नोएडा में बनेगा प्रदेश का पहला डबल डेकर एक्सप्रेस वे:2 हजार करोड़ होंगे खर्च, दिल्ली से बिना जाम करेंगे लखनऊ तक का सफर

नोएडा2 महीने पहले
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नोएडा ग्रेटरनोएडा एक्सप्रेस का वो प्वाइंट जहां से बनेगी एलिवेटड - Dainik Bhaskar
नोएडा ग्रेटरनोएडा एक्सप्रेस का वो प्वाइंट जहां से बनेगी एलिवेटड

नोएडा एक्सप्रेस वे के ऊपर एक नया एक्सप्रेस वे बनाया जाएगा। नया एक्सप्रेस वे पूरी तरह से एलिवेटड होगा। एनएचएआई के साथ नोएडा प्राधिकरण ने इस पर विचार विमर्श शुरू कर दिया है। इसके लिए सलाहकार कंपनी का चयन किया जाएगा। इसके बाद इसकी फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार की जाएगी।

प्राधिकरण ने अपनी प्लानिंग में ये तय किया है कि डीएनडी और चिल्ला की ओर से आने वाले यातायात को शहर में बिना प्रवेश के सीधे यमुना एक्सप्रेस-वे पर उतारा जाए। इसके लिए ये डबल एक्सप्रेस वे कारगर होगा। इस एलिवेटड को महामाया फ्लाईओवर के पास से उठाकर सीधे सेक्टर-151 स्थित नोएडा प्रवेश द्वार पर उतारा जाए और एक स्लिप एलिवेटड जो सीधे यमुना एक्सप्रेस वे से जोड़ेगी बनाई जाए। ऐसे में जिनको सेक्टर-150 के पास उतरना है वे वहा से जा सकते है और जो सीधे आगरा या लखनऊ का ट्रैफिक है वे यमुना एक्सप्रेस वे पर चले जाए।

नोएडा ग्रेटरनोएडा एक्सप्रेस वे का एंट्री प्वाइंट
नोएडा ग्रेटरनोएडा एक्सप्रेस वे का एंट्री प्वाइंट

दरअसल, ये योजना 10 लाख से ज्यादा वाहनों को बिना जाम के प्रदेश के अन्य शहरों से जोड़ने की है। इनको नोएडा एक्सप्रेस वे पर हैवी ट्रैफिक की वजह से जाम झेलना पड़ता है। इसके बनने से सिर्फ वहीं ट्रैफिक जो नोएडा दिल्ली से ग्रेटर नोएडा ये नोएडा के अन्य सेक्टरों को जाना चाहते है वह पुराने एक्सप्रेस का प्रयोग कर सकते है।

खास ये है कि चिल्ला पर एक एलिवेटड प्रस्तावित है। दिल्ली से आने वाला ट्रैफिक इस एलिवेटड के जरिए महामाया फ्लाईओवर के पास उतरेगा या प्लान ये भी है कि यहां एक लूप बनाकर ट्रेफिक को सीधे एलिवेटेड एक्सप्रेस वे पर चढ़ाया जाए। इसकी फिजिबिलिटी देखी जाएगी।

प्राधिकरण के अनुमान के मुताबिक ये एलिवेटड करीब 20 किमी की होगी। एक किलोमीटर एलिवेटड ट्रैक बनाने में करीब 100 करोड़ रुपए का खर्चा आता है ऐसे में इस प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत करीब 2 हजार करोड़ रुपए के आसपास हो सकती है। बताया गया कि प्रपोजल तैयार कर इसे बोर्ड में रखा जाएगा। इसके बाद शासन को भेजा जाएगा। वहां से एप्रूवल के बाद ही आगे की कार्यवाही की जाएगी।

अब देखते है वर्तमान स्थिति

  • नोएडा ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेस वे नोएडा में 20 किमी लंबा
  • आठ लेन का बनाया गया है एक्सप्रेस वे
  • रोजाना 10 लाख से ज्यादा वाहन इस एक्सप्रेस वे का प्रयोग करते है।
  • ताज और लखनऊ एक्सप्रेस वे के बनने से इसकी उपयोगिता बढ़ गई है।
नोएडा प्राधिकरण का प्रशासनिक खंड का कार्यालय
नोएडा प्राधिकरण का प्रशासनिक खंड का कार्यालय

नोएडा ग्रेटरनोएडा एक्सप्रेस वे एक नजर में

  • नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेस-वे छह लेन का है
  • 24.53 किलो मीटर लंबा है।
  • यह वर्ष 2002 में शुरू हुआ था।
  • इसे बनाने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने तब 400 करोड़ रुपये खर्च किए थे।
  • अक्टूबर 2010 में दिल्ली-एनसीआर ने कामनवेल्थ गेम्स की मेजबानी की थी।
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