सिरसागंज में वर्षों पुराना मामला सुलझा:सिकवार मोहल्ले से वनखण्डेश्वर मार्ग पर भूमि मालिक ने दस फुट जमीन को स्थायी मार्ग के लिए दिया, बदले में चकरोड की मांग की

सिरसागंज2 महीने पहले

सिरसागंज नगर पालिका के पीछे मोहल्ला सिकवार बसा है। यहां से लेकर वनखण्डेश्वर मंदिर तक के रास्ते का वर्षों पुराना विवाद का निस्तारण हो गया है। बता दें कि इस रास्ते के किनारे ग्राम सिरसाखास निवासी स्वर्गीय ठाकुर सिकंदर सिंह का खेत था। इसमें एक पट्टी के खेत की प्लाटिंग सिकंदर सिंह के पुत्रों व परिजनों द्वारा कर दी गई थी।

लोगों के लिए बना था अस्थायी रास्ता
वहीं, इस खेत से वर्षों से लोगों के निकलने से एक अस्थायी रास्ता बन गया था। इस रास्ते के लिए कई बार वहां के नागरिकों ने जनप्रतिनिधियों से शिकायत की, लेकिन सिकंदर सिंह के परिजनों ने इस रास्ते पर कोर्ट का स्टे ले लिया था। आखिरकार मामला समाजसेवी डॉ. गुरुदत्त सिंह व गुड्डू खंडेलवाल तक पहुंच गया।

दोनों लोग इस मामले को लेकर कैबिनेट मंत्री जयवीर सिंह के पास पहुंचे और अपनी फरियाद रखी। जिसके बाद कैबिनेट मंत्री ने दोनों पक्षों की बात को समझते हुए एसडीएम विवेक कुमार मिश्र को मौके पर जाकर समुचित समाधान निकालने के निर्देश दिए।

सालों से उलझा विवाद सुलझ गया।
सालों से उलझा विवाद सुलझ गया।

जमीन मालिक ने चकरोड की मांग की
एसडीएम ने लेखपाल देवेंद्र परमार सहित अन्य लेखपालों की टीम को पैमाइश आदि का निर्देश दिया। इसके लिए मंगलवार को लेखपालों की टीम जमीन मालिक दद्दू सिंह , विनोद सिंह पुत्रगण स्वर्गीय सिकंदर आदि के पास गए। उन लोगों ने दस फुट का रास्ता अपने खेत से देने की सहमति दे दी। वहीं इसके बदले उन्होंने खेत के उत्तरी हिस्से में एक शेष चकरोड को दिए जाने की मांग रखी।

लेखपालों की मौजूदगी में सफल हुआ कार्य।
लेखपालों की मौजूदगी में सफल हुआ कार्य।

दोनों पक्षों ने दस्तावेज पर किए हस्ताक्षर
इस मौके पर डॉ. गुरुदत्त सिंह , गुड्डू खंडेलवाल , शिव कुमार सिंह उर्फ भूरे भाई पूर्व प्रधान, टीटू प्रधान आदि लोग मौजूद रहे। थोड़ी देर के प्रयास के बाद आखिरकार दोनों पक्षों में आम सहमति बन गई। सिकवार मोहल्ले के सभ्रांत निवासियों व सिकंदर सिंह के परिजनों ने लिखित समझौते पर हस्ताक्षर करते हुए वर्षों पुराने विवाद का निस्तारण कर लिया।

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