज के गांव बहोरा में भी एक बच्चे की मौत हो गयी है। एटा में ओपीडी में बुखार के रोज अभी 5 से 6 मरीज ही पहुंच रहे हैं। एटा में जहां नोडल अधिकारी निगरानी कर रहे हैं तो वहीं कासगंज में अभी डेंगू वार्ड तो बनाया गया है, लेकिन वहां पर्याप्त संसाधन नहीं हैं।

फर्रुखाबाद: अब तक 9 की मौत, 4 दिन से मौतों में इजाफा नहीं

फर्रुखाबाद में डेंगू से हालात संभल गए हैं। बीते 2 सितंबर के बाद से यहां कोई मौत नहीं हुई है। जबकि 2 सितंबर तक 9 मौतें हुई थी। क्षेत्र का जहानगंज में बुखार का असर था लेकिन स्वास्थ्य विभाग ने वहां लगातार कैम्प कर हालात को संभाल लिया है।

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