शरीर में आयरन की कमी को पूरा करेगी लाल भिंडी:फिरोजाबाद के किसान ने एक बीघे में उगाई फसल, आठ गुना कमा रहे मुनाफा

सिरसागंज (फिरोजाबाद)2 महीने पहले
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डेढ़ महीने के इनवेस्टमेंट में अगर आठ गुना मुआवजा कमाने को मिल जाए। वो भी बेहद कम जगह और मामूली सी लागत में तो वाकई देश के किसानों की तकदीर बदल सकती है। कुछ ऐसी है लाल भिंडी की खेती। इसकी खेती से न सिर्फ कम वक्त में अच्छी कमाई की जा सकती है बल्कि यह शरीर से आयरन की कमी को भी दूर करती है।

फिरोजाबाद के गांव नगला कंधे निवासी प्रगतिशील किसान लोकेश कुमार ने इस बार खेती मे कुछ नया करके दिखाया है। उन्होंने लाल भिंडी की फसल अपने खेत में तैयार की है। लोकेश कुमार ने बताया कि देश में लगने वाले सभी प्रमुख कृषि मेलों में जाकर खेती की उन्नत तकनीकियों की जानकारी लेते हैं। इस साल वह 8 फरवरी में दिल्ली के पूसा किसान मेले में भी गए थे, जहां उन्होंने भिंडी की यह प्रजाति देखी थी। इसके बाद वह लाल भिंडी बीज लेकर आए और मार्च की शुरुआत में खेतों में इसकी बुआई की। इसके करीब 45 दिन बाद अप्रैल में इसकी फसल तैयार हो गई।

एक बीघा में तैयार हो रही 15 क्विंटल फसल
एक बीघा में तैयार हो रही 15 क्विंटल फसल

दो हजार की लागत से कमा रहे 16 हजार
लोकेश बताते हैं कि उन्होंने एक बीघे में इसकी फसल तैयार की है। अगले सीजन वह पूरे खेत में इसे लगाएंगे। उन्होंने बताया कि एक बीघा में इसकी फसल तैयार करने में दो हजार रुपये की लागत आई है और 15 क्विंटल की पैदावार हुई है। बाजार में यह 9 से 10 रुपये के बीच बिक रही है। इस तरह अब तक वह लागत से आठ गुना यानी 16 हजार का मुनाफा कमा चुके हैं।

मार्च में की बुआई अप्रैल में तैयार हो गई लाल भिंडी की फसल।
मार्च में की बुआई अप्रैल में तैयार हो गई लाल भिंडी की फसल।

शुरुआत में बनना पड़ा था हंसी का पात्र, अब लोग कर रहे डिमांड
लोकेश ने बताया कि जब पहली फसल हुई और लोगों को लाल भिंडी दिखाई तो हंसी का पात्र बनना पड़ा। इसके बाद उन्होंने लोगों को इसके फायदे बताए और एक पाव भिंडी सैंपल के तौर पर दी। जब लोगों ने इसे खाकर इसकी जमकर तारीफ की। देखते-देखते इसकी माँग बढ़ती गई। फिलहाल वह खुद ही इसकी मार्केटिंग और सप्लाई करते हैं। इसके लिए उन्होंने आधा किलो और एक किलो के पैकेट तैयार किए हैं, जिसमें उनका नंबर भी लिखा हुआ है, जिसे जरूरत होती वह फोन करके आर्डर दे देता हैं। वह उसके घर लाल भिंडी की होम डिलीवरी कर देते हैं।

होम डिलीवरी के लिए एक किलो और आधा किलो के पैकेट तैयार कर कर रहे लोकेश कुमार।
होम डिलीवरी के लिए एक किलो और आधा किलो के पैकेट तैयार कर कर रहे लोकेश कुमार।

10 रुपये में मिल रहा सेब के बराबर आयरन
लोकेश बताते हैं कि कोरोना वैश्विक महामारी के बाद से लोगों के सामने खुद को फ़िट रखना सबसे बड़ी चुनौती है। इसके लिए आयरन सबसे जरूरी है, जो कि सबसे ज़्यादा सेब से मिलता है। लेकिन, सेब के बढ़ते दाम आम आदमी पहुंच से बाहर होते जा रहे हैं। ऐसे में यह लाल भिंडी शरीर से आयरन की कमी को पूरा करेगी। हरी भिंडी की अपेक्षा लाल भिंडी में लेश कम होता है, इससे यह जल्दी पच जाती है।

प्रगतिशील किसान हैं लोकेश
फिरोजाबाद के लोकेश क्षेत्र के प्रगतिशील किसान है। वह हर सीज़न अपने खेतों में उन्नत फसल तैयार करते हैं। इसके लिए वह देश में जगह-जगह लगने वाले कृषि मेलों से बीज लाते है। अपने खेत में फसल तैयार करने के बाद वह क्षेत्र के किसानों को भी इसके लिए प्रेरित करते हैं और हर संभव मदद करते हैं। पिछले सीजन लोकेश ने जैविक खाद से आर्गैनिक दाल, गेहूँ और काला गेहूं उगाया था।

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